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आजमगढ़: जीयनपुर पुलिस की बड़ी चोट, 25 हजारी इनामी दिव्य प्रकाश 'आकाश' चढ़ा हत्थे, गौ-तस्करी का है बड़ा नेटवर्क

📅 22 Feb 2026, 11:55 👁️ 1 व्यूज

जीयनपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी, गौ-तस्करी का 'मास्टरमाइंड' और 25 हजारी इनामी दिव्य प्रकाश गिरफ्तार

जीयनपुर, आजमगढ़ (विशेष संवाददाता, जितेंद्र यादव): आजमगढ़ जिले में अपराधियों और गौ-तस्करों के विरुद्ध चलाए जा रहे 'सफाई अभियान' के तहत जीयनपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। शनिवार देर रात पुलिस ने एक मुठभेड़ नुमा घेराबंदी के दौरान 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश दिव्य प्रकाश सिंह उर्फ आकाश सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए शातिर अपराधी के पास से अवैध असलहा भी बरामद हुआ है। दिव्य प्रकाश काफी समय से पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था और गौ-तस्करी के नेटवर्क का एक मजबूत स्तंभ माना जाता था।

नरैना नहर पुलिया पर बिछाया गया जाल

​पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह और अजमतगढ़ चौकी प्रभारी अजय यादव अपनी टीम के साथ क्षेत्र में गश्त पर थे। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर के जरिए गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि पारनकुण्डा गौशाला से पशु चोरी के प्रयास में वांछित चल रहा इनामी बदमाश दिव्य प्रकाश सिंह, नरैना नहर पुलिया के पास खड़ा है और किसी अज्ञात वाहन के इंतजार में जिले से बाहर भागने की फिराक में है।

​सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए रणनीतिक घेराबंदी की। रात करीब 9:15 बजे जैसे ही पुलिस टीम अपराधी के करीब पहुंची, उसने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उसे दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसकी कमर से एक .315 बोर का लोडेड तमंचा और जिंदा कारतूस बरामद किया गया।

पारनकुण्डा गौशाला कांड: जब अंधेरे का फायदा उठाकर हुआ था फरार

​इस अपराधी का असली चेहरा बीती 4 जनवरी को सामने आया था। दिव्य प्रकाश ने अपने संगठित गिरोह के साथ जीयनपुर क्षेत्र की पारनकुण्डा गौशाला पर धावा बोला था। गिरोह का इरादा वहां संरक्षित मवेशियों को पिकअप गाड़ी पर लादकर तस्करी के लिए ले जाना था। उस समय पुलिस की सक्रियता के कारण 4 मवेशी तो बचा लिए गए थे, लेकिन दिव्य प्रकाश अपने साथियों के साथ अंधेरे का लाभ उठाकर भागने में सफल रहा था। इस घटना के बाद से ही पुलिस महानिरीक्षक (IG) स्तर से उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

बलिया से संचालित होता था अपराध का साम्राज्य

​गिरफ्तार अभियुक्त दिव्य प्रकाश सिंह मूल रूप से पड़ोसी जनपद बलिया के पकड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम रक्सा का निवासी है। पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई कि वह एक अंतरजनपदीय गैंग का सक्रिय सदस्य है। इसके खिलाफ आजमगढ़ के अलावा मऊ और बलिया के विभिन्न थानों में 7 से अधिक संगीन मुकदमे दर्ज हैं। इनमें गौ-हत्या निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं।

​गौ-तस्करी और सुरक्षा की चुनौतियां

​पूर्वांचल के जिलों में गौ-तस्करी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। गौशालाओं को निशाना बनाना न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि यह क्षेत्र की शांति और व्यवस्था के लिए भी खतरा पैदा करता है। दिव्य प्रकाश जैसे शातिर अपराधी अक्सर रात के सन्नाटे का फायदा उठाकर बेजुबान पशुओं को क्रूरता के साथ ट्रकों में भरकर वधशालाओं तक पहुँचाते हैं। जीयनपुर पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल इस सिंडिकेट को झटका लगा है, बल्कि गौ-सेवकों और किसानों में भी सुरक्षा का भाव पैदा हुआ है।

अगली कार्रवाई: सिंडिकेट के अन्य चेहरों की तलाश

​थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने बताया कि दिव्य प्रकाश की गिरफ्तारी से इस गैंग के काम करने के तरीके और इनके मददगारों के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। पुलिस अब उन सफेदपोश लोगों और वाहन मालिकों की भी तलाश कर रही है जो इस काले कारोबार में पर्दे के पीछे से दिव्य प्रकाश की मदद करते थे। गिरफ्तार आरोपी को सुसंगत धाराओं के तहत न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

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