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राजनीति

आजमगढ़: रजिस्ट्री के बाद 4 लाख रुपये बकाया, पीड़ित ने धमकी का लगाया आरोप

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| 📅 22 Apr 2026, 04:50 PM | 👁️ 54

आजमगढ़ के अतरौलिया क्षेत्र में जमीन और मकान की रजिस्ट्री के बाद 4 लाख रुपये बकाया न मिलने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने भुगतान मांगने पर धमकी दिए जाने का आरोप लगाया है और प्रशासन से हस्तक्षेप व सुर

आजमगढ़ के अतरौलिया क्षेत्र में जमीन और मकान की रजिस्ट्री के बाद 4 लाख रुपये बकाया न मिलने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने भुगतान मांगने पर धमकी दिए जाने का आरोप लगाया है और प्रशासन से हस्तक्षेप व सुर

आजमगढ़। जनपद के अतरौलिया थाना क्षेत्र अंतर्गत सेल्हरापट्टी गांव निवासी बालमुकुंद ने जमीन और मकान की रजिस्ट्री के बाद बकाया रकम न मिलने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित के अनुसार, उन्होंने 7 नवंबर 2025 को अपने गांव की निवासी नजमा बेगम पत्नी स्वर्गीय शौकत अली के नाम अपनी जमीन और मकान का बैनामा (रजिस्ट्री) किया था। रजिस्ट्री के दौरान स्टांप पेपर में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि कुल सौदे में से 4 लाख रुपये बकाया हैं, जिनका भुगतान निर्धारित समय के भीतर किया जाना था। बालमुकुंद का कहना है कि मकान में लगे आरओ पानी प्लांट का भुगतान रजिस्ट्री के कुछ दिनों बाद कर दिया गया था, हालांकि यह बात स्टांप पेपर में दर्ज नहीं थी। इसके बावजूद स्टांप पेपर में लिखी 4 लाख रुपये की बकाया राशि आज तक नहीं दी गई। पीड़ित ने आरोप लगाया कि तय समय बीतने के बाद जब उन्होंने कई बार बकाया रकम के लिए संपर्क किया, तो उन्हें लगातार टालमटोल किया गया। इतना ही नहीं, पैसे की मांग करने पर उन्हें और उनके परिवार को धमकी देकर परेशान भी किया जा रहा है। मामले को लेकर पीड़ित ने तहसील बुढ़नपुर में आपत्ति दर्ज कराई है, जहां मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद कथित उत्पीड़न जारी रहने से पीड़ित ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। पीड़ित ने मांग की है कि स्टांप पेपर में दर्ज 4 लाख रुपये की बकाया राशि दिलाई जाए और उसे व उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।
आजमगढ़। जनपद के अतरौलिया थाना क्षेत्र अंतर्गत सेल्हरापट्टी गांव निवासी बालमुकुंद ने जमीन और मकान की रजिस्ट्री के बाद बकाया रकम न मिलने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित के अनुसार, उन्होंने 7 नवंबर 2025 को अपने गांव की निवासी नजमा बेगम पत्नी स्वर्गीय शौकत अली के नाम अपनी जमीन और मकान का बैनामा (रजिस्ट्री) किया था। रजिस्ट्री के दौरान स्टांप पेपर में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि कुल सौदे में से 4 लाख रुपये बकाया हैं, जिनका भुगतान निर्धारित समय के भीतर किया जाना था। बालमुकुंद का कहना है कि मकान में लगे आरओ पानी प्लांट का भुगतान रजिस्ट्री के कुछ दिनों बाद कर दिया गया था, हालांकि यह बात स्टांप पेपर में दर्ज नहीं थी। इसके बावजूद स्टांप पेपर में लिखी 4 लाख रुपये की बकाया राशि आज तक नहीं दी गई। पीड़ित ने आरोप लगाया कि तय समय बीतने के बाद जब उन्होंने कई बार बकाया रकम के लिए संपर्क किया, तो उन्हें लगातार टालमटोल किया गया। इतना ही नहीं, पैसे की मांग करने पर उन्हें और उनके परिवार को धमकी देकर परेशान भी किया जा रहा है। मामले को लेकर पीड़ित ने तहसील बुढ़नपुर में आपत्ति दर्ज कराई है, जहां मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद कथित उत्पीड़न जारी रहने से पीड़ित ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। पीड़ित ने मांग की है कि स्टांप पेपर में दर्ज 4 लाख रुपये की बकाया राशि दिलाई जाए और उसे व उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।

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