आजमगढ़। मुबारकपुर थाना क्षेत्र के बिजरवां गांव के पास मंगलवार की रात आजमगढ़-गोरखपुर मुख्य मार्ग पर 35 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर मुकेश यादव का खून से लथपथ शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक के परिजनों ने भूमि विवाद और राजनीतिक रंजिश को हत्या की वजह बताते हुए बिलरियागंज ब्लॉक प्रमुख रमेश यादव, उनके छोटे भाई समेत कुल छह लोगों के खिलाफ हत्या की तहरीर दी है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बिजरवां गांव निवासी मुकेश यादव प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते थे। परिजनों के मुताबिक, गांव के कुछ लोगों से उनका लंबे समय से भूमि विवाद चल रहा था। इस विवाद के निस्तारण के लिए मुकेश ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई थी। बताया जा रहा है कि मुकेश आगामी पंचायत चुनाव में ब्लॉक प्रमुख रमेश यादव के खिलाफ क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) का चुनाव लड़ने की तैयारी भी कर रहे थे। ऐसे में घटना के पीछे भूमि विवाद के साथ राजनीतिक रंजिश की आशंका भी जताई जा रही है।
परिजनों के अनुसार, मंगलवार की रात मुकेश अपने भाई अरविंद और शैलेश के साथ बिजरवां स्थित पुराने मकान पर बैठे थे। कुछ देर बाद वह बाइक से नए मकान के लिए निकले। आरोप है कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे अंडरपास के पास रास्ते में उन्हें घेरकर लोहे की रॉड से हमला किया गया। शोर सुनकर पहुंचे परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के भाई की तहरीर पर छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें बिलरियागंज ब्लॉक प्रमुख रमेश यादव और उनके छोटे भाई का नाम भी शामिल बताया गया है।
मुबारकपुर थानाध्यक्ष शशिचंद चौधरी के अनुसार, मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म है, जबकि मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।


