आजमगढ़ में ED की 'सर्जिकल स्ट्राइक': ब्रिटेन की नागरिकता और भारत से सरकारी वेतन, मदरसा शिक्षक के घर छापेमारी से हड़कंप
आजमगढ़ (मुबारकपुर): उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में बुधवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने मुबारकपुर स्थित एक मदरसा शिक्षक के आवास पर धावा बोल दिया। मामला साधारण नहीं है— यह एक ऐसे शिक्षक की कहानी है जिसने सात समंदर पार ब्रिटेन की नागरिकता ले ली, लेकिन भारत सरकार के खजाने से वेतन और रिटायरमेंट के लाभ लेना नहीं छोड़ा।
ब्रिटिश नागरिक बनकर सरकारी खजाने में लगाई सेंध
जांच के घेरे में आए शिक्षक का नाम शमसुल हुदा खान है, जो मूल रूप से संतकबीरनगर के रहने वाले हैं। शमसुल हुदा साल 1984 में आजमगढ़ के प्रतिष्ठित मदरसे ‘दारुल उलूम अहले सुन्नत मदरसा अशरफिया मिस्बाहुल उलूम’ में सहायक अध्यापक नियुक्त हुए थे। कहानी में मोड़ साल 2007 में आया, जब वे ब्रिटेन चले गए। साल 2013 में उन्होंने वहां की नागरिकता भी हासिल कर ली। भारतीय नियमों के अनुसार, विदेशी नागरिकता लेते ही सरकारी पद से त्यागपत्र देना अनिवार्य है, लेकिन शमसुल हुदा ने 'विभागीय साठगांठ' के दम पर साल 2017 तक मदरसे से वेतन लेना जारी रखा।
16 लाख का 'सैलरी स्कैम' और रसूख का खेल
आरोप है कि ब्रिटेन में रहते हुए भी कागजों पर उन्हें 'चिकित्सा अवकाश' (Medical Leave) मिलता रहा। इस फर्जीवाड़े के जरिए उन्होंने करीब 16 लाख रुपये वेतन के रूप में डकारे। इतना ही नहीं, साल 2017 में उन्हें बाकायदा 'स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति' (VRS) भी दे दी गई, ताकि वे पेंशन और अन्य लाभ ले सकें।
लपेटे में आए कई बड़े अधिकारी, गिरी निलंबन की गाज
इस घोटाले की गूंज जब लखनऊ शासन तक पहुंची, तो हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक एसएन पांडे समेत गाजियाबाद, बरेली और अमेठी में तैनात चार जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों (DMO) को सस्पेंड किया जा चुका है। इन अधिकारियों पर आरोप है कि आजमगढ़ में तैनाती के दौरान इन्होंने नियमों को ताक पर रखकर शिक्षक को लाभ पहुंचाया।
मुबारकपुर में सुबह से जुटी ED की टीम
आज सुबह जैसे ही ईडी की गाड़ियां मुबारकपुर स्थित शमसुल हुदा के अस्थाई आवास पर रुकीं, इलाके में सनसनी फैल गई। सूत्रों की मानें तो टीम विदेशी फंडिंग, मनी लॉन्ड्रिंग और इस घोटाले में शामिल अन्य सफेदपोशों के सुराग तलाश रही है। हालांकि, मौके पर मौजूद अधिकारियों ने मीडिया के कैमरों से दूरी बना रखी है और अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।