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आजमगढ़: छप्पर में चल रही थी 'मौत' बनाने की फैक्ट्री, अतरौलिया पुलिस ने असलहा कारखाने का किया पर्दाफाश

📅 20 Feb 2026, 06:12 👁️ 1 व्यूज

आजमगढ़ (द पब्लिक एक्सप्रेस)। जनपद में अवैध शस्त्रों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में अतरौलिया थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने ग्राम भवानीपुर में छापेमारी कर एक अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। मौके से एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अंधेरे का फायदा उठाकर दो अन्य फरार होने में कामयाब रहे। पुलिस ने भारी मात्रा में बने, अर्द्धनिर्मित तमंचे और शस्त्र बनाने के आधुनिक उपकरण बरामद किए हैं।

मुखबिर की सूचना पर रात में पुलिस का 'ऑपरेशन भवानीपुर'

​वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ० अनिल कुमार के निर्देशन में अपराध नियंत्रण के लिए टीम गठित की गई थी। गुरुवार तड़के (19.02.2026) लगभग 03:35 बजे, उपनिरीक्षक मायापति पाण्डेय और उमेश चन्द की टीम केसरी तिराहे पर गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि भवानीपुर के एक छप्पर के अंदर बड़े पैमाने पर अवैध असलहे बनाए जा रहे हैं।

​पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए मौके पर दबिश दी। वहाँ तीन लोग हथियारों का निर्माण कर रहे थे। पुलिस को देख विरजा (निवासी महाराजगंज) और अंगद सिंह (निवासी अतरौलिया) झाड़ियों का फायदा उठाकर भाग निकले, लेकिन विन्ध्यांचल (55 वर्ष) निवासी अंबेडकरनगर को पुलिस ने दबोच लिया।

भारी मात्रा में बरामदगी और अपराध का तरीका

​गिरफ्तार अभियुक्त विन्ध्यांचल के पास से पुलिस को निम्नलिखित सामान मिला है:

  • तैयार असलहे: 01 तमंचा (.315 बोर), 01 कारतूस, 01 तमंचा (.303 बोर)।
  • अर्द्धनिर्मित: 02 अधबने तमंचे।
  • मशीनें: ग्लैण्डर मशीन, पंखा भट्ठी।
  • औजार: आरी ब्लेड, रेती, छैनी, हथौड़ा, लोहे की पाइपें और निर्माण में प्रयुक्त अन्य उपकरण।

​पूछताछ में अभियुक्त ने कबूल किया कि वे अपने साथियों के साथ मिलकर डिमांड पर तमंचे बनाते थे और उन्हें बेचकर आर्थिक लाभ कमाते थे।

पुलिस की सख्त कार्यवाही

​अतरौलिया पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ मु0अ0सं0 65/26 धारा 3/5/25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। पुलिस टीम में शामिल का0 राजकरन सोनकर और का0 सुशील चौधरी की भूमिका भी सराहनीय रही।

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