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) आजमगढ़ में पेट्रोल-डीजल की किल्लत — सगड़ी के पंपों पर 'आउट ऑफ स्टॉक', लंबी कतारें; गेहूं सीजन में थ्रैशर मालिकों की 'आपदा में अवसर' की तैयारी
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आजमगढ़ में पेट्रोल-डीजल की किल्लत — सगड़ी के पंपों पर 'आउट ऑफ स्टॉक', लंबी कतारें; गेहूं सीजन में थ्रैशर मालिकों की 'आपदा में अवसर' की तैयारी

📅 26 Mar 2026, 22:11 👁️ 2 व्यूज
आजमगढ़, 26 मार्च 2026। जनपद के पेट्रोल पंपों पर बुधवार को अजीब नजारा देखने को मिला। सगड़ी तहसील के आसपास के कई पंपों पर पेट्रोल और डीजल 'आउट ऑफ स्टॉक' हो गया — लोग आए, पूछा और खाली हाथ लौट गए। जहां ईंधन था, वहां गाड़ियों की इतनी लंबी कतारें लगीं कि धूप में खड़े लोगों का धैर्य जवाब देने लगा। इस पूरे माहौल के बीच कुछ लोग बड़े-बड़े डिब्बों में ईंधन भरवाकर स्टोर करते भी नजर आए। सगड़ी में दो पंपों का हाल — एक खाली, दूसरे पर भीड़ खबर लिखने वाले ने खुद सगड़ी तहसील के पास दो पेट्रोल पंपों का हाल देखा। पहले पंप पर पेट्रोल और डीजल दोनों पूरी तरह खत्म थे। लोग एक-एक कर आते, कर्मचारी से पूछते और निराश होकर लौट जाते। दूसरे पंप पर ईंधन उपलब्ध था, लेकिन वहां दोपहिया, चौपहिया और ट्रैक्टरों की लंबी कतार लगी थी। कई लोग टंकी फुल कराने के साथ-साथ बड़े डिब्बों में भी ईंधन भरवा रहे थे। आसपास के अन्य पंपों से भी लगभग यही तस्वीर सामने आई। [caption id="attachment_3693" align="aligncenter" width="600"]Azamgarh Petrol Diesel Shortage Sagdi Pump Out Of Stock 2026 Azamgarh Petrol Diesel Shortage Sagdi Pump Out Of Stock 2026[/caption] मिडिल ईस्ट तनाव की आंच आजमगढ़ तक पंपों पर मौजूद लोगों में एक ही चर्चा थी — "पता नहीं कल मिलेगा या नहीं।" मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध और अंतरराष्ट्रीय तनाव को लेकर ईंधन की कमी की आशंका लोगों के मन में घर कर गई है। इसी आशंका ने अचानक मांग में इतना उछाल ला दिया कि कई पंपों का स्टॉक एक ही दिन में खाली हो गया। गेहूं का सीजन — और थ्रैशर मालिकों की 'चतुर' तैयारी इस पूरे मामले में एक और पहलू है जो सीधे किसानों की जेब से जुड़ता है। इस वक्त जनपद में गेहूं की कटाई और मड़ाई का सीजन चल रहा है। ट्रैक्टर और थ्रैशर संचालकों द्वारा बड़ी मात्रा में डीजल स्टोर किया जा रहा है। पंपों पर लगी कतारों में बड़ी संख्या ट्रैक्टरों की थी। सूत्रों के अनुसार कुछ थ्रैशर संचालकों की सोच साफ है — अगर डीजल की किल्लत बनी रही तो मड़ाई के रेट मनमाने तरीके से बढ़ाकर मोटा मुनाफा कमाया जा सकता है। यानी एक तरफ आम उपभोक्ता परेशान है, दूसरी तरफ कुछ लोग इस आपदा को अवसर में बदलने की पूरी तैयारी में हैं। अगर ऐसा हुआ तो इसकी सबसे ज्यादा मार उन किसानों पर पड़ेगी जिनके खेत में फसल खड़ी है और जिनके पास थ्रैशर के अलावा कोई विकल्प नहीं। https://youtu.be/RZKVunziqpw सरकार का दावा बनाम जमीनी हकीकत प्रशासन और सरकार की ओर से लगातार कहा जा रहा है कि जनपद में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और लोग अफवाहों पर ध्यान न दें। लेकिन सगड़ी तहसील के पंपों पर जो तस्वीर सामने आई, वह इन दावों से मेल नहीं खाती। खाली पंप, लंबी कतारें और डिब्बों में ईंधन भरवाते लोग — यही जमीनी हकीकत है। आम लोगों से अपील है कि जरूरत के अनुसार ही ईंधन लें और अनावश्यक स्टॉक न करें ताकि सभी को समान रूप से ईंधन मिल सके।

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