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चुनाव से पहले बवाल! CEC से क्यों भिड़े IAS अनुराग यादव, तुरंत पद से हटाए गए

📅 09 Apr 2026, 11:03 👁️ 1 व्यूज
अचानक फैसला… लेकिन असली वजह क्या है? पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल में एक ऐसा फैसला लिया गया, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कूच बिहार (दक्षिण) के चुनाव पर्यवेक्षक अनुराग यादव को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अचानक हटा दिया। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ एक अधिकारी की गलती थी… या कहानी इससे कहीं ज्यादा गहरी है? बैठक में क्या हुआ—सच या अधूरा सच? सूत्र बताते हैं कि एक वर्चुअल समीक्षा बैठक के दौरान दोनों के बीच तीखी बहस हुई। दावा किया जा रहा है कि अनुराग यादव सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। लेकिन कुछ अंदरूनी चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि बैठक का माहौल पहले से ही तनावपूर्ण था। क्या सवाल पूछने का तरीका इतना सख्त था कि विवाद बढ़ गया? क्या संवाद की जगह टकराव ने ले ली? सिर्फ ‘रवैया’ या कुछ और भी? आयोग की ओर से इसे अनुशासनहीनता और गैर-पेशेवर व्यवहार बताया जा रहा है। लेकिन प्रशासनिक गलियारों में एक अलग चर्चा भी चल रही है— 👉 क्या एक ही पक्ष को जिम्मेदार ठहराना सही है? 👉 क्या वरिष्ठ अधिकारियों के व्यवहार पर भी सवाल नहीं उठने चाहिए? यह मामला अब सिर्फ एक अधिकारी के हटाए जाने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सिस्टम के काम करने के तरीके पर भी सवाल खड़े कर रहा है। सख्ती या दबाव? चुनाव से पहले बढ़ा सस्पेंस चुनाव जैसे संवेदनशील समय में इस तरह का फैसला कई संकेत देता है। एक तरफ इसे सख्ती माना जा रहा है, तो दूसरी तरफ कुछ लोग इसे “अचानक और एकतरफा कार्रवाई” भी बता रहे हैं। सवाल अब भी बाकी है— 👉 क्या पूरी सच्चाई सामने आई है? 👉 या कहानी का कोई हिस्सा अब भी छिपा हुआ है?

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