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अपराध
आजमगढ़ में UPSSSC परीक्षा में नकल का खुलासा: कान में छिपा था ब्लूटूथ डिवाइस, अंडरवियर से भी मिला उपकरण; वाराणसी तक जुड़े तार
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|📅 10 Aug 2026, 08:16 PM|👁️ 44|📍 Azamgarh
आजमगढ़ में UPSSSC परीक्षा के दौरान कान में ब्लूटूथ डिवाइस और अंडरवियर में दूसरा उपकरण छिपाकर नकल की कोशिश करने वाले वाराणसी निवासी अभ्यर्थी को पुलिस ने गिरफ्तार कर कथित नकल गिरोह की तलाश शुरू कर दी है।
आजमगढ़। शिब्ली नेशनल कॉलेज में आयोजित UPSSSC प्राविधिक मुख्य परीक्षा के दौरान नकल की कोशिश के मामले में पुलिस ने वाराणसी निवासी अभ्यर्थी आलोक पटेल को गिरफ्तार किया है। परीक्षा के दौरान संदिग्ध गतिविधियां सामने आने के बाद कक्ष निरीक्षकों को शक हुआ। तलाशी में अभ्यर्थी के कान के अंदर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मिला, जबकि दूसरा ब्लूटूथ उपकरण अंडरवियर में छिपाकर रखा गया था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के पास से एक हियरिंग डिवाइस, एक ब्लूटूथ डिवाइस और दो बैटरी सेल बरामद किए गए हैं। मामले में मुकदमा दर्ज कर पुलिस अब उस व्यक्ति की तलाश में जुटी है, जिसने अभ्यर्थी को ये उपकरण उपलब्ध कराए थे।
कक्ष निरीक्षकों को संदिग्ध लगी गतिविधियां
अपर पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक, शिब्ली नेशनल कॉलेज में परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षक अफजाल अहमद उस्मानी और आनंद सागर राय की ड्यूटी लगी थी। परीक्षा के बीच एक अभ्यर्थी की गतिविधियां संदिग्ध दिखाई दीं। पूछताछ में उसने अपना नाम आलोक पटेल पुत्र वंशराज पटेल, निवासी वाराणसी बताया।
इसके बाद उसकी तलाशी ली गई। कान की जांच करने पर अंदर छोटा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण दिखाई दिया। पुलिस के अनुसार डॉक्टरों की मदद से सावधानीपूर्वक डिवाइस को बाहर निकाला गया। जांच में उसमें सिम कार्ड और दो बैटरी सेल लगे मिले।
पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई और मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई।
अंडरवियर में भी छिपा रखा था डिवाइस
पुलिस के मुताबिक, जांच यहीं नहीं रुकी। अभ्यर्थी की तलाशी के दौरान उसके अंडरवियर से एक अतिरिक्त ब्लूटूथ डिवाइस बरामद हुआ। यानी परीक्षा में नकल के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल करने की कथित तौर पर पूरी तैयारी की गई थी।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि परीक्षा में नकल कराने की इस कथित योजना के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
वाराणसी में हुई थी कथित डील, अब गिरोह की तलाश
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वाराणसी में उसकी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई थी। कथित तौर पर उसी व्यक्ति ने उसे हियरिंग डिवाइस, ब्लूटूथ उपकरण और बैटरी उपलब्ध कराई थी। इतना ही नहीं, उपकरणों को शरीर में छिपाने और परीक्षा के दौरान इस्तेमाल करने का तरीका भी बताया गया था।
आरोपी के मुताबिक उसे बताया गया था कि परीक्षा के दौरान बाहर मौजूद व्यक्ति मोबाइल या अन्य माध्यम से प्रश्नों के उत्तर बताएगा। परीक्षा में चयन होने के बाद इसके बदले पैसे देने की बात कही गई थी।
पुलिस अब आरोपी के इस बयान की भी जांच कर रही है और उस व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास कर रही है, जिसने कथित तौर पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण उपलब्ध कराए थे।
बड़ा सवाल: क्या नकल का नेटवर्क परीक्षा केंद्र से बाहर तक फैला था?
इस मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि क्या यह सिर्फ एक अभ्यर्थी की कोशिश थी या इसके पीछे संगठित नकल कराने वाला कोई नेटवर्क काम कर रहा था। पुलिस अब बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, सिम और आरोपी के संपर्कों की जांच कर रही है।
अगर पूछताछ में सामने आए आरोपों की पुष्टि होती है तो जांच का दायरा वाराणसी समेत अन्य स्थानों तक बढ़ सकता है।
फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है और कथित नकल गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
जितेंद्र यादव | संपादक द पब्लिक एक्सप्रेस
जितेंद्र यादव पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के कई प्रतिष्ठित संस्थानों के लिए काम करते हुए जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की है। स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, राजनीति, प्रशासन और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरों को करीब से कवर करने का उनका लंबा अनुभव है। उनका मानना है कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर पहुंचाना नहीं, बल्कि समाज की वास्तविक तस्वीर सामने रखना और जनता की आवाज को जिम्मेदारी के साथ उठाना है।