🏆 लीडरबोर्ड 🔐 Login 📝 Register
📸 कोई मुख्य फोटो नहीं
राजनीति

Azamgarh Encounter: तड़के 3 बजे 'ठायं-ठायं'! गौकशी करने निकले हिस्ट्रीशीटर का पुलिस ने कर दिया 'इलाज', पैर में लगी गोली

Share:
| 📅 07 Feb 2026, 04:14 AM | 👁️ 54

🔫 आजमगढ़: "रुको वरना गोली..." और फिर धांय-धांय! अहरौला के जंगलों में आज सुबह 3 बजे जो हुआ, उससे अपराधी थर्रा गए। पुलिस ने घेरा तो बदमाशों ने खोल दी फायरिंग। जवाब में पुलिस की गोली ने हिस्ट्री

🔫 आजमगढ़: "रुको वरना गोली..." और फिर धांय-धांय! अहरौला के जंगलों में आज सुबह 3 बजे जो हुआ, उससे अपराधी थर्रा गए। पुलिस ने घेरा तो बदमाशों ने खोल दी फायरिंग। जवाब में पुलिस की गोली ने हिस्ट्री

आजमगढ़ (Azamgarh)। जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ पुलिस का 'ऑपरेशन लंगड़ा' (Operation Langda) जारी है। शनिवार (7 फरवरी 2026) की सुबह करीब 2:40 बजे अहरौला पुलिस (Ahraula Police) और गोतस्करों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक शातिर हिस्ट्रीशीटर बदमाश के पैर में गोली लगी है, जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।

​गिरफ्तार बदमाश की पहचान जाकिर उर्फ शैफ (निवासी माहुल, अहरौला) के रूप में हुई है, जिस पर हत्या और गैंगस्टर एक्ट जैसे आधा दर्जन से ज्यादा संगीन मुकदमे दर्ज हैं।

तरकूलहा मोड़ पर हुई मुठभेड़

​एसपी आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अहरौला थानाध्यक्ष अमित कुमार मिश्र अपनी टीम के साथ रात्रि गश्त और चेकिंग कर रहे थे। तभी मुखबिर से सूचना मिली कि सहराजा मोड़ से निजामपुर होते हुए दो गोतस्कर किसी घटना को अंजाम देने जा रहे हैं।

पुलिस ने ग्राम तरकूलहा के पास घेराबंदी की। खुद को घिरता देख बाइक सवार बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने पहले सरेंडर की चेतावनी दी, लेकिन बदमाशों के न मानने पर आत्मरक्षार्थ गोली चलाई।

इसमें बदमाश जाकिर के दाहिने पैर में गोली लगी और वह गिर पड़ा। वहीं, उसका साथी दिलशाद उर्फ लालू (निवासी माहुल) अंधेरे का लाभ उठाकर भागने में सफल रहा।

सुनसान जगहों पर काटते थे गोवंश

​पूछताछ में घायल जाकिर ने कबूला कि वे देर रात का समय चुनते थे और आवारा पशुओं को पकड़कर सुनसान इलाकों या नदी किनारे ले जाकर काट देते थे। मांस को ऊँचे दामों पर बेचा जाता था और अवशेषों को जमीन में गाड़ देते थे ताकि सबूत न मिले।

बदमाश की कुंडली (Criminal History)

​पुलिस के मुताबिक, जाकिर अहरौला थाने का हिस्ट्रीशीटर (HS 30A) है। उस पर अब तक कुल 8 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें:

  • हत्या (302 IPC): वर्ष 2016 में दर्ज।
  • गैंगस्टर एक्ट: दो बार (2017 और 2023 में) कार्रवाई हो चुकी है।
  • गोवध अधिनियम: कई बार जेल जा चुका है।

बरामदगी:

मौके से एक अवैध तमंचा (.315 बोर), कारतूस और घटना में प्रयुक्त बिना नंबर प्लेट की एक सुपर स्प्लेंडर बाइक बरामद हुई है। घायल को इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर किया गया है।

इस साहसिक कार्य में थानाध्यक्ष अमित कुमार मिश्र, चौकी प्रभारी माहुल यश सिंह पटेल, एसआई नितेश कुमार चौबे और उनकी टीम शामिल रही।

आजमगढ़ (Azamgarh)। जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ पुलिस का 'ऑपरेशन लंगड़ा' (Operation Langda) जारी है। शनिवार (7 फरवरी 2026) की सुबह करीब 2:40 बजे अहरौला पुलिस (Ahraula Police) और गोतस्करों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक शातिर हिस्ट्रीशीटर बदमाश के पैर में गोली लगी है, जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।

​गिरफ्तार बदमाश की पहचान जाकिर उर्फ शैफ (निवासी माहुल, अहरौला) के रूप में हुई है, जिस पर हत्या और गैंगस्टर एक्ट जैसे आधा दर्जन से ज्यादा संगीन मुकदमे दर्ज हैं।

तरकूलहा मोड़ पर हुई मुठभेड़

​एसपी आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अहरौला थानाध्यक्ष अमित कुमार मिश्र अपनी टीम के साथ रात्रि गश्त और चेकिंग कर रहे थे। तभी मुखबिर से सूचना मिली कि सहराजा मोड़ से निजामपुर होते हुए दो गोतस्कर किसी घटना को अंजाम देने जा रहे हैं।

पुलिस ने ग्राम तरकूलहा के पास घेराबंदी की। खुद को घिरता देख बाइक सवार बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने पहले सरेंडर की चेतावनी दी, लेकिन बदमाशों के न मानने पर आत्मरक्षार्थ गोली चलाई।

इसमें बदमाश जाकिर के दाहिने पैर में गोली लगी और वह गिर पड़ा। वहीं, उसका साथी दिलशाद उर्फ लालू (निवासी माहुल) अंधेरे का लाभ उठाकर भागने में सफल रहा।

सुनसान जगहों पर काटते थे गोवंश

​पूछताछ में घायल जाकिर ने कबूला कि वे देर रात का समय चुनते थे और आवारा पशुओं को पकड़कर सुनसान इलाकों या नदी किनारे ले जाकर काट देते थे। मांस को ऊँचे दामों पर बेचा जाता था और अवशेषों को जमीन में गाड़ देते थे ताकि सबूत न मिले।

बदमाश की कुंडली (Criminal History)

​पुलिस के मुताबिक, जाकिर अहरौला थाने का हिस्ट्रीशीटर (HS 30A) है। उस पर अब तक कुल 8 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें:

  • हत्या (302 IPC): वर्ष 2016 में दर्ज।
  • गैंगस्टर एक्ट: दो बार (2017 और 2023 में) कार्रवाई हो चुकी है।
  • गोवध अधिनियम: कई बार जेल जा चुका है।

बरामदगी:

मौके से एक अवैध तमंचा (.315 बोर), कारतूस और घटना में प्रयुक्त बिना नंबर प्लेट की एक सुपर स्प्लेंडर बाइक बरामद हुई है। घायल को इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर किया गया है।

इस साहसिक कार्य में थानाध्यक्ष अमित कुमार मिश्र, चौकी प्रभारी माहुल यश सिंह पटेल, एसआई नितेश कुमार चौबे और उनकी टीम शामिल रही।

🔥 ताज़ा खबरें

📈 ट्रेंडिंग खबरें