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राजनीति

Azamgarh: खसरा-रूबेला के खात्मे को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, महाराजगंज में 16 फरवरी से शुरू होगा महा-अभियान

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| 📅 15 Feb 2026, 10:02 AM | 👁️ 35

आजमगढ़ के महाराजगंज क्षेत्र में 16 से 27 फरवरी तक खसरा और रूबेला (MR) के खात्मे के लिए विशेष टीकाकरण अभियान चलेगा। डॉ. योगेश गौतम ने स्कूलों और अभिभावकों के लिए जारी किए जरूरी दिशा-निर्देश।

आजमगढ़ के महाराजगंज क्षेत्र में 16 से 27 फरवरी तक खसरा और रूबेला (MR) के खात्मे के लिए विशेष टीकाकरण अभियान चलेगा। डॉ. योगेश गौतम ने स्कूलों और अभिभावकों के लिए जारी किए जरूरी दिशा-निर्देश।

आजमगढ़ (महाराजगंज): जनपद की सगड़ी तहसील अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) महाराजगंज के क्षेत्रों में बच्चों को जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए शासन ने कमर कस ली है। आगामी 16 फरवरी से 27 फरवरी तक क्षेत्र में खसरा और रूबेला (MR) के खात्मे के लिए एक विशेष टीकाकरण अभियान (Special Vaccination Drive) चलाया जाएगा। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. योगेश गौतम ने दी विस्तृत जानकारी रविवार दोपहर करीब 2 बजे महाराजगंज चिकित्सा प्रभारी डॉ. योगेश गौतम ने मीडिया से मुखातिब होते हुए बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के दिशा-निर्देशन में इस अभियान की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों के भीतर रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना और खसरा-रूबेला जैसी संक्रामक बीमारियों को जड़ से मिटाना है। खाली पेट नहीं लगेगा टीका: स्कूलों के लिए विशेष गाइडलाइंस टीकाकरण की प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए डॉ. योगेश ने कुछ बेहद महत्वपूर्ण नियम बताए हैं: लंच के बाद ही टीका: किसी भी बच्चे को खाली पेट वैक्सीन नहीं दी जाएगी। स्कूलों में मिड-डे मील या लंच करने के बाद ही स्वास्थ्य टीमें बच्चों का टीकाकरण करेंगी। पहले मिलेगी सूचना: जिस भी स्कूल में टीकाकरण टीम पहुँचने वाली होगी, उसकी सूचना स्कूल प्रशासन को एक दिन पहले ही दे दी जाएगी। प्रधानाचार्यों की जिम्मेदारी: चिकित्सा अधीक्षक ने सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों से अपील की है कि वे अभियान के दौरान स्कूल पर मौजूद रहें और स्वास्थ्य विभाग की टीमों का पूरा सहयोग करें ताकि कोई भी बच्चा इस सुरक्षा कवच से वंचित न रहे। किन्हें लगेगा टीका और क्या हैं बीमारी के लक्षण? यह अभियान विशेष रूप से कक्षा 1 से लेकर 5 तक पढ़ने वाले बच्चों के लिए है, जिनकी उम्र लगभग 10 वर्ष तक है। डॉक्टर गौतम ने अभिभावकों को जागरूक करते हुए खसरा के लक्षणों के बारे में भी बताया:
  • लगातार सूखी खांसी आना।
  • आँखों में लाली और पानी गिरना।
  • मुंह के अंदर सफेद धब्बे दिखना।
  • हल्का बुखार और पूरे शरीर पर लाल दाने निकलना।
अभियान की सफलता के लिए प्रशासन मुस्तैद स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यह टीकाकरण अभियान विभिन्न प्राथमिक विद्यालयों और केंद्रों पर युद्ध स्तर पर संचालित किया जाएगा। डॉ. योगेश गौतम ने कहा कि खसरा और रूबेला बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हो सकते हैं, इसलिए समय पर टीकाकरण ही एकमात्र बचाव है। अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए उन्हें 'MR वैक्सीन' जरूर लगवाएं।
आजमगढ़ (महाराजगंज): जनपद की सगड़ी तहसील अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) महाराजगंज के क्षेत्रों में बच्चों को जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए शासन ने कमर कस ली है। आगामी 16 फरवरी से 27 फरवरी तक क्षेत्र में खसरा और रूबेला (MR) के खात्मे के लिए एक विशेष टीकाकरण अभियान (Special Vaccination Drive) चलाया जाएगा। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. योगेश गौतम ने दी विस्तृत जानकारी रविवार दोपहर करीब 2 बजे महाराजगंज चिकित्सा प्रभारी डॉ. योगेश गौतम ने मीडिया से मुखातिब होते हुए बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के दिशा-निर्देशन में इस अभियान की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों के भीतर रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना और खसरा-रूबेला जैसी संक्रामक बीमारियों को जड़ से मिटाना है। खाली पेट नहीं लगेगा टीका: स्कूलों के लिए विशेष गाइडलाइंस टीकाकरण की प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए डॉ. योगेश ने कुछ बेहद महत्वपूर्ण नियम बताए हैं: लंच के बाद ही टीका: किसी भी बच्चे को खाली पेट वैक्सीन नहीं दी जाएगी। स्कूलों में मिड-डे मील या लंच करने के बाद ही स्वास्थ्य टीमें बच्चों का टीकाकरण करेंगी। पहले मिलेगी सूचना: जिस भी स्कूल में टीकाकरण टीम पहुँचने वाली होगी, उसकी सूचना स्कूल प्रशासन को एक दिन पहले ही दे दी जाएगी। प्रधानाचार्यों की जिम्मेदारी: चिकित्सा अधीक्षक ने सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों से अपील की है कि वे अभियान के दौरान स्कूल पर मौजूद रहें और स्वास्थ्य विभाग की टीमों का पूरा सहयोग करें ताकि कोई भी बच्चा इस सुरक्षा कवच से वंचित न रहे। किन्हें लगेगा टीका और क्या हैं बीमारी के लक्षण? यह अभियान विशेष रूप से कक्षा 1 से लेकर 5 तक पढ़ने वाले बच्चों के लिए है, जिनकी उम्र लगभग 10 वर्ष तक है। डॉक्टर गौतम ने अभिभावकों को जागरूक करते हुए खसरा के लक्षणों के बारे में भी बताया:
  • लगातार सूखी खांसी आना।
  • आँखों में लाली और पानी गिरना।
  • मुंह के अंदर सफेद धब्बे दिखना।
  • हल्का बुखार और पूरे शरीर पर लाल दाने निकलना।
अभियान की सफलता के लिए प्रशासन मुस्तैद स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यह टीकाकरण अभियान विभिन्न प्राथमिक विद्यालयों और केंद्रों पर युद्ध स्तर पर संचालित किया जाएगा। डॉ. योगेश गौतम ने कहा कि खसरा और रूबेला बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हो सकते हैं, इसलिए समय पर टीकाकरण ही एकमात्र बचाव है। अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए उन्हें 'MR वैक्सीन' जरूर लगवाएं।

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