असली नोटों के बीच में सेटिंग: अभियुक्तों ने बताया कि वे जाली नोटों को असली नोटों की गड्डियों के बीच में छिपाकर रखते थे और भीड़भाड़ वाली दुकानों या बाजारों में लेन-देन के दौरान खपा देते थे।
बरामदगी देख पुलिस भी रह गई दंग
पुलिस ने इनके पास से 1.19 लाख रुपये की जाली करेंसी बरामद की है। इसके अलावा भारी मात्रा में अधबने नोट, कैनन का प्रिंटर, एचपी का लैपटॉप, कलर इंक की बोतलें, पेपर कटर और एक कार बरामद की गई है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में नितिन सिंह उर्फ भोला, ऋषिकेश, अभिषेक, आदित्य, शिवम, मुन्ना पांडेय, मनोज कुमार और रुद्र पांडेय शामिल हैं। इनमें से कई का पुराना आपराधिक इतिहास भी है।
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राजनीति
Azamgarh: सावधान! बाजार में घूम रहे हैं नकली नोट, पुलिस ने पकड़ी नोट छापने वाली 'फैक्ट्री', ऐसे करें पहचान
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📅 06 Mar 2026, 11:59 AM
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आजमगढ़ में नोट छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़। असली गड्डियों के बीच जाली नोट छिपाकर चलाने वाले 8 अपराधी गिरफ्तार। कहीं आपके पास भी तो नहीं आया नकली नोट? पढ़ें पूरी रिपोर्ट।"
आजमगढ़। अगर आप होली की खरीदारी के लिए बाजार जा रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। आपके हाथ में आने वाला 500 या 200 का नोट नकली भी हो सकता है। आजमगढ़ की रौनापार पुलिस ने एक ऐसे ही शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है जो घर के भीतर हाई-टेक मशीनों से नकली नोट छापकर बाजार में खपा रहा था।
टेकनपुर पुलिया के पास बिछाया जाल
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर पुलिस की तीन टीमें बनाकर घेराबंदी की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक सफेद आई-10 कार में जाली नोटों का बड़ा ट्रांजेक्शन होने वाला है। रौनापार पुलिस ने टेकनपुर पुलिया पर धावा बोलकर मौके से 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया, जबकि उनकी निशानदेही पर 2 अन्य साथियों को जीयनपुर के जगदीशपुर से उठाया गया।
कैसे चलता था नोटों का 'गंदा धंधा'?
पुलिस की पूछताछ में जो खुलासा हुआ वह हैरान करने वाला है। गिरोह का मास्टरमाइंड मनीष मिश्रा अपने साथियों के साथ मिलकर:
A-4 साइज पेपर पर महंगे लैपटॉप और कलर प्रिंटर की मदद से नोटों की छपाई करता था। फिर उसे पेपर कटर से इतनी सफाई से काटते थे कि पहली नजर में कोई पहचान न सके।
असली नोटों के बीच में सेटिंग: अभियुक्तों ने बताया कि वे जाली नोटों को असली नोटों की गड्डियों के बीच में छिपाकर रखते थे और भीड़भाड़ वाली दुकानों या बाजारों में लेन-देन के दौरान खपा देते थे।
बरामदगी देख पुलिस भी रह गई दंग
पुलिस ने इनके पास से 1.19 लाख रुपये की जाली करेंसी बरामद की है। इसके अलावा भारी मात्रा में अधबने नोट, कैनन का प्रिंटर, एचपी का लैपटॉप, कलर इंक की बोतलें, पेपर कटर और एक कार बरामद की गई है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में नितिन सिंह उर्फ भोला, ऋषिकेश, अभिषेक, आदित्य, शिवम, मुन्ना पांडेय, मनोज कुमार और रुद्र पांडेय शामिल हैं। इनमें से कई का पुराना आपराधिक इतिहास भी है।
असली नोटों के बीच में सेटिंग: अभियुक्तों ने बताया कि वे जाली नोटों को असली नोटों की गड्डियों के बीच में छिपाकर रखते थे और भीड़भाड़ वाली दुकानों या बाजारों में लेन-देन के दौरान खपा देते थे।
बरामदगी देख पुलिस भी रह गई दंग
पुलिस ने इनके पास से 1.19 लाख रुपये की जाली करेंसी बरामद की है। इसके अलावा भारी मात्रा में अधबने नोट, कैनन का प्रिंटर, एचपी का लैपटॉप, कलर इंक की बोतलें, पेपर कटर और एक कार बरामद की गई है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में नितिन सिंह उर्फ भोला, ऋषिकेश, अभिषेक, आदित्य, शिवम, मुन्ना पांडेय, मनोज कुमार और रुद्र पांडेय शामिल हैं। इनमें से कई का पुराना आपराधिक इतिहास भी है।


