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विकास
सोनौरा खरैलिया ढाला पर महासंग्राम! पुल की मांग को लेकर सैकड़ों ग्रामीणों का जोरदार विरोध, वोट बहिष्कार की चेतावनी
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|📅 14 Sep 2026, 02:06 PM|👁️ 19|📍 Azamgarh
रिपोर्ट ध्यानचंद यादव
आजमगढ़। विधानसभा क्षेत्र सगड़ी 345 के अंतर्गत सोनौरा खरैलिया ढाला पर सोमवार को माहौल तब गर्मा गया जब सरयू नदी की छोटी शाखा सौनोवरा पर पक्का पुल न होने से नाराज सैकड़ों बाढ़ पीड़ित ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने एक स्वर में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर पुल नहीं बना तो आने वाले चुनाव में वोट नहीं देंगे।
इस आंदोलन का नेतृत्व युवा समाजसेवी धनंजय यादव और जितेंद्र यादव ने किया। उन्होंने कहा कि यह समस्या आज की नहीं है, बल्कि दशकों पुरानी है। हर साल बरसात के मौसम में बाढ़ का पानी गांवों में घुस जाता है और सोनौरा खरैलिया ढाला का संपर्क पूरी तरह से टूट जाता है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है, किसानों की हजारों बीघा फसल डूब जाती है और सबसे बड़ी समस्या मरीजों को होती है, जिन्हें खाट पर लादकर नदी पार करानी पड़ती है।
ग्रामीणों की इस जायज मांग को अब भुवरअखाड़ा जीयनपुर बाढ़ पीड़ित सामाजिक संगठन ने भी अपना पूरा समर्थन दे दिया है। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन इस क्षेत्र की इस बड़ी समस्या की ओर किसी का ध्यान नहीं जाता। अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की और प्रशासन से जल्द से जल्द पुल निर्माण की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार विधायक, सांसद और जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया है, लेकिन केवल आश्वासन ही मिला है, धरातल पर कोई काम नहीं हुआ।
इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से धनंजय यादव, जितेंद्र यादव, राजू मिश्रा, अमीत चंद्र, दीपक पटेल, दयाराम, सुनील, प्रमोद, शैलेंद्र यादव, धर्मेन्द्र यादव, उमेश, रवि सहित सैकड़ों की संख्या में बुजुर्ग, महिलाएं और युवा मौजूद रहे।
जितेंद्र यादव | संपादक द पब्लिक एक्सप्रेस
मै पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हू। मैने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के कई प्रतिष्ठित संस्थानों के लिए काम करते हुए जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है। स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, राजनीति, प्रशासन और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरों को करीब से कवर करने का उनका लंबा अनुभव है। मेरा मानना है कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर पहुंचाना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक तस्वीर सामने रखना और जनता की आवाज को जिम्मेदारी के साथ उठाना है।