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दो दशक तक बिहार की राजनीति पर राज करने वाले नेता का बड़ा फैसला, मुख्यमंत्री पद छोड़ संसद जाने की तैयारी क्यों?
📅 05 Mar 2026, 18:59
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पटना: बिहार की राजनीति में एक बड़ा और अहम घटनाक्रम सामने आया है। राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। इस खबर के सामने आने के बाद बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है और राजनीतिक गलियारों में नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
दो दशक से बिहार की राजनीति के केंद्र में नीतीश कुमार
करीब दो दशकों से बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे नीतीश कुमार को राज्य के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता है। लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद संभालने वाले इस वरिष्ठ नेता का राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करना राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
उनके नेतृत्व में बिहार में कई राजनीतिक उतार-चढ़ाव देखने को मिले और उन्होंने अलग-अलग गठबंधनों के साथ सरकार भी चलाई। इसी कारण उनका यह कदम राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राज्यसभा जाने के फैसले से बढ़ीं राजनीतिक अटकलें
नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि आने वाले समय में बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव हो सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि वह राज्यसभा जाते हैं तो राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की संभावना बढ़ सकती है।
हालांकि अभी तक इस संबंध में मुख्यमंत्री पद छोड़ने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं।
“सुशासन बाबू” के नाम से मिली पहचान
नीतीश कुमार को बिहार की राजनीति में “सुशासन बाबू” के नाम से भी जाना जाता है। उनके कार्यकाल के दौरान राज्य में कई विकास योजनाएं शुरू की गईं। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनकी सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए।
इसके अलावा बिहार में शराबबंदी लागू करने का फैसला भी उनके शासनकाल का एक बड़ा निर्णय माना जाता है, जिसने देशभर में चर्चा बटोरी थी।
गठबंधन राजनीति को लेकर भी रहे चर्चा में
अपने लंबे राजनीतिक करियर के दौरान नीतीश कुमार कई बार गठबंधन बदलने को लेकर भी चर्चा में रहे। कभी भारतीय जनता पार्टी के साथ तो कभी विपक्षी दलों के साथ मिलकर सरकार बनाने को लेकर विपक्ष अक्सर उन पर निशाना साधता रहा है।
हालांकि इन राजनीतिक उतार-चढ़ावों के बावजूद बिहार की राजनीति में उनका प्रभाव लगातार बना रहा।
अगला मुख्यमंत्री कौन? चर्चाएं तेज
नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। राजनीतिक हलकों में कई नामों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
माना जा रहा है कि अगर नेतृत्व परिवर्तन होता है तो सत्तारूढ़ गठबंधन किसी नए चेहरे को मुख्यमंत्री बना सकता है।
समर्थकों के बीच भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं
इस घटनाक्रम के बाद नीतीश कुमार के समर्थकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे राजनीतिक रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं, जबकि कुछ समर्थक चाहते हैं कि वह मुख्यमंत्री पद पर ही बने रहें।
बिहार की राजनीति में नए दौर की शुरुआत?
कुल मिलाकर देखा जाए तो नीतीश कुमार का राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करना बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है। लंबे समय तक राज्य की सत्ता का नेतृत्व करने वाले इस वरिष्ठ नेता का यह कदम आने वाले समय में बिहार और राष्ट्रीय राजनीति दोनों को प्रभावित कर सकता है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में क्या नया घटनाक्रम सामने आता है और राज्य की सत्ता का नेतृत्व किसके हाथ में जाता है।