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अपराध
फर्जी गोविंद खड़ा कर 3.50 लाख में कराया जमीन का बैनामा, पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा
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|📅 11 Aug 2026, 07:32 PM|👁️ 70|📍 Azamgarh
आजमगढ़ में 3.50 लाख रुपये लेकर असली गोविंद की जगह फर्जी व्यक्ति खड़ा कर जमीन का बैनामा कराने के आरोप में कप्तानगंज पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
आजमगढ़। कप्तानगंज थाना क्षेत्र में जमीन के फर्जी बैनामे का मामला सामने आया है। आरोप है कि जमीन बेचने के नाम पर 3.50 लाख रुपये लेने के बाद असली जमीन मालिक गोविंद पुत्र झूरी की जगह दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर बैनामा करा दिया गया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और विवेचना में सामने आए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
बच्चे के इलाज और जरूरतों का हवाला देकर बेचने की बात
पुलिस के मुताबिक, मामले की शिकायत 2 अगस्त को कप्तानगंज थाना क्षेत्र के हूँसेपुर सनूप निवासी महिला ने की थी। शिकायत में बताया गया कि उनके जेठ संजय सिंह से ग्राम मादेपुर, थाना अतरौलिया निवासी गोविंद पुत्र झूरी की पत्नी और प्रेमा पत्नी रोहित ने जमीन बेचने की बात कही थी।
आरोपियों ने बताया था कि बच्चे के इलाज और अन्य जरूरी कामों के लिए उन्हें पैसों की जरूरत है। इसके बाद ग्राम मादेपुर स्थित गाटा संख्या 746, रकबा 0.417 हेक्टेयर जमीन का सौदा 3.50 लाख रुपये में तय हुआ।
खाते में जमा कराई रकम, कुछ पैसा नकद भी दिया
शिकायत के अनुसार तय रकम में से 3.50 लाख रुपये गोविंद पुत्र झूरी के खाते में जमा कराए गए, जबकि कुछ धनराशि नकद दिए जाने की बात भी कही गई है। बैनामा कराने के लिए कहने पर आरोपियों ने तीन दिन का समय मांगा।
इसके बाद जब बैनामा कराने की प्रक्रिया शुरू हुई तो कथित तौर पर असली गोविंद की जगह एक दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर दिया गया।
आधार-पैन और OTP से हुआ सत्यापन
मामले में पुलिस के अनुसार फर्जी व्यक्ति को ही गोविंद के रूप में पेश कर बैनामा कराने की प्रक्रिया पूरी कराई गई। इस दौरान आधार कार्ड, पैन कार्ड, मोबाइल नंबर और ओटीपी समेत जरूरी सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कराई गई और जमीन का बैनामा करा दिया गया।
बाद में जब शिकायतकर्ता को इस पूरे मामले की जानकारी हुई तो उसे कथित फर्जीवाड़े का पता चला। इसके बाद कप्तानगंज थाने में शिकायत दी गई।
जांच में सामने आए दो नाम
शिकायत के आधार पर कप्तानगंज पुलिस ने मु0अ0सं0 248/2026 दर्ज किया। मामले में धारा 318(4) और 319(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस के सामने प्रेमा पत्नी रोहित, निवासी ग्राम मादेपुर और सत्यम विश्वकर्मा, निवासी खोजापुर, थाना सिधारी के नाम सामने आए।
पुलिस के मुताबिक, दोनों की भूमिका सामने आने के बाद उनकी तलाश शुरू की गई। पुलिस ने 11 अगस्त को कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को बूढ़नपुर तिराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में—प्रेमा पत्नी रोहित, निवासी ग्राम मादेपुर, तहसील बूढ़नपुर, आजमगढ़। सत्यम विश्वकर्मा पुत्र विश्वकर्मा, निवासी खोजापुर, थाना सिधारी, आजमगढ़। शामिल हैं। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार करने के बाद मामले में आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
फर्जी बैनामे में किसकी क्या भूमिका?
इस मामले में पुलिस की जांच का एक अहम हिस्सा यह भी है कि असली जमीन मालिक की जगह फर्जी व्यक्ति को खड़ा करने की व्यवस्था किसने की और बैनामे की प्रक्रिया में इस्तेमाल किए गए दस्तावेज और सत्यापन की प्रक्रिया कैसे पूरी हुई।
पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है। हालांकि, अभी तक पुलिस की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि फर्जी व्यक्ति कौन था और बैनामे के समय वह किसके कहने पर जमीन मालिक बनकर पहुंचा था। फिलहाल पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की विवेचना जारी है।
जितेंद्र यादव | संपादक द पब्लिक एक्सप्रेस
जितेंद्र यादव पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के कई प्रतिष्ठित संस्थानों के लिए काम करते हुए जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है। स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, राजनीति, प्रशासन और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरों को करीब से कवर करने का उनका लंबा अनुभव है। उनका मानना है कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर पहुंचाना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक तस्वीर सामने रखना और जनता की आवाज को जिम्मेदारी के साथ उठाना है।