आजमगढ़ (Azamgarh News): उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में पुलिस ने एटीएम मशीनों के साथ छेड़छाड़ कर लोगों की गाढ़ी कमाई उड़ाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना गंभीरपुर पुलिस ने सोमवार तड़के एक मुठभेड़ (Police Encounter) के दौरान अंतरजनपदीय एटीएम ठग को गिरफ्तार किया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाश के पैर में गोली लगी है।
पकड़े गए अभियुक्त के पास से एक अर्टिगा कार, अवैध तमंचा और एटीएम से पैसे चोरी करने (Cash Tapping) के आधुनिक उपकरण बरामद हुए हैं।
फिल्मी स्टाइल में हुई मुठभेड़
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपराध नियंत्रण अभियान चल रहा था। सोमवार (2 फरवरी 2026) को गंभीरपुर थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार सिंह अपनी टीम के साथ रोहुआ तिराहे के पास चेकिंग कर रहे थे। तभी मुखबिर से सूचना मिली कि एटीएम लूट की घटनाओं में शामिल एक बदमाश अर्टिगा कार से आ रहा है।
पुलिस ने जब रोहुआ मुस्तफाबाद के पास घेराबंदी की, तो कार सवार बदमाश ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जो बदमाश के बाएं पैर में जा लगी। उसे सुबह करीब 3:45 बजे हिरासत में लेकर अस्पताल भेजा गया।
कौन है गिरफ्तार बदमाश?
पुलिस के हत्थे चढ़े बदमाश की पहचान संजय कुमार (33) पुत्र मेवालाल के रूप में हुई है। वह सुल्तानपुर जिले के अखण्डनगर थाना क्षेत्र के पौधन रामपुर गांव का रहने वाला है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि संजय कुमार एक शातिर अपराधी है। उसके खिलाफ बस्ती, लखनऊ, अंबेडकर नगर, जौनपुर और आजमगढ़ में करीब 13 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। यह गिरोह कई जिलों में सक्रिय था।
ठगी का तरीका जान रह जाएंगे दंग (Modus Operandi)
पूछताछ में संजय ने एटीएम चोरी का जो तरीका बताया, उसे सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई। यह गिरोह 'कैश टैपिंग' (Cash Tapping) या स्कीमिंग का तरीका अपनाता था:
- ये लोग सुनसान एटीएम मशीनों को निशाना बनाते थे।
- मशीन के कैश डिस्पेंसर (जहां से नोट निकलते हैं) पर प्लास्टिक की एक पतली स्ट्रिप/पट्टी या सांचा लगा देते थे।
- जब कोई ग्राहक पैसे निकालने आता, तो मशीन पैसे तो काउंट करती, लेकिन डिस्पेंसर के मुंह पर लगी पट्टी की वजह से नोट बाहर नहीं आते और वहीं फंस जाते।
- ग्राहक को लगता कि मशीन खराब है या ट्रांजेक्शन फेल हो गया, और वह चला जाता।
- ग्राहक के जाते ही ये बदमाश अंदर घुसते, पट्टी हटाते और फंसा हुआ कैश निकालकर रफूचक्कर हो जाते।
यूनियन बैंक के मैनेजर ने खोली थी पोल
इस गिरोह का खुलासा 29 जनवरी 2026 को तब हुआ, जब रानीपुर रजमो स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक धीरेन्द्र प्रताप पाण्डेय ने पुलिस को तहरीर दी। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में एक अज्ञात व्यक्ति एटीएम में छेड़छाड़ करते हुए दिखा है, जिसने डिवाइस लगाकर कैश रोका था। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस सक्रिय हुई और आज यह मुठभेड़ हुई।
क्या-क्या हुआ बरामद?
- 01 अर्टिगा कार (UP 44 BR 0699)
- 01 अवैध देसी तमंचा, 2 जिंदा कारतूस और 4 खोखा।
- ठगी का सामान: 11 प्लास्टिक स्ट्रिप, 1 सांचा, कटर मशीन, मेटल कटर, टेस्टर।


