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आजमगढ़ में इंस्टाग्राम शॉपिंग फ्रॉड का भंडाफोड़ — QR कोड से ठगी करने वाले दो साइबर अपराधी गिरफ्तार, 4 राज्यों में 27 शिकायतें दर्ज
📅 25 Mar 2026, 16:30
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आजमगढ़। इंस्टाग्राम पर फर्जी शॉपिंग पेज बनाकर QR कोड के जरिए देशभर के लोगों से ठगी करने वाले संगठित साइबर गिरोह का आजमगढ़ साइबर क्राइम थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने अवन राजभर (22) और प्रियांशू यादव (19) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 4 मोबाइल, 13 बैंक पासबुक, 9 सिम कार्ड और 30 डमी पार्सल पैकेट बरामद हुए हैं।
गुजरात की शिकायत से शुरू हुई आजमगढ़ में कार्रवाई
9 मार्च 2026 को गुजरात के अहमदाबाद की एक युवती ने NCRP पोर्टल पर इंस्टाग्राम शॉपिंग ठगी की शिकायत दर्ज कराई। एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर क्राइम थाना पुलिस को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। 24 मार्च को प्रतिबिम्ब पोर्टल पर मिले इनपुट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने कोतवाली क्षेत्र के कोलबाजबहादुर में दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
इंस्टाग्राम पर फर्जी पेज — WhatsApp पर जाल — QR कोड से ठगी
पूछताछ में आरोपियों ने ठगी की पूरी कार्यप्रणाली स्वीकार की। गिरोह तीन चरणों में काम करता था —
पहले चरण में इंस्टाग्राम पर "Ganga.Hills, Ganga_hills, Ganga cloth, Velside.clothing, Velside_clothing" जैसे आकर्षक नामों से फर्जी शॉपिंग पेज बनाए जाते थे। इन पर कम दाम में अच्छे उत्पाद देने के लुभावने विज्ञापन पोस्ट किए जाते थे।
दूसरे चरण में जैसे ही कोई उपभोक्ता पेज पर क्लिक करता, उसे WhatsApp Business नंबर पर संपर्क कराया जाता था। वहां प्रोडक्ट की आकर्षक फोटो और वीडियो भेजकर उसका विश्वास जीता जाता था।
तीसरे चरण में QR कोड के जरिए एडवांस भुगतान करा लिया जाता था। पैसे मिलते ही या तो सामान भेजा ही नहीं जाता था, या बेहद घटिया सामान पार्सल कर दिया जाता था। कई मामलों में ग्राहक को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया जाता था।
13 बैंक खाते — असम, बंगाल, गुजरात, UP से 27 NCRP शिकायतें
जांच में सामने आया कि ठगी की रकम पहले आरोपियों के निजी बैंक खातों में आती थी। बार-बार संदिग्ध लेन-देन से खाते फ्रीज होने लगे तो उन्होंने दूसरे लोगों के खातों का इस्तेमाल शुरू कर दिया। पुलिस ने 13 बैंक खातों की पहचान की है जिन पर असम, बंगाल, गुजरात और उत्तर प्रदेश से कुल 27 NCRP शिकायतें दर्ज पाई गई हैं।
30 डमी पार्सल — मोबाइल में मिले अहम डिजिटल सबूत
बरामद 4 एंड्रॉयड मोबाइल फोन की जांच में ग्राहकों से की गई चैट, लेन-देन के साक्ष्य और फर्जी आईडी से जुड़े डिजिटल प्रमाण मिले हैं। 30 डमी पार्सल पैकेट और पैकेजिंग सामग्री की बरामदगी यह साबित करती है कि घटिया सामान भेजने की पूरी तैयारी के साथ ठगी की जा रही थी।
बरामद सामग्री: 4 एंड्रॉयड मोबाइल, 550 रुपये नगद, 13 बैंक पासबुक, 1 चेकबुक, 5 एटीएम कार्ड, 9 सिम कार्ड, 30 डमी पार्सल पैकेट और पैकेजिंग पॉलिथीन।
कौन हैं दोनों आरोपी?
अवन राजभर (22 वर्ष) पुत्र बाबूलाल राजभर, ग्राम ऊंचागांव, थाना रानी की सराय, जनपद आजमगढ़।
प्रियांशू यादव (19 वर्ष) पुत्र मिठाई लाल यादव, ग्राम शिवरामपुर, थाना तहबरपुर, जनपद आजमगढ़।
दोनों के विरुद्ध थाना साइबर क्राइम आजमगढ़ पर BNS की विभिन्न धाराओं और IT Act की धारा 66D के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तारी टीम
महिला निरीक्षक विभा पाण्डेय, उपनिरीक्षक योगेन्द्र प्रसाद, उपनिरीक्षक रजत सिंह, कांस्टेबल विकास कुमार, कांस्टेबल संजय कुमार, महिला कांस्टेबल प्रियंका गौड़ और कांस्टेबल कुन्जबिहारी — सभी थाना साइबर क्राइम, जनपद आजमगढ़।
SSP की चेतावनी — QR कोड से पेमेंट से पहले सोचें
एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान शॉपिंग पेज पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता जांचें। बिना पुष्टि के QR कोड से भुगतान न करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 या NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।