आजमगढ़: जमीन दिलाने के नाम पर 34 लाख की जालसाजी, पुलिस ने मुख्य आरोपी को दबोचा; ऐसे चला था धोखाधड़ी का खेल
आजमगढ़ के रानी की सराय में जमीन बैनामा के नाम पर 34 लाख की ठगी। पुलिस ने अभियुक्त रामवृक्ष पटेल को किया गिरफ्तार। जानें कैसे हुआ यह लाखों का फ्रॉड।
आजमगढ़ के रानी की सराय में जमीन बैनामा के नाम पर 34 लाख की ठगी। पुलिस ने अभियुक्त रामवृक्ष पटेल को किया गिरफ्तार। जानें कैसे हुआ यह लाखों का फ्रॉड।
आजमगढ़ (द पब्लिक एक्सप्रेस): जनपद में भू-माफियाओं और जमीन के नाम पर धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ पुलिस का अभियान तेज हो गया है। इसी क्रम में रानी की सराय थाना पुलिस ने जमीन बैनामा (रजिस्ट्री) कराने के नाम पर 34 लाख रुपये की बड़ी ठगी करने वाले एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी ने पीड़ित परिवार को विश्वास में लेकर लाखों रुपये बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए थे और बाद में रजिस्ट्री के नाम पर टालमटोल करने लगा था।
क्या है पूरा मामला? (प्रकरण का विवरण)
धोखाधड़ी का यह खेल रानी की सराय थाना क्षेत्र के ग्राम अनौरा स्थित एक भूमि को लेकर शुरू हुआ था। वादी (पीड़ित) द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, अभियुक्त रामवृक्ष पटेल और उसके साथियों ने ग्राम अनौरा स्थित गाटा संख्या-71 की जमीन का सौदा तय किया था। वादी को भरोसा दिलाया गया था कि यह भूमि पूरी तरह साफ-सुथरी और विवाद रहित है।
जमीन खरीदने के नाम पर वादी और उनके परिवार के सदस्यों ने अलग-अलग किस्तों में कुल 34,00,000/- (चौंतीस लाख रुपये) अभियुक्तों द्वारा बताए गए बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।
ठगी का तरीका: विश्वासघात और झूठे आश्वासन
पैसे लेने के बाद अभियुक्तों का असली चेहरा सामने आने लगा। जब बैनामा कराने का समय आया, तो आरोपी टालमटोल करने लगे। बाद में पता चला कि जिस भूमि का सौदा किया गया था, उसके अभिलेखों में खामियां थीं या वह विवादित थी। जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपियों ने दबाव में आकर 28 लाख 90 हजार रुपये तो लौटा दिए, लेकिन शेष 6 लाख 50 हजार रुपये (जिसमें स्टाम्प और रजिस्ट्री के नाम पर लिए गए 1.40 लाख भी शामिल थे) हड़प लिए। बार-बार मांगने पर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी और दूसरी जमीन देने का झूठा झांसा देना शुरू कर दिया।
पुलिस की दबिश और गिरफ्तारी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) आजमगढ़ के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे धरपकड़ अभियान के तहत रानी की सराय पुलिस सक्रिय थी। मुखबिर की सटीक सूचना पर उ0नि0 सुशील कुमार और उनकी टीम ने घेराबंदी की। सोमवार, 23 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 12:35 बजे ग्राम अन्धौरी मार्ग स्थित बढ़या चट्टी से वांछित अभियुक्त रामवृक्ष पटेल पुत्र दूधनाथ को गिरफ्तार कर लिया गया।
रामवृक्ष पटेल मूल रूप से अनौरा का निवासी है, लेकिन वर्तमान में निजामाबाद थाना क्षेत्र के बढ़या ग्राम में रह रहा था। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और अभियुक्त के आपराधिक इतिहास की गहराई से जांच कर रही है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ थाना रानी की सराय पर मु0अ0सं0 375/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं 318(4), 336(3), 338, 340(2) में मामला पंजीकृत किया है। ये धाराएं छल-कपट, विश्वासघात और धोखाधड़ी के जरिए आर्थिक लाभ अर्जित करने से संबंधित हैं।
द पब्लिक एक्सप्रेस की विशेष सलाह: जमीन खरीदते समय बरतें ये सावधानियां
जमीन के सौदों में बढ़ती ठगी को देखते हुए हमारी टीम पाठकों से अपील करती है कि:
- तहसील जाकर जांचें: केवल खतौनी देखकर भरोसा न करें, तहसील जाकर अन्य विवरण निकलवाए
- पैसा सीधे मालिक को दें: हमेशा कोशिश करें कि पैसा जमीन के असली मालिक के खाते में ही जाए, बिचौलियों के नहीं।
- कब्जा और पैमाइश: रजिस्ट्री से पहले जमीन की पैमाइश कराएं और मौके पर कब्जे की स्थिति स्पष्ट कर लें।
- कानूनी सलाह: किसी वकील से कागजों की जांच (Title Search) जरूर करवाएं।
आजमगढ़ (द पब्लिक एक्सप्रेस): जनपद में भू-माफियाओं और जमीन के नाम पर धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ पुलिस का अभियान तेज हो गया है। इसी क्रम में रानी की सराय थाना पुलिस ने जमीन बैनामा (रजिस्ट्री) कराने के नाम पर 34 लाख रुपये की बड़ी ठगी करने वाले एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी ने पीड़ित परिवार को विश्वास में लेकर लाखों रुपये बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए थे और बाद में रजिस्ट्री के नाम पर टालमटोल करने लगा था।
क्या है पूरा मामला? (प्रकरण का विवरण)
धोखाधड़ी का यह खेल रानी की सराय थाना क्षेत्र के ग्राम अनौरा स्थित एक भूमि को लेकर शुरू हुआ था। वादी (पीड़ित) द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, अभियुक्त रामवृक्ष पटेल और उसके साथियों ने ग्राम अनौरा स्थित गाटा संख्या-71 की जमीन का सौदा तय किया था। वादी को भरोसा दिलाया गया था कि यह भूमि पूरी तरह साफ-सुथरी और विवाद रहित है।
जमीन खरीदने के नाम पर वादी और उनके परिवार के सदस्यों ने अलग-अलग किस्तों में कुल 34,00,000/- (चौंतीस लाख रुपये) अभियुक्तों द्वारा बताए गए बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।
ठगी का तरीका: विश्वासघात और झूठे आश्वासन
पैसे लेने के बाद अभियुक्तों का असली चेहरा सामने आने लगा। जब बैनामा कराने का समय आया, तो आरोपी टालमटोल करने लगे। बाद में पता चला कि जिस भूमि का सौदा किया गया था, उसके अभिलेखों में खामियां थीं या वह विवादित थी। जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपियों ने दबाव में आकर 28 लाख 90 हजार रुपये तो लौटा दिए, लेकिन शेष 6 लाख 50 हजार रुपये (जिसमें स्टाम्प और रजिस्ट्री के नाम पर लिए गए 1.40 लाख भी शामिल थे) हड़प लिए। बार-बार मांगने पर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी और दूसरी जमीन देने का झूठा झांसा देना शुरू कर दिया।
पुलिस की दबिश और गिरफ्तारी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) आजमगढ़ के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे धरपकड़ अभियान के तहत रानी की सराय पुलिस सक्रिय थी। मुखबिर की सटीक सूचना पर उ0नि0 सुशील कुमार और उनकी टीम ने घेराबंदी की। सोमवार, 23 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 12:35 बजे ग्राम अन्धौरी मार्ग स्थित बढ़या चट्टी से वांछित अभियुक्त रामवृक्ष पटेल पुत्र दूधनाथ को गिरफ्तार कर लिया गया।
रामवृक्ष पटेल मूल रूप से अनौरा का निवासी है, लेकिन वर्तमान में निजामाबाद थाना क्षेत्र के बढ़या ग्राम में रह रहा था। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और अभियुक्त के आपराधिक इतिहास की गहराई से जांच कर रही है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ थाना रानी की सराय पर मु0अ0सं0 375/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं 318(4), 336(3), 338, 340(2) में मामला पंजीकृत किया है। ये धाराएं छल-कपट, विश्वासघात और धोखाधड़ी के जरिए आर्थिक लाभ अर्जित करने से संबंधित हैं।
द पब्लिक एक्सप्रेस की विशेष सलाह: जमीन खरीदते समय बरतें ये सावधानियां
जमीन के सौदों में बढ़ती ठगी को देखते हुए हमारी टीम पाठकों से अपील करती है कि:
- तहसील जाकर जांचें: केवल खतौनी देखकर भरोसा न करें, तहसील जाकर अन्य विवरण निकलवाए
- पैसा सीधे मालिक को दें: हमेशा कोशिश करें कि पैसा जमीन के असली मालिक के खाते में ही जाए, बिचौलियों के नहीं।
- कब्जा और पैमाइश: रजिस्ट्री से पहले जमीन की पैमाइश कराएं और मौके पर कब्जे की स्थिति स्पष्ट कर लें।
- कानूनी सलाह: किसी वकील से कागजों की जांच (Title Search) जरूर करवाएं।