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Photo: Picture of shabby blankets in Sagdi tehsil raised questions, government material got spoiled after g...

सगड़ी तहसील में बदहाल कंबलों की तस्वीर ने उठाए सवाल, बरसात में भीगकर खराब हुई सरकारी सामग्री

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| | 👁️ 19 | 📍 सगड़ी

आजमगढ़ की सगड़ी तहसील के जर्जर भवन में बरसात में भीगकर खराब हुए पुराने कंबलों ने सरकारी सामग्री के रखरखाव और जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आजमगढ़। एक तरफ ठंड से बचाव के लिए गरीब और जरूरतमंद कंबलों की आस लगाए रहते हैं, तो दूसरी तरफ सगड़ी तहसील मुख्यालय के एक पुराने जर्जर भवन में रखे कंबलों की बदहाल तस्वीर सामने आई है। भवन में अस्त-व्यस्त पड़े कंबलों ने सरकारी सामग्री के रखरखाव और उसकी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मामले में राजस्व निरीक्षक आपदा नरेंद्र बहादुर यादव ने बताया कि भवन में रखे कंबल पुराने हैं और बरसात के दौरान भीग जाने से खराब हो गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में आने वाले कंबलों को वितरण के लिए लेखपालों को सौंप दिया जाता है।

कंबल खराब हुए तो जिम्मेदारी किसकी?

मामले में राजस्व निरीक्षक आपदा नरेंद्र बहादुर यादव का कहना है कि कंबल बरसात में भीगने से खराब हुए, लेकिन सवाल यह है कि सरकारी सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए उचित इंतजाम क्यों नहीं किए गए? क्या जर्जर भवन में कंबल रखना उचित था? क्या समय रहते उनकी स्थिति की निगरानी की गई?

फिलहाल उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं है कि कितने कंबल खराब हुए और इस मामले में किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं। ऐसे में पूरे मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाना जरूरी है।

जांच और जवाबदेही जरूरी

सरकारी संसाधनों की खरीद के साथ उनका सुरक्षित भंडारण और समय पर उपयोग भी महत्वपूर्ण है। संबंधित अधिकारियों को कंबलों की संख्या, उनकी मौजूदा स्थिति और खराब सामग्री के निस्तारण की जानकारी स्पष्ट करनी चाहिए। यदि जांच में लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।

सवाल सीधा है—जब सरकारी कंबल बरसात में भीगकर खराब हो गए, तो उनकी सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे? जवाबदेही तय होने से ही ऐसी स्थिति दोबारा होने से रोकी जा सकती है।

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