आजमगढ़। कप्तानगंज पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान चोरी की घटनाओं में संलिप्त बताए जा रहे अंतरजनपदीय गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों के बाएं पैर में गोली लगी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिनेश कुमार उर्फ लकी निवासी हीरापट्टी और दीपक उर्फ देवदत्त गोड निवासी ब्रह्मस्थान कोइरान, थाना कोतवाली, आजमगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों के कब्जे से अवैध तमंचा, कारतूस, चोरी का सामान और वारदात में इस्तेमाल किया जाने वाला ऑटो रिक्शा बरामद हुआ है।
पुलिस के अनुसार, 18/19 अक्टूबर की रात थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार अपनी टीम के साथ देउरपुर से कोयलसा जाने वाले मार्ग पर जफरामऊ बाग तिराहे के पास संदिग्ध वाहनों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान एक ऑटो को रोकने का प्रयास किया गया। चालक ने वाहन की गति बढ़ा दी, लेकिन कुछ दूर जाकर ऑटो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे रुक गया। उसमें से निकले दो व्यक्तियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों घायल हो गए, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
जेल से छूटने के बाद फिर शुरू की चोरी
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि दोनों पहले भी चोरी की कई घटनाओं में जेल जा चुके हैं। पुराने साथी दिनेश से दीपक की मुलाकात कचहरी में मुकदमे की तारीख पर आने के दौरान हुई थी। इसके बाद दोनों ने फिर साथ मिलकर चोरी करना शुरू कर दिया। वे ऑटो से घूमकर ऐसे मकानों की पहचान करते थे, जहां नकदी और आभूषण मिलने की संभावना रहती थी। रात में मौका देखकर चोरी करने के बाद सामान आपस में बांट लेते थे।
पुलिस के मुताबिक, हाल ही में दोनों ने एकडंगी गांव के एक मकान से नकदी और आभूषण चोरी किए थे। चोरी के बाद दिनेश ने आभूषण सुरक्षित स्थान पर रख दिए थे। गिरफ्तारी के समय दोनों कथित तौर पर उसी सामान को लेने जा रहे थे।
पुराने मामलों में भी रहे हैं आरोपी
पुलिस के अनुसार, दिनेश के खिलाफ चोरी, वाहन चोरी, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट सहित 16 मुकदमे या प्रकरण दर्ज हैं, जबकि दीपक के खिलाफ 13 मुकदमों का आपराधिक इतिहास बताया गया है। दोनों के नाम आजमगढ़ के अलावा मऊ और गाजीपुर जनपदों में दर्ज मामलों में भी सामने आए हैं। वर्ष 2022 में सिधारी पुलिस की कार्रवाई के दौरान चोरी के 16 मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद होने के मामले में भी दोनों के शामिल होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
फिलहाल पुलिस मुठभेड़, अवैध असलहों की बरामदगी और चोरी की अन्य घटनाओं के संबंध में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में सामने आए तथ्यों की जांच जारी है।


