Delhi Crime: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के 5 गुर्गे गिरफ्तार, बवाना कारोबारी वैभव गांधी हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा
नई दिल्ली: दिल्ली के बवाना औद्योगिक क्षेत्र (Bawana Industrial Area) में हुए सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरी राजधानी को हिलाकर रख दिया था। लेकिन अब दिल्ली पुलिस ने इस मामले में बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी एक फिल्मी स्टाइल एनकाउंटर के बाद हुई है, जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली भी लगी है।
क्या थी 9 फरवरी की वो खूनी वारदात?
बीती 9 फरवरी को बवाना के सेक्टर 4 में 35 वर्षीय कारोबारी वैभव गांधी, जो प्लास्टिक ग्रैन्यूल्स का बड़ा कारोबार करते थे, अपनी फैक्ट्री के पास जा रहे थे। दोपहर करीब 12:50 बजे, दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार हमलावरों ने उन्हें घेर लिया। हमलावरों ने पहले उनकी कार की चाबी और लैपटॉप बैग छीनने की कोशिश की। जब वैभव गांधी ने हिम्मत दिखाते हुए विरोध किया, तो बदमाशों ने उनके सिर में सटाकर गोली मार दी। वैभव की मौके पर ही मौत हो गई और बदमाश बैग लेकर फरार हो गए।
पुलिस का 'ऑपरेशन क्लीन' और एनकाउंटर
दिल्ली पुलिस इस मामले में लगातार सुराग तलाश रही थी। आज पुलिस को विशिष्ट सूचना मिली कि आरोपी इलाके में छिपे हैं। घेराबंदी करने पर बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिसमें एक आरोपी के पैर में गोली लगी। पुलिस ने मौके से तीन बदमाशों को दबोचा और बाद में उनकी निशानदेही पर गैंग के दो अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया गया।
सोशल मीडिया पोस्ट से फैली दहशत
हत्या के अगले ही दिन सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुआ, जिसने जांच की दिशा ही बदल दी। लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से जारी इस पोस्ट में न केवल हत्या की जिम्मेदारी ली गई, बल्कि यह भी बताया गया कि यह जवाद गोगी, हाशिम बाबा और काला राणा जैसे गैंगों का एक 'ज्वाइंट ऑपरेशन' था। पोस्ट में धमकी दी गई कि जो भी गैंग के काम में दखल देगा, उसका अंजाम वैभव गांधी जैसा ही होगा।
लूट या रंगदारी? ₹1 करोड़ की बरामदगी से उलझी गुत्थी
पुलिस ने जांच के दौरान वैभव गांधी की कार से लगभग ₹1 करोड़ की भारी-भरकम राशि बरामद की है। अब पुलिस दो पहलुओं पर जांच कर रही है:
- क्या यह सिर्फ एक बड़ी लूट (Dacoity) की साजिश थी?
- या फिर यह गैंग द्वारा मांगी गई रंगदारी (Extortion) से जुड़ा मामला था?
राजधानी की सुरक्षा पर सवाल
बवाना जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में इस तरह की वारदात ने व्यापारियों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम बार-बार बड़े हत्याकांडों में आना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। हालांकि, इस हालिया कार्रवाई से पुलिस ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि अपराधी चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, कानून के लंबे हाथों से बच नहीं पाएगा।
The Public Express: विशेष विश्लेषण
लॉरेंस बिश्नोई गैंग इस वक्त उत्तर भारत का सबसे खतरनाक सिंडिकेट बन चुका है। जेल में बंद होने के बावजूद बिश्नोई का नेटवर्क सोशल मीडिया के जरिए अपनी दहशत फैला रहा है। दिल्ली पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचने की कोशिश कर रही है ताकि राजधानी को इन गैंगस्टरों के चंगुल से मुक्त कराया जा सके।