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आजमगढ़: जहानागंज में 'लंगड़ा' हुआ गोतस्कर, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा, पिकअप और हथियार बरामद
📅 08 Feb 2026, 02:39
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आजमगढ़: जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए एसएसपी डॉ. अनिल कुमार द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत जहानागंज पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। शनिवार और रविवार की दरमियानी रात पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान दो शातिर गोतस्करों को गिरफ्तार किया है।
घटना के दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की, जिसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लगी है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, दिनांक 07/08 फरवरी 2026 की रात करीब 12:30 बजे जहानागंज पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त पर थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम गम्भीरवन (बड़ैला ताल) के पास कुछ संदिग्ध लोग एक पिकअप वाहन में छुट्टा गोवंश को लाद रहे हैं और उसे काटने के लिए ले जाने की फिराक में हैं।
सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष अतुल कुमार मिश्र अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी। खुद को पुलिस से घिरता देख बदमाशों ने सरेंडर करने के बजाय पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मोहीम घायल
पुलिस ने पहले बदमाशों को चेतावनी दी, लेकिन जब फायरिंग नहीं रुकी तो आत्मरक्षा में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। इस गोलीबारी में एक बदमाश के बाएं पैर में गोली लगी और वह वहीं गिर गया। पुलिस ने तुरंत उसे और उसके एक अन्य साथी को हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान:
मोहीम अहमद (घायल): निवासी कोटिला, थाना रानी की सराय, आजमगढ़। (उम्र 32 वर्ष)
सुनील कुमार: निवासी जलाईपुर ऊँचेगाँव, थाना रानी की सराय, आजमगढ़। (उम्र 30 वर्ष)
घायल बदमाश मोहीम को इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है।
सुनसान इलाकों में काटते थे गोवंश
पूछताछ में घायल बदमाश मोहीम ने जो खुलासा किया, वह चौंकाने वाला है। उसने बताया कि वे लोग दिन में ऐसे छुट्टा जानवरों (गोवंश) की रेकी करते थे जो आबादी से दूर रहते थे। रात के अंधेरे में वे पिकअप लेकर आते और जानवरों को लादकर सुनसान जगह ले जाकर काट देते थे।
मांस को ऊँचे दामों पर बेचा जाता था और अवशेषों को जमीन में गाड़ दिया जाता था ताकि किसी को भनक न लगे। कई बार ये लोग गोवंश को जिंदा ही पिकअप में भरकर बिहार बॉर्डर पार करा देते थे।
बदमाश का पुराना आपराधिक इतिहास
घायल बदमाश मोहीम अहमद कोई मामूली अपराधी नहीं है। उसके खिलाफ आजमगढ़ के विभिन्न थानों में पहले से ही 8 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। इनमें गोवध, लूट, चोरी, आर्म्स एक्ट और पशु क्रूरता जैसे संगीन आरोप शामिल हैं।
पुलिस ने मौके से यह सामान किया बरामद:
एक अवैध तमंचा (.315 बोर) और जिंदा कारतूस।
घटना में प्रयुक्त एक पिकअप वाहन (UP 50 FT 1107)।
एक बछड़ा (गोवंश) जिसे तस्करों के चंगुल से बचाया गया।
इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में थानाध्यक्ष अतुल कुमार मिश्र, वरिष्ठ उपनिरीक्षक सविन्द्र राय, उ0नि0 लवकुश कुमार सोनकर और उनकी टीम के अन्य सिपाही शामिल रहे। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।