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राजनीति

आजमगढ़: जवाहर नवोदय विद्यालय में अंतरिक्ष की सैर करेंगे छात्र, मंत्री अनिल राजभर और DM ने किया खगोल विज्ञान लैब का उद्घाटन

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| 📅 22 Feb 2026, 03:54 PM | 👁️ 40

आजमगढ़ के जीयनपुर जवाहर नवोदय विद्यालय में खगोल विज्ञान प्रयोगशाला का भव्य उद्घाटन हुआ। डीएम रविंद्र कुमार की पहल पर बनी इस लैब से छात्र अंतरिक्ष विज्ञान सीखेंगे।

आजमगढ़ के जीयनपुर जवाहर नवोदय विद्यालय में खगोल विज्ञान प्रयोगशाला का भव्य उद्घाटन हुआ। डीएम रविंद्र कुमार की पहल पर बनी इस लैब से छात्र अंतरिक्ष विज्ञान सीखेंगे।

जीयनपुर, आजमगढ़ आजमगढ़ जिले के ग्रामीण अंचलों में छिपी वैज्ञानिक प्रतिभाओं के लिए रविवार का दिन स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया। जनपद की सगड़ी तहसील स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय, जीयनपुर में अब छात्र केवल किताबों में ही ग्रहों और नक्षत्रों के बारे में नहीं पढ़ेंगे, बल्कि आधुनिक उपकरणों के जरिए अंतरिक्ष के रहस्यों को लाइव देख सकेंगे। प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर और जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से नवनिर्मित खगोल विज्ञान प्रयोगशाला (Astronomy Lab) का भव्य उद्घाटन किया।

DM रविंद्र कुमार की दूरदर्शी पहल: क्रिटिकल गैप्स योजना से साकार हुआ सपना

​यह खगोल विज्ञान प्रयोगशाला जिलाधिकारी रविंद्र कुमार की एक विशेष और दूरगामी सोच का परिणाम है। अक्सर देखा जाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों के मेधावी छात्र संसाधनों के अभाव में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में पीछे रह जाते हैं। इस गैप को भरने के लिए जिलाधिकारी ने 'क्रिटिकल गैप्स योजना' के तहत इस लैब का प्रस्ताव रखा और इसे धरातल पर उतारा। लैब के भीतर लगाए गए अत्याधुनिक टेलीस्कोप, खगोलीय चार्ट्स और मॉडल्स को देखकर स्वयं मंत्री जी भी दंग रह गए। उद्घाटन के बाद अधिकारियों ने लैब में रखे उपकरणों को चलाकर देखा और छात्रों से उनके वैज्ञानिक सपनों के बारे में बातचीत की।

मंत्री अनिल राजभर का आह्वान: "इनोवेशन ही भविष्य की कुंजी है"

​समारोह के मुख्य अतिथि मंत्री अनिल राजभर ने उपस्थित जनसमूह और छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की सोच है कि भारत का हर बच्चा 'न्यू इंडिया' की तकनीक से लैस हो। उन्होंने कहा, "यह प्रयोगशाला केवल एक कमरा नहीं, बल्कि अंतरिक्ष की खिड़की है। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के लिए यह मील का पत्थर साबित होगी। अब हमारे बच्चों को इसरो (ISRO) और नासा (NASA) जैसे संस्थानों में जाने का सपना देखने के लिए बड़े शहरों के महंगे कोचिंग सेंटरों की जरूरत नहीं होगी।" उन्होंने छात्रों से किताबी ज्ञान के साथ-साथ नवाचार (Innovation) और प्रयोगों पर ध्यान देने की अपील की।

ब्रह्मांड के रहस्यों को करीब से समझेंगे छात्र

​जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने खगोल विज्ञान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस लैब की स्थापना का मुख्य उद्देश्य छात्रों में तार्किक सोच और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना है। उन्होंने बताया कि इस लैब के माध्यम से छात्र सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बृहस्पति जैसे ग्रहों और विभिन्न नक्षत्रों की चाल को करीब से देख सकेंगे। यह न केवल उनके भूगोल और विज्ञान के पाठ्यक्रम को समझने में मदद करेगा, बल्कि भविष्य में उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान (Space Science) में करियर बनाने के लिए भी प्रेरित करेगा।

The Public Express विश्लेषण: शिक्षा के क्षेत्र में आजमगढ़ का नया अध्याय

​आजमगढ़ को अक्सर राजनीतिक और सामाजिक खबरों के लिए जाना जाता है, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में इस तरह का बुनियादी ढांचा तैयार करना एक नई क्रांति की शुरुआत है। जवाहर नवोदय विद्यालय में इस लैब का खुलना यह संदेश देता है कि यदि प्रशासनिक इच्छाशक्ति हो, तो सरकारी बजट का सही उपयोग कर बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाया जा सकता है। स्थानीय लोगों और शिक्षाविदों का मानना है कि इस लैब से आसपास के अन्य विद्यालयों के बच्चों को भी प्रेरणा मिलेगी और जिले में एक 'साइंस कल्चर' विकसित होगा।

क्षेत्र में खुशी का माहौल और भविष्य की योजनाएं

​उद्घाटन के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षकों और छात्रों के चेहरों पर एक अलग ही उत्साह देखने को मिला। छात्रों ने कहा कि वे अब तक सिर्फ टीवी पर ही ऐसी लैब देखते थे, लेकिन अब यह उनके स्कूल में है। कार्यक्रम के अंत में तहसील प्रशासन के अधिकारियों ने मंत्री जी और जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया। प्रशासन की योजना है कि आने वाले समय में जिले के अन्य ब्लॉकों में भी इस तरह की विज्ञान प्रयोगशालाओं का विस्तार किया जाए।

जीयनपुर, आजमगढ़ आजमगढ़ जिले के ग्रामीण अंचलों में छिपी वैज्ञानिक प्रतिभाओं के लिए रविवार का दिन स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया। जनपद की सगड़ी तहसील स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय, जीयनपुर में अब छात्र केवल किताबों में ही ग्रहों और नक्षत्रों के बारे में नहीं पढ़ेंगे, बल्कि आधुनिक उपकरणों के जरिए अंतरिक्ष के रहस्यों को लाइव देख सकेंगे। प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर और जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से नवनिर्मित खगोल विज्ञान प्रयोगशाला (Astronomy Lab) का भव्य उद्घाटन किया।

DM रविंद्र कुमार की दूरदर्शी पहल: क्रिटिकल गैप्स योजना से साकार हुआ सपना

​यह खगोल विज्ञान प्रयोगशाला जिलाधिकारी रविंद्र कुमार की एक विशेष और दूरगामी सोच का परिणाम है। अक्सर देखा जाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों के मेधावी छात्र संसाधनों के अभाव में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में पीछे रह जाते हैं। इस गैप को भरने के लिए जिलाधिकारी ने 'क्रिटिकल गैप्स योजना' के तहत इस लैब का प्रस्ताव रखा और इसे धरातल पर उतारा। लैब के भीतर लगाए गए अत्याधुनिक टेलीस्कोप, खगोलीय चार्ट्स और मॉडल्स को देखकर स्वयं मंत्री जी भी दंग रह गए। उद्घाटन के बाद अधिकारियों ने लैब में रखे उपकरणों को चलाकर देखा और छात्रों से उनके वैज्ञानिक सपनों के बारे में बातचीत की।

मंत्री अनिल राजभर का आह्वान: "इनोवेशन ही भविष्य की कुंजी है"

​समारोह के मुख्य अतिथि मंत्री अनिल राजभर ने उपस्थित जनसमूह और छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की सोच है कि भारत का हर बच्चा 'न्यू इंडिया' की तकनीक से लैस हो। उन्होंने कहा, "यह प्रयोगशाला केवल एक कमरा नहीं, बल्कि अंतरिक्ष की खिड़की है। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के लिए यह मील का पत्थर साबित होगी। अब हमारे बच्चों को इसरो (ISRO) और नासा (NASA) जैसे संस्थानों में जाने का सपना देखने के लिए बड़े शहरों के महंगे कोचिंग सेंटरों की जरूरत नहीं होगी।" उन्होंने छात्रों से किताबी ज्ञान के साथ-साथ नवाचार (Innovation) और प्रयोगों पर ध्यान देने की अपील की।

ब्रह्मांड के रहस्यों को करीब से समझेंगे छात्र

​जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने खगोल विज्ञान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस लैब की स्थापना का मुख्य उद्देश्य छात्रों में तार्किक सोच और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना है। उन्होंने बताया कि इस लैब के माध्यम से छात्र सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बृहस्पति जैसे ग्रहों और विभिन्न नक्षत्रों की चाल को करीब से देख सकेंगे। यह न केवल उनके भूगोल और विज्ञान के पाठ्यक्रम को समझने में मदद करेगा, बल्कि भविष्य में उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान (Space Science) में करियर बनाने के लिए भी प्रेरित करेगा।

The Public Express विश्लेषण: शिक्षा के क्षेत्र में आजमगढ़ का नया अध्याय

​आजमगढ़ को अक्सर राजनीतिक और सामाजिक खबरों के लिए जाना जाता है, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में इस तरह का बुनियादी ढांचा तैयार करना एक नई क्रांति की शुरुआत है। जवाहर नवोदय विद्यालय में इस लैब का खुलना यह संदेश देता है कि यदि प्रशासनिक इच्छाशक्ति हो, तो सरकारी बजट का सही उपयोग कर बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाया जा सकता है। स्थानीय लोगों और शिक्षाविदों का मानना है कि इस लैब से आसपास के अन्य विद्यालयों के बच्चों को भी प्रेरणा मिलेगी और जिले में एक 'साइंस कल्चर' विकसित होगा।

क्षेत्र में खुशी का माहौल और भविष्य की योजनाएं

​उद्घाटन के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षकों और छात्रों के चेहरों पर एक अलग ही उत्साह देखने को मिला। छात्रों ने कहा कि वे अब तक सिर्फ टीवी पर ही ऐसी लैब देखते थे, लेकिन अब यह उनके स्कूल में है। कार्यक्रम के अंत में तहसील प्रशासन के अधिकारियों ने मंत्री जी और जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया। प्रशासन की योजना है कि आने वाले समय में जिले के अन्य ब्लॉकों में भी इस तरह की विज्ञान प्रयोगशालाओं का विस्तार किया जाए।

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