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राजनीति
Azamgarh News: पुलिस की आँखों में धूल झोंकने की कोशिश पड़ी भारी, अतरौलिया में 'जिला बदर' गुंडा घर में ही छिपा बैठा था, और फिर...
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📅 10 Feb 2026, 01:17 PM
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प्रशासन ने जिसे जिले से बाहर रहने को कहा था, वह ओमप्रकाश निषाद अपने घर वैशपुर में छिपा बैठा था। अतरौलिया पुलिस ने आज दोपहर दबोच लिया। देखिये इस शातिर का पूरा कच्चा-चिट्ठा... 👇
प्रशासन ने जिसे जिले से बाहर रहने को कहा था, वह ओमप्रकाश निषाद अपने घर वैशपुर में छिपा बैठा था। अतरौलिया पुलिस ने आज दोपहर दबोच लिया। देखिये इस शातिर का पूरा कच्चा-चिट्ठा... 👇
आजमगढ़ (Azamgarh News): प्रशासन का आदेश और पुलिस का खौफ... जब अपराधी इन दोनों को ताक पर रख दे, तो उसका अंजाम क्या होता है, यह आज अतरौलिया में देखने को मिला। जिले से 6 महीने के लिए तड़ीपार (जिला बदर) किया गया एक शातिर अपराधी पुलिस की आँखों में धूल झोंककर अपने ही घर में छिपा बैठा था, लेकिन कानून के हाथ उसकी गिरेबान तक पहुँच ही गए।
मामला अतरौलिया थाना क्षेत्र (Atraulia Police Station) का है, जहाँ पुलिस ने आज एक ऐसे 'बैड कैरेक्टर' (Bad Character) को गिरफ्तार किया है, जिसे जिले की सीमा में घुसने की भी मनाही थी।मंगलवार (10 फरवरी 2026) की दोपहर थी। अतरौलिया थाने के तेज-तर्रार उप-निरीक्षक (SI) जफर अयूब अपने क्षेत्र में गश्त पर थे। तभी उन्हें मुखबिर से एक पक्की खबर मिली। खबर यह थी कि ओमप्रकाश निषाद, जिसे अपर जिला मजिस्ट्रेट ने "गुंडा एक्ट" के तहत 6 महीने के लिए जिला बदर किया है, वह चोरी-छिपे अपने गांव वैशपुर में मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए वैशपुर गांव में घेराबंदी कर दी। समय करीब 12:45 बजे पुलिस ने ओमप्रकाश (पुत्र रामपूजन निषाद, उम्र 50 वर्ष) को उसके घर के पास से धर दबोचा।
2023 से पुलिस के लिए बना था सिरदर्द
पुलिस द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार पकड़ा गया ओमप्रकाश निषाद कोई साधारण अपराधी नहीं है। अगर पुलिस रिकॉर्ड के पन्ने पलटें, तो साल 2023 में इसने अतरौलिया क्षेत्र में जमकर उत्पात मचाया था।
इसका "क्राइम कुंडली" (Criminal History) देखिए:
मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी (धारा 323, 504, 506)।
बलवा करना और सरकारी काम में बाधा डालना (धारा 147, 148, 332, 353)।
घर में घुसकर हमला करना और तोड़फोड़ मचाना।
इन्हीं हरकतों की वजह से प्रशासन ने इस पर "गुंडा नियंत्रण अधिनियम" (Goonda Act) लगाया था और जिले से बाहर रहने का आदेश दिया था। लेकिन आज यह आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए पकड़ा गया।
अब खानी होगी जेल की हवा
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अब एक और नया मुकदमा (मु0अ0सं0 57/26 धारा 10 उ0प्र0 गुण्डा नियंन्त्रण अधि0) दर्ज कर लिया है। उसे गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय भेजा गया है, जहाँ से उसे जेल जाना तय है। इस कार्रवाई में उप-निरीक्षक जफर अयूब और कांस्टेबल धन्नू यादव की भूमिका अहम रही।
आजमगढ़ (Azamgarh News): प्रशासन का आदेश और पुलिस का खौफ... जब अपराधी इन दोनों को ताक पर रख दे, तो उसका अंजाम क्या होता है, यह आज अतरौलिया में देखने को मिला। जिले से 6 महीने के लिए तड़ीपार (जिला बदर) किया गया एक शातिर अपराधी पुलिस की आँखों में धूल झोंककर अपने ही घर में छिपा बैठा था, लेकिन कानून के हाथ उसकी गिरेबान तक पहुँच ही गए।
मामला अतरौलिया थाना क्षेत्र (Atraulia Police Station) का है, जहाँ पुलिस ने आज एक ऐसे 'बैड कैरेक्टर' (Bad Character) को गिरफ्तार किया है, जिसे जिले की सीमा में घुसने की भी मनाही थी।मंगलवार (10 फरवरी 2026) की दोपहर थी। अतरौलिया थाने के तेज-तर्रार उप-निरीक्षक (SI) जफर अयूब अपने क्षेत्र में गश्त पर थे। तभी उन्हें मुखबिर से एक पक्की खबर मिली। खबर यह थी कि ओमप्रकाश निषाद, जिसे अपर जिला मजिस्ट्रेट ने "गुंडा एक्ट" के तहत 6 महीने के लिए जिला बदर किया है, वह चोरी-छिपे अपने गांव वैशपुर में मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए वैशपुर गांव में घेराबंदी कर दी। समय करीब 12:45 बजे पुलिस ने ओमप्रकाश (पुत्र रामपूजन निषाद, उम्र 50 वर्ष) को उसके घर के पास से धर दबोचा।
2023 से पुलिस के लिए बना था सिरदर्द
पुलिस द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार पकड़ा गया ओमप्रकाश निषाद कोई साधारण अपराधी नहीं है। अगर पुलिस रिकॉर्ड के पन्ने पलटें, तो साल 2023 में इसने अतरौलिया क्षेत्र में जमकर उत्पात मचाया था।
इसका "क्राइम कुंडली" (Criminal History) देखिए:
मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी (धारा 323, 504, 506)।
बलवा करना और सरकारी काम में बाधा डालना (धारा 147, 148, 332, 353)।
घर में घुसकर हमला करना और तोड़फोड़ मचाना।
इन्हीं हरकतों की वजह से प्रशासन ने इस पर "गुंडा नियंत्रण अधिनियम" (Goonda Act) लगाया था और जिले से बाहर रहने का आदेश दिया था। लेकिन आज यह आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए पकड़ा गया।
अब खानी होगी जेल की हवा
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अब एक और नया मुकदमा (मु0अ0सं0 57/26 धारा 10 उ0प्र0 गुण्डा नियंन्त्रण अधि0) दर्ज कर लिया है। उसे गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय भेजा गया है, जहाँ से उसे जेल जाना तय है। इस कार्रवाई में उप-निरीक्षक जफर अयूब और कांस्टेबल धन्नू यादव की भूमिका अहम रही।