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राजनीति

आजमगढ़: ईंट भट्ठा मालिकों को चूना लगाने वाला 'नटवरलाल' परिवार गिरफ्तार, फर्जी आईडी के खेल से डकारे लाखों रुपये

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| 📅 22 Feb 2026, 12:12 PM | 👁️ 50

मुबारकपुर पुलिस ने ईंट भट्ठा संचालकों से लेबर सप्लाई के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले पीलीभीत के एक ही परिवार के 3 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। फर्जी आईडी से करते थे खेल।

मुबारकपुर पुलिस ने ईंट भट्ठा संचालकों से लेबर सप्लाई के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले पीलीभीत के एक ही परिवार के 3 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। फर्जी आईडी से करते थे खेल।

आजमगढ़: ईंट भट्ठा संचालकों से लाखों की ठगी करने वाला 'फैमिली गैंग' गिरफ्तार, फर्जीवाड़े का ऐसा तरीका जिसे सुन पुलिस भी रह गई दंग

मुबारकपुर, आजमगढ़ : उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले की मुबारकपुर पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो ईंट भट्ठा संचालकों को अपना शिकार बनाता था। इस गिरोह की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसे कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि एक पूरा परिवार मिलकर चला रहा था। पीलीभीत के रहने वाले इस परिवार ने लेबर सप्लाई के नाम पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे जिले के कई भट्ठा मालिकों को लाखों रुपये की चपत लगाई है।

ठगी का मास्टर प्लान: फर्जी आईडी और लेबर का 'मायाजाल'

​पकड़े गए अभियुक्तों की कार्यप्रणाली (Modus Operandi) किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं थी। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह सबसे पहले फर्जी नाम और पते पर आधार कार्ड और अन्य सरकारी पहचान पत्र तैयार करता था। इसके बाद ये लोग खुद को 'लेबर ठेकेदार' बताकर ईंट भट्ठा मालिकों से संपर्क साधते थे। भट्ठा मालिकों को लेबर की सख्त जरूरत का फायदा उठाते हुए ये लोग एडवांस के तौर पर बड़ी रकम की मांग करते थे। सौदा तय होते ही लाखों रुपये अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लेते थे।

दूसरा दांव: खुद ही बन जाते थे 'शिकायतकर्ता'

​ठगी का असली खेल तब शुरू होता था जब एडवांस की रकम इनके पास पहुंच जाती थी। पैसे डकारने के बाद ये लोग खुद ही श्रम विभाग या पुलिस को झूठी सूचना देते थे कि संबंधित भट्ठे पर मजदूरों को 'बंधक' बनाकर रखा गया है। जब प्रशासनिक टीमें जांच के लिए पहुंचती थीं, तो ये लोग मजदूरों को वहां से हटा लेते थे और एडवांस की रकम वापस करने के बजाय रफूचक्कर हो जाते थे। इस तरह ये भट्ठा संचालकों को कानूनी पचड़ों में फंसाकर पैसे हजम कर लेते थे।

भट्ठा संचालकों की हिम्मत से टूटा गिरोह का तिलिस्म

​मुबारकपुर के गुजरपार स्थित प्रमोद ईंट भट्ठा के संचालक हरिश्चन्द्र यादव ने इस गिरोह के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने पुलिस को बताया कि शाहिद हुसैन और उसके परिवार ने लेबर दिलाने के नाम पर उनसे कुल 4 लाख 5 हजार रुपये ठग लिए। जब हरिश्चन्द्र ने पैसे वापस मांगे, तो इन लोगों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। जांच में पता चला कि इसी गिरोह ने एक अन्य भट्ठा संचालक से भी फर्जी शपथ पत्र के जरिए 2 लाख 80 हजार रुपये की ठगी की थी।

घेराबंदी और गिरफ्तारी: भटौरा अंडरपास पर दबोचे गए आरोपी

​मुबारकपुर थाने के उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार यादव को मुखबिर के जरिए सटीक सूचना मिली कि ठगी करने वाला यह परिवार जिले से भागने की फिराक में है। रविवार सुबह पुलिस टीम ने भटौरा अंडरपास के पास घेराबंदी की और तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान:

  1. शाहजहां (पत्नी शाहिद हुसैन)
  2. फैजान (पुत्र शाहिद हुसैन)
  3. एहसान (पुत्र शाहिद हुसैन) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से ठगी के पैसे और कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।

 भट्ठा संचालकों के लिए जरूरी सलाह

​ईंट भट्ठा उद्योग में लेबर की समस्या का फायदा उठाकर इस तरह के गिरोह सक्रिय हो रहे हैं। 'द पब्लिक एक्सप्रेस' अपने पाठकों और भट्ठा मालिकों को सलाह देता है कि:

  • ​किसी भी लेबर ठेकेदार को एडवांस देने से पहले उनके मूल दस्तावेजों (Original Documents) की जांच करें।
  • ​स्थानीय थाने में मजदूरों और ठेकेदार का सत्यापन (Verification) जरूर करवाएं।
  • ​लेन-देन हमेशा बैंक के माध्यम से करें और हर भुगतान की रसीद रखें।

पुलिस की चेतावनी और विधिक कार्रवाई

​गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह ने प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसी तरह की ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया होगा। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को सुसंगत धाराओं में जेल भेज दिया गया है। मुबारकपुर पुलिस की इस सफलता से क्षेत्र के व्यापारियों और भट्ठा संचालकों ने राहत की सांस ली है।

आजमगढ़: ईंट भट्ठा संचालकों से लाखों की ठगी करने वाला 'फैमिली गैंग' गिरफ्तार, फर्जीवाड़े का ऐसा तरीका जिसे सुन पुलिस भी रह गई दंग

मुबारकपुर, आजमगढ़ : उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले की मुबारकपुर पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो ईंट भट्ठा संचालकों को अपना शिकार बनाता था। इस गिरोह की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसे कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि एक पूरा परिवार मिलकर चला रहा था। पीलीभीत के रहने वाले इस परिवार ने लेबर सप्लाई के नाम पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे जिले के कई भट्ठा मालिकों को लाखों रुपये की चपत लगाई है।

ठगी का मास्टर प्लान: फर्जी आईडी और लेबर का 'मायाजाल'

​पकड़े गए अभियुक्तों की कार्यप्रणाली (Modus Operandi) किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं थी। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह सबसे पहले फर्जी नाम और पते पर आधार कार्ड और अन्य सरकारी पहचान पत्र तैयार करता था। इसके बाद ये लोग खुद को 'लेबर ठेकेदार' बताकर ईंट भट्ठा मालिकों से संपर्क साधते थे। भट्ठा मालिकों को लेबर की सख्त जरूरत का फायदा उठाते हुए ये लोग एडवांस के तौर पर बड़ी रकम की मांग करते थे। सौदा तय होते ही लाखों रुपये अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लेते थे।

दूसरा दांव: खुद ही बन जाते थे 'शिकायतकर्ता'

​ठगी का असली खेल तब शुरू होता था जब एडवांस की रकम इनके पास पहुंच जाती थी। पैसे डकारने के बाद ये लोग खुद ही श्रम विभाग या पुलिस को झूठी सूचना देते थे कि संबंधित भट्ठे पर मजदूरों को 'बंधक' बनाकर रखा गया है। जब प्रशासनिक टीमें जांच के लिए पहुंचती थीं, तो ये लोग मजदूरों को वहां से हटा लेते थे और एडवांस की रकम वापस करने के बजाय रफूचक्कर हो जाते थे। इस तरह ये भट्ठा संचालकों को कानूनी पचड़ों में फंसाकर पैसे हजम कर लेते थे।

भट्ठा संचालकों की हिम्मत से टूटा गिरोह का तिलिस्म

​मुबारकपुर के गुजरपार स्थित प्रमोद ईंट भट्ठा के संचालक हरिश्चन्द्र यादव ने इस गिरोह के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने पुलिस को बताया कि शाहिद हुसैन और उसके परिवार ने लेबर दिलाने के नाम पर उनसे कुल 4 लाख 5 हजार रुपये ठग लिए। जब हरिश्चन्द्र ने पैसे वापस मांगे, तो इन लोगों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। जांच में पता चला कि इसी गिरोह ने एक अन्य भट्ठा संचालक से भी फर्जी शपथ पत्र के जरिए 2 लाख 80 हजार रुपये की ठगी की थी।

घेराबंदी और गिरफ्तारी: भटौरा अंडरपास पर दबोचे गए आरोपी

​मुबारकपुर थाने के उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार यादव को मुखबिर के जरिए सटीक सूचना मिली कि ठगी करने वाला यह परिवार जिले से भागने की फिराक में है। रविवार सुबह पुलिस टीम ने भटौरा अंडरपास के पास घेराबंदी की और तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान:

  1. शाहजहां (पत्नी शाहिद हुसैन)
  2. फैजान (पुत्र शाहिद हुसैन)
  3. एहसान (पुत्र शाहिद हुसैन) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से ठगी के पैसे और कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।

 भट्ठा संचालकों के लिए जरूरी सलाह

​ईंट भट्ठा उद्योग में लेबर की समस्या का फायदा उठाकर इस तरह के गिरोह सक्रिय हो रहे हैं। 'द पब्लिक एक्सप्रेस' अपने पाठकों और भट्ठा मालिकों को सलाह देता है कि:

  • ​किसी भी लेबर ठेकेदार को एडवांस देने से पहले उनके मूल दस्तावेजों (Original Documents) की जांच करें।
  • ​स्थानीय थाने में मजदूरों और ठेकेदार का सत्यापन (Verification) जरूर करवाएं।
  • ​लेन-देन हमेशा बैंक के माध्यम से करें और हर भुगतान की रसीद रखें।

पुलिस की चेतावनी और विधिक कार्रवाई

​गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह ने प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसी तरह की ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया होगा। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को सुसंगत धाराओं में जेल भेज दिया गया है। मुबारकपुर पुलिस की इस सफलता से क्षेत्र के व्यापारियों और भट्ठा संचालकों ने राहत की सांस ली है।

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