आजमगढ़। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जहां पूरा देश राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ आजादी का पर्व मना रहा है, वहीं आजमगढ़ के विकासखंड महाराजगंज स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शंकरपुर में राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य केंद्र परिसर में ध्वजारोहण किया गया, लेकिन तिरंगे को उल्टा फहराया गया। घटना की तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें राष्ट्रीय ध्वज की स्थिति स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्र जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में राष्ट्रीय ध्वज के साथ इस प्रकार की लापरवाही को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इतना ही नहीं, ध्वजारोहण कार्यक्रम समाप्त होने के बाद स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया गया और कर्मचारी वहां से चले गए। ऐसे में सवाल यह भी उठता है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर सरकारी स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाएं किस प्रकार संचालित की गईं और क्या निर्धारित समय तक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध रहीं।
राष्ट्रीय ध्वज के प्रदर्शन को लेकर Flag Code of India, 2002 (भारतीय ध्वज संहिता) में स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय ध्वज को सम्मानजनक ढंग से और निर्धारित नियमों के अनुरूप फहराया जाना आवश्यक है। वहीं Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 में राष्ट्रीय ध्वज के अपमान से संबंधित कानूनी प्रावधान मौजूद हैं। हालांकि इस मामले में किसी आपराधिक प्रावधान का उल्लंघन हुआ है या नहीं, इसका निर्धारण सक्षम अधिकारी द्वारा जांच के बाद ही किया जा सकता है।
एक तरफ सरकार और प्रशासन द्वारा ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के माध्यम से लोगों को राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान एवं जागरूकता का संदेश दिया जा रहा है, तो दूसरी तरफ सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में ही तिरंगे को उल्टा फहराए जाने की तस्वीरें सामने आना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन इस मामले को संज्ञान में लेकर जांच कराते हैं या नहीं और यदि लापरवाही की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाती है।