आजमगढ़: इफ्तार पार्टी में दिखी 'गंगा-जमुनी तहजीब' की झलक, टूटीं मजहब और सियासत की दीवारें
सगड़ी (आजमगढ़)। जब समाज में दूरियां बढ़ाने की कोशिशें तेज हों, तब आजमगढ़ की मिट्टी से मोहब्बत और भाईचारे की एक ऐसी तस्वीर निकली है जिसने पूरे प्रदेश का ध्यान खींचा है। सगड़ी तहसील क्षेत्र के जैस पब्लिक स्कूल, केशवपुर अंजान शहीद के प्रांगण में गुरुवार को आयोजित इफ्तार पार्टी महज एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि 'गंगा-जमुनी तहजीब' का जीवंत दस्तावेज बन गई। यहाँ दलीय विचारधाराएं पीछे छूट गईं और एक ही दस्तरख्वान पर पक्ष-विपक्ष के दिग्गजों ने साथ बैठकर एकता की नई इबारत लिखी।
"सियासत से बड़ा है सामाजिक सौहार्द" — दुर्गा प्रसाद यादव
कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए पूर्व मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव ने बेहद सधे हुए अंदाज में कहा, "पवित्र रमजान हमें धैर्य और प्रेम सिखाता है। आज यहाँ जो जनसैलाब उमड़ा है, वह इस बात का सबूत है कि इफ्तार पार्टी केवल एक रस्म नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने का सबसे बड़ा माध्यम है। हमारे समाज की असली ताकत यही आपसी भाईचारा है।"
"नफरत के दौर में एकता का मरहम" — अम्बिका चौधरी
पूर्व कैबिनेट मंत्री अम्बिका चौधरी ने आयोजन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रोजेदारों को इफ्तार कराना सवाब (पुण्य) का काम तो है ही, साथ ही यह आज के दौर की सबसे बड़ी जरूरत भी है। उन्होंने कहा, "जब समाज में नफरत के बीज बोए जा रहे हों, तब ऐसे आयोजन एकता और अखंडता की ढाल बनकर खड़े होते हैं। यह आयोजन देश की साझी संस्कृति का गौरव है।"
"परिवार की तरह जुटे हिंदू-मुस्लिम भाई" — शौकत अली
AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने इस मौके पर एक बेहद भावनात्मक बात कही। उन्होंने कहा, "यहाँ हम किसी दल या जाति के प्रतिनिधि नहीं, बल्कि एक परिवार के सदस्य के रूप में जुटे हैं। सबसे खूबसूरत बात यह है कि एक तरफ नवरात्र का पावन पर्व चल रहा है और दूसरी तरफ रमजान, इसके बावजूद हमारे हिंदू भाइयों ने जिस तरह इस इफ्तार में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, वह साबित करता है कि हिंदुस्तान की रगों में आज भी प्रेम बहता है।"
"शांति और सद्भाव का संकल्प" — अरविंद जायसवाल
भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अरविंद जायसवाल ने भी इस संगम की सराहना की। उन्होंने कहा कि नवरात्र और रमजान का एक साथ आना ईश्वरीय संकेत है। हम सभी को मिलजुल कर त्योहार मनाते हुए समाज में शांति और आपसी विश्वास को प्रगाढ़ करने का संकल्प लेना चाहिए।
जनसैलाब ने बनाया रिकॉर्ड हजारों लोग रहे गवाह
जैस पब्लिक स्कूल का परिसर उस समय ऐतिहासिक क्षणों का गवाह बना जब लगभग दो हजार से अधिक महिला और पुरुषों ने एक साथ बैठकर इफ्तार किया। मेनू में मीठा, शर्बत, पुलाव, बिरयानी और फलों के साथ-साथ 'मोहब्बत' की मिठास भी घुली नजर आई।
[caption id="attachment_3556" align="aligncenter" width="600"]
जैश पब्लिक स्कूल इफ्तार पार्टी में शामिल विभिन्न दलों के नेता[/caption]
आयोजन में शामिल प्रमुख हस्तियाँ:
- राजनीतिक दिग्गज: पूर्व मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव, पूर्व मंत्री अम्बिका चौधरी, विधायक नफीस अहमद, विधायक एच.एन. सिंह पटेल, शौकत अली (प्रदेश अध्यक्ष AIMIM)।
- भाजपा नेतृत्व: क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अरविंद जायसवाल, जिलाध्यक्ष ध्रुव सिंह।
- प्रबंधन: मिर्जा आरिफ बेग, इम्तियाज अहमद खान (अध्यक्ष), मिर्जा महफूज बेग (मैनेजर), रोजिना रहमान (प्रधानाचार्या)।
- सहयोगी: मिर्जा असद बेग (डायरेक्टर), मिर्जा यासिर बेग, मिर्जा नासिर बेग, मिर्जा मंसूर बेग सहित क्षेत्र के तमाम गणमान्य नागरिक।
संपादकीय दृष्टिकोण: सौहार्द की जीत
अंजान शहीद के इस स्कूल प्रांगण से जो संदेश निकला है, वह साफ है—दल अलग हो सकते हैं, विचारधाराएं भिन्न हो सकती हैं, लेकिन जब बात 'तहजीब' की आती है, तो आजमगढ़ हमेशा एक सुर में खड़ा होता है। यह आयोजन जिले के सांप्रदायिक इतिहास में एक सुनहरे अध्याय के रूप में दर्ज होगा।