अपराध
आजमगढ़ पुलिस की बड़ी सफलता: दो मुठभेड़ों में अंतरजनपदीय पशु चोर गिरोह का पर्दाफाश, चार गिरफ्तार, तीन चोरी की भैंसें बरामद
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📅 28 Jul 2026, 08:16 PM
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📍 Azamgarh
बरदह और दीदारगंज थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में अंतरजनपदीय पशु चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो पुलिस मुठभेड़ों में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें दो बदमाश घायल हुए। पुलिस ने तीन चोरी की भैंसें, एक पिकअप, एक मोटरसाइकिल, अवैध हथियार और ₹7 हजार नकद बरामद कर पशु चोरी के पांच मामलों का खुलासा किया।
आजमगढ़। जनपद में लगातार बढ़ रही पशु चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत आजमगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बरदह और दीदारगंज थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अंतरजनपदीय पशु चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो अलग-अलग पुलिस मुठभेड़ों में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें दो बदमाश पुलिस की जवाबी फायरिंग में घायल हुए, जबकि दो अन्य अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की तीन भैंसें, एक पिकअप वाहन, एक मोटरसाइकिल, दो अवैध तमंचे, कारतूस तथा ₹7 हजार नकद बरामद किए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में पशु चोरी की घटनाओं के खुलासे के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में 27/28 जुलाई की रात थाना दीदारगंज पुलिस को सूचना मिली कि पशु चोर बिना नंबर प्लेट की पिकअप से गुजरने वाले हैं। पुलिस ने सुघरपुर पुलिया के पास घेराबंदी की। पुलिस के रोकने पर बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें राशिद पुत्र महबूदिल निवासी हंसवर (अंबेडकरनगर) के पैर में गोली लगी, जबकि अशफाक उर्फ मोनू निवासी अहरौला (आजमगढ़) को गिरफ्तार कर लिया गया। इस दौरान उमर अली उर्फ नन्हकू अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने मौके से एक देशी तमंचा, कारतूस और पिकअप वाहन बरामद किया। बाद में अशफाक की निशानदेही पर चोरी की एक भैंस भी बरामद कर ली गई।
इसी रात थाना बरदह पुलिस को भी सूचना मिली कि पशु चोरी करने वाला गिरोह वाहन से क्षेत्र में आने वाला है। पुलिस ने ग्राम कोदहरा के पास घेराबंदी की। यहां भी बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में फिरोज पुत्र खदेरू निवासी अकबरपुर (अंबेडकरनगर) घायल हो गया, जबकि जुबैर पुत्र शोएब निवासी गंभीरपुर (आजमगढ़) को गिरफ्तार कर लिया गया। इस दौरान रिंकू यादव मौके से फरार हो गया। पुलिस ने एक तमंचा, कारतूस, चोरी की भैंस बेचकर प्राप्त ₹7 हजार नकद तथा एक मोटरसाइकिल बरामद की। जुबैर की निशानदेही पर चोरी की दो और भैंसें बरामद की गईं।
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे संगठित गिरोह बनाकर विभिन्न जनपदों में पहले रेकी करते थे और रात के समय भैंसों की चोरी कर उन्हें व्यापारियों के माध्यम से बेच देते थे। बिक्री से मिलने वाली रकम गिरोह के सदस्यों में आपस में बांट ली जाती थी। आरोपियों ने बरदह, दीदारगंज, महाराजगंज और कप्तानगंज थाना क्षेत्रों में हुई कुल पांच पशु चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता भी स्वीकार की है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। फरार चल रहे दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि पशु चोरी करने वाले गिरोहों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली ऐसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।