आजमगढ़: जीयनपुर चौक पर पुलिस की 'डिजिटल वसूली' का खेल, दुकानदारों के पास जमा कराए जा रहे रिश्वत के पैसे; वायरल वीडियो से हड़कंप
आजमगढ़ (द पब्लिक एक्सप्रेस): जनपद के जीयनपुर चौक पर तैनात पुलिसकर्मियों की कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय व्यापारियों और आम जनता ने पुलिस पर अवैध वसूली का एक नया और सुरक्षित तरीका अपनाने का आरोप लगाया है। ताजा अपडेट के अनुसार, इस वसूली के खेल का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ स्थानीय दुकानदारों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस देखी जा सकती है।
सीधे हाथ में नहीं लेते पैसे, 'पटरी दुकानदारों' का ले रहे सहारा
जीयनपुर बाजार के व्यापारियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने एक बड़े 'सिंडिकेट' का खुलासा किया है। आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस और वहां तैनात कर्मी जिस भी गाड़ी को पकड़ते हैं, उससे खुद सीधे हाथ में पैसा नहीं लेते। भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए पुलिसकर्मियों ने नया रास्ता निकाला है— वे वाहन चालकों को निर्देश देते हैं कि वे पैसे बगल के किसी ठेले वाले, पटरी दुकानदार या किसी भी दुकान पर जमा करवा दें। बाद में पुलिसकर्मी उन दुकानदारों से वह राशि एकत्र कर लेते हैं। यह खेल पिछले कई दिनों से खुलेआम चल रहा है और अब बाजार में इसकी चर्चा आम हो गई है।
गणेश सोनकर के QR कोड और वायरल वीडियो का सच
खबर है कि वसूली के लिए गणेश सोनकर नामक व्यक्ति के क्यूआर (QR) कोड का इस्तेमाल किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में पुलिस और दुकानदारों के बीच इसी लेनदेन को लेकर हुई बहस ने विभाग की साख पर बट्टा लगा दिया है। व्यापारियों का कहना है कि जब कोई दुकानदार इस अनैतिक काम में सहयोग करने से मना करता है, तो उसे पुलिसिया रौब दिखाकर प्रताड़ित किया जाता है।
मुबारकपुर तिराहे पर भी चला था यही 'पैटर्न'
हैरानी की बात यह है कि वसूली का यह 'जीयनपुर मॉडल' नया नहीं है। कुछ दिन पहले मुबारकपुर तिराहे के पास भी ठीक ऐसी ही चर्चाएं गरम थीं। वहां भी चेकिंग के नाम पर गाड़ियों को रोका जाता था और पकड़े गए लोगों से पास के पटरी दुकानदारों के पास पैसे जमा करवाए जाते थे। ऐसा लगता है कि जिले में अवैध वसूली के लिए यह एक सोची-समझी तकनीक बन गई है ताकि रंगे हाथों पकड़े जाने का डर न रहे।
व्यापारियों की कमर तोड़ रही 'खाकी' की अवैध वसूली
जीयनपुर बाजार के व्यापारियों का कहना है कि पुलिस की इस अवैध कार्यवाही से बाजार का माहौल पूरी तरह खराब हो चुका है। पुलिस द्वारा चलती गाड़ियों को जबरन रोकने और डराने-धमकाने के कारण बाहरी ग्राहक अब बाजार में आने से कतराने लगे हैं। ग्राहकों के डर जाने से व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार
लोगों ने पुलिस अधीक्षक (SP) आजमगढ़ से मांग की है कि
- तत्काल उन दुकानदारों और पटरी दुकानदारों को चिन्हित किया जाए जिनके माध्यम से यह लेनदेन हो रहा है।
- वसूली के लिए इस्तेमाल किए जा रहे क्यूआर कोड के ट्रांजेक्शन की जांच की जाए।
- दोषी पुलिसकर्मियों को तत्काल सस्पेंड कर उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाए।
जीयनपुर की जनता अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है और उनका स्पष्ट कहना है कि— "न्याय होना ही चाहिए।"