आजमगढ़। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर बुधवार, 7 अक्टूबर को आजमगढ़ में ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ के तहत ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला कार्यालय के सामने स्थित कुंवर सिंह उद्यान में सुबह से ही सपा कार्यकर्ताओं का जुटना शुरू हो गया। देखते ही देखते पार्क कार्यकर्ताओं से भर गया और इसके बाद पार्टी ने मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया।
सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव और सांसद धर्मेंद्र यादव के नेतृत्व में निकाले गए मार्च में पार्टी नेताओं ने करीब 20 से 25 हजार कार्यकर्ताओं के शामिल होने का दावा किया। कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लेकर ‘ज्ञानेश कुमार हटाओ, लोकतंत्र बचाओ’, ‘भाजपा हटाओ, संविधान बचाओ’ और ‘अखिलेश यादव जिंदाबाद’ जैसे नारे लगाते हुए आगे बढ़े।
मार्च में कार्यकर्ताओं के हाथों में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर, डॉ. राम मनोहर लोहिया, मुलायम सिंह यादव, कांशीराम और अखिलेश यादव के चित्र भी नजर आए। कार्यक्रम के दौरान सपा ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।
धर्मेंद्र यादव समेत कई बड़े नेता रहे मौजूद
मार्च में सांसद धर्मेंद्र यादव, सांसद दरोगा प्रसाद सरोज, एमएलसी बलराम यादव, पूर्व मंत्री एवं विधायक दुर्गा प्रसाद यादव, एमएलसी शाह आलम गुड्डू जमाली, विधायक डॉ. संग्राम यादव, नफीस अहमद, अखिलेश यादव, बेचई सरोज, कमलाकांत राजभर, पूजा सरोज, डॉ. एचएन सिंह पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष विजय यादव, पूर्व सांसद नंद किशोर यादव और पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा समेत कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल रहे।
मार्च से पहले सांसद धर्मेंद्र यादव ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस, राहुल सांकृत्यायन, विश्राम राय और संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया।
धर्मेंद्र यादव ने चुनाव आयोग पर लगाए आरोप
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद धर्मेंद्र यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा मुख्य चुनाव आयुक्त के माध्यम से संविधान के अनुच्छेद 326 के प्रावधानों के विपरीत मनमाने ढंग से लोगों के वोट काट रही है।
धर्मेंद्र यादव ने कहा कि देश के सामने लोकतंत्र को बचाने का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर सदन तक अपनी आवाज उठाती रहेगी।
ये आरोप समाजवादी पार्टी की ओर से लगाए गए हैं। चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े दावों पर संबंधित चुनावी प्राधिकरण का पक्ष अलग हो सकता है।
ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन
कार्यक्रम के दौरान सपा के फ्रंटल संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर विरोध जताया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराते हुए नारेबाजी की।
सपा का ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ अभियान 2 से 8 अक्टूबर तक चलाया जा रहा है, जिसके तहत पार्टी अलग-अलग जिलों में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ मार्च और जनजागरण कार्यक्रम कर रही है।
आजमगढ़ में हुए इस कार्यक्रम के जरिए सपा ने एक तरफ अपने संगठन की ताकत दिखाने की कोशिश की, वहीं आगामी चुनावी माहौल से पहले मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया।


