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राजनीति

Azamgarh Cyber Crime: "गंदे वीडियो देखते हो, अब होगी गिरफ्तारी!" फर्जी पुलिस की धमकी से डरे शख्स के ₹26,500 रौनापार पुलिस ने कराए वापस

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| 📅 08 Feb 2026, 11:32 AM | 👁️ 48

तुम्हारी फाइल खुल गई है..." फोन पर पुलिस की आवाज सुन कांप गया बुजुर्ग! आजमगढ़ में 'डिजिटल अरेस्ट' का खौफनाक खेल। अश्लील वीडियो देखने का आरोप लगाकर ठगों ने ऐंठे 26 हजार। लेकिन इस बार पुलिस ठगों पर भार

तुम्हारी फाइल खुल गई है..." फोन पर पुलिस की आवाज सुन कांप गया बुजुर्ग! आजमगढ़ में 'डिजिटल अरेस्ट' का खौफनाक खेल। अश्लील वीडियो देखने का आरोप लगाकर ठगों ने ऐंठे 26 हजार। लेकिन इस बार पुलिस ठगों पर भार

आजमगढ़ (Azamgarh)। "हैलो! मैं पुलिस स्टेशन से बोल रहा हूँ। आपके मोबाइल से अश्लील वीडियो (Obscene Videos) देखे जा रहे हैं। लखनऊ साइबर पुलिस आपकी निगरानी कर रही है और आपके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है। बचना है तो पैसे भेजो, वरना गिरफ्तारी तय है।" फोन पर ऐसी धमकी सुनकर रौनापार (Raunapar) के महुला निवासी रामप्रताप सिंह के पैरों तले जमीन खिसक गई। बदनामी और गिरफ्तारी के डर से उन्होंने ठगों को पैसे भेज दिए। लेकिन रौनापार पुलिस की सक्रियता से आज उनके पूरे पैसे वापस मिल गए हैं। क्या है पूरा मामला? घटना रौनापार थाना क्षेत्र की है। पीड़ित रामप्रताप सिंह (पुत्र स्व. चन्द्रधन सिंह) को साइबर अपराधियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर फोन किया। ठगों ने डराया कि:
  1. "आप अपने फोन पर गंदे वीडियो देखते हैं।"
  2. "इसकी मॉनिटरिंग साइबर पुलिस लखनऊ द्वारा की जा रही है।"
  3. "थाना रानीबाग, लखनऊ में आपके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है।"
ठगों ने कहा कि अगर फाइल रफा-दफा करनी है और इज्जत बचानी है, तो तुरंत पैसे भेजो। घबराए रामप्रताप ने 18 अगस्त 2025 को दो बार में कुल ₹26,500 (₹4,500 + ₹22,000) ट्रांसफर कर दिए। हेल्पलाइन 1930 और पुलिस का एक्शन ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने तुरंत रौनापार थाने में संपर्क किया और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। रौनापार पुलिस की साइबर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए: जिस खाते में पैसा गया था (इंडियन ओवरसीज बैंक), उसे तत्काल होल्ड (Freeze) करा दिया। इसके बाद न्यायालय से आदेश प्राप्त कर पूरी धनराशि (₹26,500) पीड़ित के खाते में वापस ट्रांसफर करा दी। रौनापार पुलिस की इस तत्परता की क्षेत्र में सराहना हो रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसी किसी भी धमकी भरी कॉल से डरें नहीं, बल्कि तुरंत पुलिस को सूचना दें।
आजमगढ़ (Azamgarh)। "हैलो! मैं पुलिस स्टेशन से बोल रहा हूँ। आपके मोबाइल से अश्लील वीडियो (Obscene Videos) देखे जा रहे हैं। लखनऊ साइबर पुलिस आपकी निगरानी कर रही है और आपके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई है। बचना है तो पैसे भेजो, वरना गिरफ्तारी तय है।" फोन पर ऐसी धमकी सुनकर रौनापार (Raunapar) के महुला निवासी रामप्रताप सिंह के पैरों तले जमीन खिसक गई। बदनामी और गिरफ्तारी के डर से उन्होंने ठगों को पैसे भेज दिए। लेकिन रौनापार पुलिस की सक्रियता से आज उनके पूरे पैसे वापस मिल गए हैं। क्या है पूरा मामला? घटना रौनापार थाना क्षेत्र की है। पीड़ित रामप्रताप सिंह (पुत्र स्व. चन्द्रधन सिंह) को साइबर अपराधियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर फोन किया। ठगों ने डराया कि:
  1. "आप अपने फोन पर गंदे वीडियो देखते हैं।"
  2. "इसकी मॉनिटरिंग साइबर पुलिस लखनऊ द्वारा की जा रही है।"
  3. "थाना रानीबाग, लखनऊ में आपके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है।"
ठगों ने कहा कि अगर फाइल रफा-दफा करनी है और इज्जत बचानी है, तो तुरंत पैसे भेजो। घबराए रामप्रताप ने 18 अगस्त 2025 को दो बार में कुल ₹26,500 (₹4,500 + ₹22,000) ट्रांसफर कर दिए। हेल्पलाइन 1930 और पुलिस का एक्शन ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने तुरंत रौनापार थाने में संपर्क किया और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। रौनापार पुलिस की साइबर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए: जिस खाते में पैसा गया था (इंडियन ओवरसीज बैंक), उसे तत्काल होल्ड (Freeze) करा दिया। इसके बाद न्यायालय से आदेश प्राप्त कर पूरी धनराशि (₹26,500) पीड़ित के खाते में वापस ट्रांसफर करा दी। रौनापार पुलिस की इस तत्परता की क्षेत्र में सराहना हो रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसी किसी भी धमकी भरी कॉल से डरें नहीं, बल्कि तुरंत पुलिस को सूचना दें।

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