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अपराध
कूटरचित दस्तावेजों से शस्त्र लाइसेंस बनवाने का मामला, मुंबई से आरोपी गिरफ्तार
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|📅 05 Oct 2026, 03:07 PM|👁️ 30|📍 Azamgarh
निजामाबाद पुलिस ने मुंबई से इबराक खान को दबोचा, रिवाल्वर और 33 जिंदा कारतूस बरामद
आजमगढ़। निजामाबाद थाना क्षेत्र के मिर्जापुर गांव के पते पर कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर शस्त्र लाइसेंस बनवाने के मामले में पुलिस ने मुंबई से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने ओशिवरा इलाके में दबिश देकर इबराक खान को पकड़ा। उसके पास से 32 बोर की रिवाल्वर, 33 जिंदा कारतूस और दो खोखे बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले की शुरुआत 29 सितंबर को मिली सूचना के बाद हुई। जांच में पता चला कि मुंबई में रहने वाले इबराक खान को मिर्जापुर गांव का निवासी दिखाकर उसके नाम पर परिवार रजिस्टर, स्कूल का प्रमाणपत्र और दूसरे दस्तावेज तैयार कराए गए। इन्हीं कागजात के आधार पर वर्ष 2010 में उसके नाम से मिर्जापुर के पते पर शस्त्र लाइसेंस जारी हुआ था।
जांच के दौरान पुलिस को परिवार रजिस्टर की नकल और जूनियर हाईस्कूल के स्थानांतरण प्रमाणपत्र समेत कुछ दस्तावेजों के फर्जी होने की जानकारी मिली। इन कागजात के आधार पर आधार कार्ड, वोटर आईडी और दूसरे दस्तावेज बनवाए जाने की भी बात सामने आई है।
मुंबई पहुंची पुलिस टीम
मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद निजामाबाद पुलिस की टीम आरोपी की तलाश में मुंबई पहुंची। एक अक्टूबर को ओशिवरा थाना पुलिस की मदद से उसके ठिकाने पर दबिश दी गई। यहां इबराक खान पुलिस के हाथ लग गया।
तलाशी के दौरान उसके पास से आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और पैन कार्ड मिले। इसके अलावा उसके कब्जे से लाइसेंसी रिवाल्वर, 33 जिंदा कारतूस और दो खोखे बरामद किए गए। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर मुंबई की अदालत में पेश किया, जहां से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद चार अक्टूबर को आरोपी को आजमगढ़ लाया गया।
एक और व्यक्ति के नाम भी इसी पते से लाइसेंस
जांच में पुलिस को एक और नाम शाहिद मोहम्मद खान का मिला है। पुलिस के अनुसार, उसके नाम पर भी वर्ष 2010 में ग्राम मिर्जापुर के पते से शस्त्र लाइसेंस जारी हुआ था। उसके दस्तावेजों में भी कथित तौर पर फर्जी कागजात के इस्तेमाल की बात सामने आई है।
पुलिस की जांच में गांव के रहने वाले मिर्जा अयाज बेग की भूमिका भी सामने आई है। आरोप है कि वह बाहर रहने वाले लोगों को गांव का निवासी दिखाकर उनके दस्तावेज तैयार कराने में मदद करता था। पुलिस के अनुसार, अयाज बेग, उसकी पत्नी, बेटे और भाइयों के नाम कुल आठ शस्त्र लाइसेंस होने की जानकारी भी जांच में मिली है।
फिलहाल पुलिस मामले में जुड़े दूसरे लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। उनकी गिरफ्तारी के लिए भी दबिश दी जा रही है।
निजामाबाद थाने में मामले को लेकर मुकदमा अपराध संख्या 245/2026 दर्ज है। इसमें बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं।
जितेंद्र यादव | संपादक द पब्लिक एक्सप्रेस
मै पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हू। मैने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के कई प्रतिष्ठित संस्थानों के लिए काम करते हुए जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है। स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, राजनीति, प्रशासन और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरों को करीब से कवर करने का उनका लंबा अनुभव है। मेरा मानना है कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर पहुंचाना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक तस्वीर सामने रखना और जनता की आवाज को जिम्मेदारी के साथ उठाना है।