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Photo: Azamgarh Triple Murder: After murder of three including wife, children taken hostage, accused killed...
अपराध

आजमगढ़ ट्रिपल मर्डर: पत्नी समेत तीन की हत्या के बाद बच्चों को बनाया बंधक, पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी की मौत

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| | 👁️ 47 | 📍 Azamgarh

आजमगढ़ के शम्भूपुर में पत्नी समेत तीन की हत्या के बाद बच्चों को बंधक बनाने वाले आरोपी की पुलिस की जवाबी फायरिंग में मौत, दो बच्चों को सकुशल बचाया गया।

आजमगढ़। अहरौला थाना क्षेत्र के ग्राम शम्भूपुर में मंगलवार शाम हुई तीन हत्याओं के बाद करीब सात घंटे तक चले हाईवोल्टेज घटनाक्रम का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी अरविंद कुमार ने अपनी पत्नी बबिता सिंह समेत तीन लोगों की गोली मारकर हत्या करने के बाद अपने तीन बच्चों को कमरे में बंधक बना लिया था। बच्चों को सुरक्षित निकालने के लिए कमरे में दाखिल हुई पुलिस टीम पर आरोपी ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में आरोपी अरविंद घायल हो गया, जिसे अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

पत्नी और दो अन्य लोगों की गोली मारकर हत्या

पुलिस के अनुसार 22 सितंबर 2026 को शम्भूपुर गांव में अरविंद कुमार पुत्र त्रिपुरारी सिंह ने अपनी पत्नी बबिता सिंह और धार्मिक अनुष्ठान में शामिल अखिलेश मिश्रा तथा महेन्द्र पाठक को गोली मार दी। गोली लगने से तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।

बताया गया कि अरविंद के घर पर पांच दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान कराया जा रहा था। घटना के दिन अनुष्ठान का चौथा दिन था। परिजनों ने पुलिस को बताया कि अरविंद की मानसिक स्थिति पहले से ठीक नहीं रहती थी और परिवार के लोग उसकी परेशानी को भूत-प्रेत की बाधा से जोड़कर देख रहे थे। इसी वजह से उसकी मानसिक स्थिति में सुधार के लिए धार्मिक अनुष्ठान कराया जा रहा था।

तीन बच्चों को कमरे में लेकर बंद हुआ आरोपी

तीन हत्याओं के बाद अरविंद अपने तीन बच्चों और लाइसेंसी हथियार के साथ घर के एक कमरे में बंद हो गया। पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण करने और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार समझाने का प्रयास किया। परिजनों और रिश्तेदारों ने भी आरोपी से बातचीत की, लेकिन पुलिस के मुताबिक वह बार-बार बच्चों को गोली मारने की धमकी देता रहा।

करीब सात घंटे तक पुलिस आरोपी को समझाने का प्रयास करती रही। इसी दौरान कमरे के अंदर से अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई दी। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करने का फैसला लिया।

कमरे में घुसते ही पुलिस टीम पर फायरिंग

पुलिस के मुताबिक एसएसपी आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार, एसओजी प्रभारी संजय सिंह और आरक्षी प्रदीप ने अपनी जान जोखिम में डालकर कमरे का दरवाजा तोड़ा और अंदर प्रवेश किया। वहां आरोपी का नौ वर्षीय पुत्र शौर्य सिंह गोली लगने से गंभीर रूप से घायल मिला।

पुलिस ने बच्चे को तत्काल लाइफ लाइन अस्पताल, आजमगढ़ भेजा, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

इसी दौरान पुलिस के अनुसार आरोपी अरविंद ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। बच्चों की सुरक्षा और आत्मरक्षा में पुलिस टीम ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें अरविंद घायल हो गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

दो बच्चों को पुलिस ने सुरक्षित निकाला

पुलिस टीम ने कार्रवाई के दौरान आरोपी की 10 वर्षीय पुत्री परी और छह माह की पुत्री को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पुलिस के मुताबिक बड़ी बेटी की कोहनी के पास मामूली खरोंच आई है, जबकि दोनों बच्चे सुरक्षित हैं।

पुलिस ने बताया कि बच्चों को सुरक्षित निकालना पूरे ऑपरेशन की प्राथमिकता थी। अधिकारियों के मुताबिक पुलिस टीम ने अपनी जान जोखिम में डालकर दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला।

वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर संभाली कमान

घटना की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी जोन नवीन अरोड़ा और उपमहानिरीक्षक, आजमगढ़ परिक्षेत्र सुनील कुमार सिंह कई घंटे तक घटनास्थल पर मौजूद रहे। दोनों अधिकारियों ने मौके पर पुलिस टीम को लगातार दिशा-निर्देश दिए।

पुलिस के मुताबिक वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन और टीम की तत्परता से दो बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सका।

पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच जारी

पुलिस मुठभेड़ में मारे गए आरोपी अरविंद कुमार समेत अन्य मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम ने भी जांच शुरू कर दी है।

पुलिस घटना में इस्तेमाल हथियारों, फायरिंग के क्रम और पूरे घटनाक्रम से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई जारी है। पुलिस के अनुसार फिलहाल मौके पर कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य है।

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