आजमगढ़: 'सपा के गढ़' को ढहाने के लिए राजभर ने कसी कमर, शंकराचार्य नहीं सपा के नेता है अविमुक्तेश्वरानंद
आजमगढ़ के जीयनपुर में सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने 29 मार्च की महारैली को लेकर हुंकार भरी। कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में राजभर ने सपा के 'MY' समीकरण को चुनौती देते हुए इसे ध्वस्त करने का दावा किय
आजमगढ़ के जीयनपुर में सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने 29 मार्च की महारैली को लेकर हुंकार भरी। कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में राजभर ने सपा के 'MY' समीकरण को चुनौती देते हुए इसे ध्वस्त करने का दावा किय
जीयनपुर (आजमगढ़): सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आगामी 29 मार्च को जीयनपुर में होने वाली महारैली की तैयारियों को धार देने के लिए कार्यकर्ताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान राजभर ने न केवल संगठन की मजबूती पर चर्चा की, बल्कि विपक्षी दलों, विशेषकर समाजवादी पार्टी पर जमकर हमला बोला।
कार्यकर्ताओं ने किया भव्य स्वागत
जीयनपुर पहुँचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने मंत्री राजभर का फूलों की माला पहनाकर और नारेबाजी के साथ जोरदार स्वागत किया। बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए राजभर ने बताया कि यह दौरा मुख्य रूप से कार्यकर्ताओं के उत्साहवर्धन और 29 मार्च की रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए था। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, "पार्टी के नेताओं ने चाय पर बुलाया था, जहाँ आगामी रणनीति पर चर्चा हुई।"
सपा के 'एमवाई' (MY) समीकरण पर प्रहार
राजभर ने आजमगढ़ को समाजवादी पार्टी का 'गढ़' कहे जाने पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा:
"समाजवादी पार्टी जिसे अपना अभेद्य किला मानती है, वह केवल एमवाई (मुस्लिम-यादव) समीकरण के भरोसे है। लेकिन इस बार जनता हकीकत समझ चुकी है। सगड़ी विधानसभा समेत पूरे जिले में सपा का यह गढ़ इस बार टूट जाएगा और सुभासपा-एनडीए गठबंधन बड़ी जीत दर्ज करेगा।"
अखिलेश यादव और शंकराचार्य पर विवादित बयान
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से हालिया मुलाकात पर राजभर ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने शंकराचार्य की पहचान पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे "शंकराचार्य नहीं, बल्कि सपा के नेता" की तरह व्यवहार कर रहे हैं। राजभर ने इतिहास दोहराते हुए आरोप लगाया कि:
- वर्ष 1990 में तत्कालीन सपा सरकार के दौरान शंकराचार्य पर लाठीचार्ज करवाया गया था।
- विपक्ष अब केवल राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का सहारा ले रहा है।
ओमप्रकाश सिंह के 'एक्का-बक्का' बयान पर पलटवार
बीते दिनों पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह द्वारा जीयनपुर में दिए गए 'एक्का-बक्का' (अकेले पड़ जाने) वाले बयान पर राजभर ने पलटवार करने में देरी नहीं की। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, "वह हमें न बताएं कि हमें क्या करना है। हमारी सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और जमीन पर हमारा संगठन बेहद मजबूत है।"
पंचायत चुनाव पर स्पष्टीकरण
स्थानीय राजनीति और आगामी चुनावों पर चर्चा करते हुए राजभर ने आश्वस्त किया कि प्रदेश में पंचायत चुनाव समय पर ही संपन्न होंगे और इसके लिए सरकार व पार्टी पूरी तरह तैयार है।
29 मार्च की रैली राजभर के लिए आजमगढ़ में अपनी ताकत दिखाने का बड़ा मौका है। जिस तरह से उन्होंने सपा के कोर वोट बैंक और अखिलेश यादव के धार्मिक कार्ड पर हमला बोला है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में आजमगढ़ की राजनीति का पारा और चढ़ने वाला है।
जीयनपुर (आजमगढ़): सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने आगामी 29 मार्च को जीयनपुर में होने वाली महारैली की तैयारियों को धार देने के लिए कार्यकर्ताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान राजभर ने न केवल संगठन की मजबूती पर चर्चा की, बल्कि विपक्षी दलों, विशेषकर समाजवादी पार्टी पर जमकर हमला बोला।
कार्यकर्ताओं ने किया भव्य स्वागत
जीयनपुर पहुँचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने मंत्री राजभर का फूलों की माला पहनाकर और नारेबाजी के साथ जोरदार स्वागत किया। बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए राजभर ने बताया कि यह दौरा मुख्य रूप से कार्यकर्ताओं के उत्साहवर्धन और 29 मार्च की रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए था। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, "पार्टी के नेताओं ने चाय पर बुलाया था, जहाँ आगामी रणनीति पर चर्चा हुई।"
सपा के 'एमवाई' (MY) समीकरण पर प्रहार
राजभर ने आजमगढ़ को समाजवादी पार्टी का 'गढ़' कहे जाने पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा:
"समाजवादी पार्टी जिसे अपना अभेद्य किला मानती है, वह केवल एमवाई (मुस्लिम-यादव) समीकरण के भरोसे है। लेकिन इस बार जनता हकीकत समझ चुकी है। सगड़ी विधानसभा समेत पूरे जिले में सपा का यह गढ़ इस बार टूट जाएगा और सुभासपा-एनडीए गठबंधन बड़ी जीत दर्ज करेगा।"
अखिलेश यादव और शंकराचार्य पर विवादित बयान
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से हालिया मुलाकात पर राजभर ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने शंकराचार्य की पहचान पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे "शंकराचार्य नहीं, बल्कि सपा के नेता" की तरह व्यवहार कर रहे हैं। राजभर ने इतिहास दोहराते हुए आरोप लगाया कि:
- वर्ष 1990 में तत्कालीन सपा सरकार के दौरान शंकराचार्य पर लाठीचार्ज करवाया गया था।
- विपक्ष अब केवल राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का सहारा ले रहा है।
ओमप्रकाश सिंह के 'एक्का-बक्का' बयान पर पलटवार
बीते दिनों पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह द्वारा जीयनपुर में दिए गए 'एक्का-बक्का' (अकेले पड़ जाने) वाले बयान पर राजभर ने पलटवार करने में देरी नहीं की। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, "वह हमें न बताएं कि हमें क्या करना है। हमारी सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और जमीन पर हमारा संगठन बेहद मजबूत है।"
पंचायत चुनाव पर स्पष्टीकरण
स्थानीय राजनीति और आगामी चुनावों पर चर्चा करते हुए राजभर ने आश्वस्त किया कि प्रदेश में पंचायत चुनाव समय पर ही संपन्न होंगे और इसके लिए सरकार व पार्टी पूरी तरह तैयार है।
29 मार्च की रैली राजभर के लिए आजमगढ़ में अपनी ताकत दिखाने का बड़ा मौका है। जिस तरह से उन्होंने सपा के कोर वोट बैंक और अखिलेश यादव के धार्मिक कार्ड पर हमला बोला है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में आजमगढ़ की राजनीति का पारा और चढ़ने वाला है।