छात्र आंदोलन में जाने से रोके गए भुअर अखाड़ा के संचालक विजय शंकर यादव, 'हाउस अरेस्ट' का आरोप; डीएम के नाम सौंपा ज्ञापन
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📅 24 Jul 2026, 02:40 PM
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Azamgarh
भुअर अखाड़ा के संचालक विजय शंकर यादव ने उन्हें हाउस अरेस्ट किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने डीएम के नाम ज्ञापन देकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
आजमगढ़। पूर्वांचल में छात्र हितों की आवाज़ उठाने वाले भुअर अखाड़ा के संचालक विजय शंकर यादव 'भुअर' ने आरोप लगाया है कि छात्र हित में आयोजित विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए शुक्रवार को आज़मगढ़ प्रशासन ने उन्हें जीयनपुर स्थित उनके आवास पर ही रोक दिया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
विजय शंकर यादव ने सोशल मीडिया पर भी दावा किया कि उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने से रोकने के लिए उनके घर पर पुलिस तैनात कर दी गई। उन्होंने इसे "अघोषित आपातकाल" बताते हुए कहा कि सरकार छात्र-युवाओं की आवाज़ दबाना चाहती है।
'द पब्लिक एक्सप्रेस' से बातचीत में विजय शंकर यादव ने बताया कि सुबह से ही उनके आवास पर पुलिस तैनात कर दी गई थी, जिसके चलते वे निर्धारित कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को उन्होंने जिलाधिकारी आज़मगढ़ के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज, महिलाओं के साथ अभद्रता और मारपीट के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
उन्होंने कहा कि छात्र-युवाओं के हक और सम्मान की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी और किसी भी दबाव के आगे वे झुकने वाले नहीं हैं।
इस दौरान पूर्व चेयरमैन जीयनपुर हरिशंकर यादव सहित भुअर अखाड़ा के कई पदाधिकारी और समर्थक भी मौके पर मौजूद रहे।
हालांकि, अखाड़ा द्वारा लगाए गए आरोपों पर समाचार लिखे जाने तक जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।