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UP Panchayat Chunav 2026: यूपी पंचायत चुनाव की तारीखों पर बड़ा अपडेट, मंत्री ओपी राजभर ने बताया कब पड़ेंगे वोट
📅 01 Feb 2026, 12:34
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उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव (UP Panchayat Chunav 2026) की तैयारियों में जुटे प्रत्याशियों और ग्रामीणों के लिए बड़ी खबर है। पिछले कई हफ्तों से चल रही "चुनाव टलने" की अटकलों पर योगी सरकार ने पूर्णविराम लगा दिया है। पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर (OP Rajbhar) ने स्पष्ट कर दिया है कि पंचायत चुनाव अपने तय समय पर ही होंगे और प्रशासन इसके लिए पूरी तरह तैयार है।
अप्रैल-मई में चुनावी रणभेरी (Election Dates)
हाथरस में एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बात करते हुए मंत्री ओपी राजभर ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग सक्रिय रूप से काम कर रहा है। उन्होंने तारीखों का संकेत देते हुए कहा कि अप्रैल और मई 2026 के महीनों में चुनाव प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
प्रशासनिक तैयारियों का ब्यौरा देते हुए उन्होंने कहा, "चुनाव आयोग और प्रशासन पूरी तरह तैयार है। चुनाव के लिए जरूरी मतपत्र (Ballot Papers) जिलों में पहुंचा दिए गए हैं।"
मार्च 2026 में फाइनल वोटर लिस्ट
गांव की सरकार चुनने के लिए सबसे जरूरी दस्तावेज यानी मतदाता सूची (Voter List) पर भी काम तेजी से चल रहा है। राजभर के मुताबिक, वोटर लिस्ट के प्रकाशन की प्रक्रिया जारी है और मार्च 2026 तक मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया जाएगा।
क्यों नहीं टलेंगे चुनाव? (No Delays)
अभी तक कयास लगाए जा रहे थे कि जनगणना (Census) और यूजीसी (UGC) के नए नियमों के विवाद के चलते चुनाव आगे बढ़ सकते हैं। इस पर मंत्री ने स्थिति एकदम साफ कर दी:
जनगणना: मंत्री ने बताया कि जनगणना का कार्य 2027 में तय हुआ है, इसलिए इसका असर मौजूदा पंचायत चुनाव पर नहीं पड़ेगा।
SIR और नियम: स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और अन्य विवादों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि ये प्रक्रियाएं चुनाव में बाधा नहीं बनेंगी। सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, वह सर्वमान्य होगा।
आरक्षण सूची पर टिकी सबकी निगाहें (Reservation List Anxiety)
भले ही चुनाव का समय स्पष्ट हो गया हो, लेकिन गांव के 'प्रधान पद' के दावेदारों की धड़कनें आरक्षण सूची (Reservation List) को लेकर बढ़ी हुई हैं। अभी तक यह तस्वीर साफ नहीं है कि कौन सी सीट एससी-एसटी (SC-ST) के खाते में जाएगी, कहां ओबीसी (OBC) का दबदबा होगा और कौन सी सीट सामान्य (General) रहेगी।
पुराने प्रधान अपनी सीट बचाने और नए दावेदार टिकट पाने के लिए अभी से गणित बिठाने में लगे हैं। सीटों के आरक्षण की सूची जारी होते ही चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल जाएंगे।
चुनावी मोड में आई पार्टियां
सरकार के ऐलान के साथ ही राजनीतिक दलों में भी हलचल तेज हो गई है। भाजपा, सपा, कांग्रेस और बसपा जैसे दल जमीनी स्तर पर सक्रिय हो चुके हैं। गांवों में चौपालों और दावतों का दौर शुरू हो गया है। अब देखना यह होगा कि आरक्षण की लॉटरी खुलने के बाद ऊंट किस करवट बैठता है।