आजमगढ़ पुलिस का 'ऑपरेशन मुस्कान': 154 चेहरों पर लौटी रौनक, 38 लाख के मोबाइल बरामद कर पेश की मिसाल
आजमगढ़ पुलिस ने एक बार फिर जनता का भरोसा जीता। 154 खोए हुए मोबाइल बरामद कर उनके स्वामियों को सौंपे। पिछले 2 सालों में करीब 8 करोड़ रुपये की रिकवरी कर पुलिस ने रचा इतिहास
आजमगढ़ पुलिस ने एक बार फिर जनता का भरोसा जीता। 154 खोए हुए मोबाइल बरामद कर उनके स्वामियों को सौंपे। पिछले 2 सालों में करीब 8 करोड़ रुपये की रिकवरी कर पुलिस ने रचा इतिहास
आजमगढ़। (विशेष रिपोर्ट)
कहते हैं आज के दौर में इंसान का मोबाइल सिर्फ एक गैजेट नहीं, बल्कि उसकी आधी दुनिया होती है। जब यह खो जाता है, तो उम्मीदें भी साथ छोड़ देती हैं। लेकिन आजमगढ़ पुलिस ने रविवार को एक बार फिर जनता के विश्वास को जीतते हुए 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से कुल 154 खोए हुए एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत 38.50 लाख रुपये है।
रिजर्व पुलिस लाइन में उमड़ी भीड़, जब हाथ में आया अपना 'खोया हुआ साथी'
रविवार को रिजर्व पुलिस लाइन के प्रांगण में माहौल काफी भावुक और उत्साहजनक था। मौका था आजमगढ़ पुलिस द्वारा बरामद किए गए स्मार्टफोन्स के वितरण का। अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन ने एक-एक कर सभी मोबाइल स्वामियों को उनके फोन सुपुर्द किए। अपना फोन वापस पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे। कई लोगों ने कहा कि उन्होंने उम्मीद छोड़ दी थी कि उनका कीमती फोन कभी वापस मिलेगा, लेकिन पुलिस की कार्यप्रणाली ने आज उनका भरोसा जीत लिया।
25 महीने, 8 करोड़ की रिकवरी: आजमगढ़ पुलिस का 'डिजिटल स्ट्राइक'
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में जनपद की सीसीटीएनएस (CCTNS) और सर्विलांस टीम ने पिछले 2 साल में रिकवरी का एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया है, जो प्रदेश के अन्य जिलों के लिए नजीर है। आंकड़ों पर नजर डालें तो:
- विगत 25 महीनों में: कुल 3,179 मोबाइल बरामद किए जा चुके हैं।
- कुल रिकवरी: लगभग 7.885 करोड़ रुपये की संपत्ति जनता को वापस लौटाई गई है।
- वर्ष 2026 की शुरुआत: इस साल के शुरुआती महीनों में ही अब तक 351 फोन बरामद किए गए हैं।
तकनीकी टीम की मेहनत लाई रंग
ASP चिराग जैन ने बताया कि यह सफलता भारत सरकार के CEIR पोर्टल और पुलिस की तकनीकी टीम की मुस्तैदी का परिणाम है। पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को ट्रैक कर पुलिस की टीम लगातार काम कर रही थी। उन्होंने जनता से अपील की कि मोबाइल खोने पर घबराएं नहीं, बल्कि तत्काल संबंधित पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं ताकि उसे ट्रेस किया जा सके।
आजमगढ़। (विशेष रिपोर्ट)
कहते हैं आज के दौर में इंसान का मोबाइल सिर्फ एक गैजेट नहीं, बल्कि उसकी आधी दुनिया होती है। जब यह खो जाता है, तो उम्मीदें भी साथ छोड़ देती हैं। लेकिन आजमगढ़ पुलिस ने रविवार को एक बार फिर जनता के विश्वास को जीतते हुए 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से कुल 154 खोए हुए एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत 38.50 लाख रुपये है।
रिजर्व पुलिस लाइन में उमड़ी भीड़, जब हाथ में आया अपना 'खोया हुआ साथी'
रविवार को रिजर्व पुलिस लाइन के प्रांगण में माहौल काफी भावुक और उत्साहजनक था। मौका था आजमगढ़ पुलिस द्वारा बरामद किए गए स्मार्टफोन्स के वितरण का। अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन ने एक-एक कर सभी मोबाइल स्वामियों को उनके फोन सुपुर्द किए। अपना फोन वापस पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे। कई लोगों ने कहा कि उन्होंने उम्मीद छोड़ दी थी कि उनका कीमती फोन कभी वापस मिलेगा, लेकिन पुलिस की कार्यप्रणाली ने आज उनका भरोसा जीत लिया।
25 महीने, 8 करोड़ की रिकवरी: आजमगढ़ पुलिस का 'डिजिटल स्ट्राइक'
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में जनपद की सीसीटीएनएस (CCTNS) और सर्विलांस टीम ने पिछले 2 साल में रिकवरी का एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया है, जो प्रदेश के अन्य जिलों के लिए नजीर है। आंकड़ों पर नजर डालें तो:
- विगत 25 महीनों में: कुल 3,179 मोबाइल बरामद किए जा चुके हैं।
- कुल रिकवरी: लगभग 7.885 करोड़ रुपये की संपत्ति जनता को वापस लौटाई गई है।
- वर्ष 2026 की शुरुआत: इस साल के शुरुआती महीनों में ही अब तक 351 फोन बरामद किए गए हैं।
तकनीकी टीम की मेहनत लाई रंग
ASP चिराग जैन ने बताया कि यह सफलता भारत सरकार के CEIR पोर्टल और पुलिस की तकनीकी टीम की मुस्तैदी का परिणाम है। पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को ट्रैक कर पुलिस की टीम लगातार काम कर रही थी। उन्होंने जनता से अपील की कि मोबाइल खोने पर घबराएं नहीं, बल्कि तत्काल संबंधित पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं ताकि उसे ट्रेस किया जा सके।