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राजनीति
आजमगढ़: जिला कारागार के सरकारी खाते से ठगी गई राशि होगी वापस, कोर्ट ने दिए ₹1.43 लाख रिकवरी के आदेश
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📅 08 Apr 2026, 11:51 AM
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आजमगढ़ पुलिस की बड़ी जीत! जिला कारागार के सरकारी खाते से फर्जी तरीके से निकाली गई ₹1.43 लाख की राशि अब कोर्ट के आदेश पर वापस होगी। जानें पूरा मामला।
आजमगढ़ पुलिस की बड़ी जीत! जिला कारागार के सरकारी खाते से फर्जी तरीके से निकाली गई ₹1.43 लाख की राशि अब कोर्ट के आदेश पर वापस होगी। जानें पूरा मामला।
आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश): आजमगढ़ पुलिस को आर्थिक अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता मिली है। थाना कोतवाली पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते माननीय न्यायालय ने जिला कारागार के सरकारी खाते से धोखाधड़ी कर निकाली गई ₹1,43,002 (एक लाख तैंतालीस हजार दो रुपये) की राशि को वापस सरकारी खाते में जमा करने का आदेश दिया है।
क्या है पूरा मामला? (The Forgery Case)
जिला कारागार आजमगढ़ के अधीक्षक ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर सूचित किया था कि कुछ व्यक्तियों ने आपस में मिलीभगत कर कार्यालय से चेकबुक प्राप्त की और कूटरचना (Forgery) के जरिए सरकारी धन का गबन किया। इस धोखाधड़ी के संबंध में थाना कोतवाली पर मु0अ0सं0 516/2025 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
इन अभियुक्तों के खिलाफ हुई कार्रवाई
पुलिस विवेचना और साक्ष्य संकलन के दौरान पाया गया कि जालसाजी के जरिए हड़पी गई राशि विभिन्न अभियुक्तों के बैंक खातों में मौजूद थी। इस मामले में मुख्य अभियुक्त निम्नलिखित हैं:
रामजीत यादव उर्फ संजय
शिवशंकर उर्फ गोरख
मुशीर अहमद
अवधेश कुमार पाण्डेय
न्यायालय का महत्वपूर्ण फैसला
आजमगढ़ पुलिस द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट में प्रभावी रिपोर्ट प्रेषित की गई। जाँच में पाया गया कि अभियुक्तों के खातों में कुल 1,43,002 रुपये होल्ड (Hold) पर थे। माननीय न्यायालय ने अब इस पूरी धनराशि को वापस जिला कारागार के सरकारी खाते में जमा कराने का कड़ा आदेश पारित किया है।
"आर्थिक अपराध और फर्जीवाड़े से अर्जित धन की रिकवरी के लिए आजमगढ़ पुलिस निरंतर त्वरित कार्रवाई कर रही है। यह फैसला अपराधियों के लिए एक कड़ी चेतावनी है।" —
आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश): आजमगढ़ पुलिस को आर्थिक अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता मिली है। थाना कोतवाली पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते माननीय न्यायालय ने जिला कारागार के सरकारी खाते से धोखाधड़ी कर निकाली गई ₹1,43,002 (एक लाख तैंतालीस हजार दो रुपये) की राशि को वापस सरकारी खाते में जमा करने का आदेश दिया है।
क्या है पूरा मामला? (The Forgery Case)
जिला कारागार आजमगढ़ के अधीक्षक ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर सूचित किया था कि कुछ व्यक्तियों ने आपस में मिलीभगत कर कार्यालय से चेकबुक प्राप्त की और कूटरचना (Forgery) के जरिए सरकारी धन का गबन किया। इस धोखाधड़ी के संबंध में थाना कोतवाली पर मु0अ0सं0 516/2025 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
इन अभियुक्तों के खिलाफ हुई कार्रवाई
पुलिस विवेचना और साक्ष्य संकलन के दौरान पाया गया कि जालसाजी के जरिए हड़पी गई राशि विभिन्न अभियुक्तों के बैंक खातों में मौजूद थी। इस मामले में मुख्य अभियुक्त निम्नलिखित हैं:
रामजीत यादव उर्फ संजय
शिवशंकर उर्फ गोरख
मुशीर अहमद
अवधेश कुमार पाण्डेय
न्यायालय का महत्वपूर्ण फैसला
आजमगढ़ पुलिस द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट में प्रभावी रिपोर्ट प्रेषित की गई। जाँच में पाया गया कि अभियुक्तों के खातों में कुल 1,43,002 रुपये होल्ड (Hold) पर थे। माननीय न्यायालय ने अब इस पूरी धनराशि को वापस जिला कारागार के सरकारी खाते में जमा कराने का कड़ा आदेश पारित किया है।
"आर्थिक अपराध और फर्जीवाड़े से अर्जित धन की रिकवरी के लिए आजमगढ़ पुलिस निरंतर त्वरित कार्रवाई कर रही है। यह फैसला अपराधियों के लिए एक कड़ी चेतावनी है।" —