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राजनीति

Next Trade Scam Exclusive: आजमगढ़ पुलिस के हत्थे चढ़ा कोटक बैंक का 'डिप्टी मैनेजर' निकला सरगना! 1 करोड़ की ठगी का Inside Story

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| 📅 05 Feb 2026, 09:58 AM | 👁️ 51

खाकी की रडार पर 'सफेदपोश' लुटेरे: फेसबुक पर विज्ञापन, ऐप पर मुनाफा और बैंक में 'सेंधमारी'... पढ़िए कैसे उज्जैन-इंदौर के हाईप्रोफाइल ठगों ने रची थी लूट की पूरी स्क्रिप्ट।

न्यूज़ डेस्क, आजमगढ़:

आजमगढ़ में साइबर अपराध की दुनिया में अब तक का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिस बैंक पर आप अपनी गाढ़ी कमाई की सुरक्षा का भरोसा करते हैं, अगर उसी बैंक का 'डिप्टी मैनेजर' लुटेरों का सरगना बन जाए तो आप क्या करेंगे? जी हां, आजमगढ़ साइबर थाना पुलिस ने 'NEXT TRADE Scam' नामक फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए चल रहे एक ऐसे सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसके तार सीधे बैंकिंग सिस्टम के उच्च अधिकारियों से जुड़े हैं।

​पुलिस ने मध्य प्रदेश के उज्जैन और इंदौर में छापेमारी कर दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती—असली खेल तो अब शुरू हुआ है।

ASP विवेक त्रिपाठी का बड़ा धमाका: "बैंक के अंदर से चल रहा था खेल"

इस पूरे मामले पर अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात) और साइबर क्राइम के नोडल अधिकारी श्री विवेक त्रिपाठी ने एक सनसनीखेज बयान जारी किया है। एएसपी ने साफ कर दिया है कि यह महज कुछ हजार की ठगी नहीं, बल्कि एक सोचा-समझा 'कॉर्पोरेट फ्रॉड' है।

ASP विवेक त्रिपाठी ने अपने आधिकारिक वक्तव्य में कहा:

"विवेचना में बेहद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में से एक बैंक कर्मी है, लेकिन जांच में कोटक महिंद्रा बैंक (इंदौर) के डिप्टी मैनेजर गोपाल भदौरिया की मुख्य भूमिका सामने आई है। एक डिप्टी मैनेजर का ठगी के गिरोह में शामिल होना यह बताता है कि यह नेटवर्क कितना गहरा है। हमें आशंका है कि इस फ्रॉड का आंकड़ा कई करोड़ों में जा सकता है। पुलिस कई और अहम बिंदुओं पर जांच कर रही है और जल्द ही इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य 'बड़े नामों' का पर्दाफाश किया जाएगा।"

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क्या है 'NEXT TRADE' का काला सच?

पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई ने ठगों की कमर तोड़ दी है। गिरोह का तरीका बेहद हाईटेक था। ये फेसबुक पर 'NEXT TRADE' का लुभावना विज्ञापन चलाते थे। आजमगढ़ के बदरका निवासी अशोक कुमार अग्रवाल इसी जाल में फंसे और मुनाफे के चक्कर में 8.99 लाख रुपये गंवा दिए।

बैंक कर्मियों का 'खूनी' गठजोड़

गिरफ्तार आरोपी अंकेश धाकड़ (इंदौर) और इन्द्रजीत डे (उज्जैन) ने पुलिस पूछताछ में जो उगला, उससे पुलिस भी सन्न रह गई। अंकेश और फरार डिप्टी मैनेजर गोपाल बैंक के अंदर से 'म्यूल अकाउंट' (फर्जी खाते) तैयार करते थे। वे खाताधारकों से पहले ही ब्लैंक चेक पर साइन करवा लेते थे। जैसे ही शिकार (पीड़ित) पैसा ट्रांसफर करता, बैंक में बैठे ये 'सफेदपोश ठग' चेक के जरिए तुरंत कैश निकाल लेते थे।

12 राज्यों में फैला जाल, 1 करोड़ का हिसाब मिला

फिलहाल पुलिस को 1 करोड़ रुपये की ठगी का हिसाब मिला है, लेकिन देशभर से आई 12 शिकायतों और एएसपी के बयान के मुताबिक, यह आंकड़ा बहुत बड़ा हो सकता है। पुलिस ने इनके पास से 3 मोबाइल, चेकबुक और एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। फरार चल रहे डिप्टी मैनेजर गोपाल और यस बैंक कर्मी प्रीतम की तलाश में दबिश दी जा रही है।

पुलिस की चेतावनी

साइबर थाना प्रभारी देवेन्द्र प्रताप सिंह ने साफ किया है कि .APK फाइल किसी भी सूरत में डाउनलोड न करें। लालच देकर फंसाने वाले ऐसे ऐप आपकी पूरी जिंदगी की कमाई एक झटके में साफ कर सकते हैं।

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