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राजनीति

टावर से कीमती उपकरण उड़ाने वाला 'मास्टरमाइंड' चढ़ा पुलिस के हत्थे: आजमगढ़ में गैंगस्टर की गिरफ्तारी से हड़कंप

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| 📅 11 Feb 2026, 11:33 AM | 👁️ 49

आजमगढ़ के कुख्यात टावर चोर और गैंगस्टर महेश गौड़ को पुलिस ने किया गिरफ्तार। 9 मुकदमों का आरोपी अब सलाखों के पीछे।

आजमगढ़ के कुख्यात टावर चोर और गैंगस्टर महेश गौड़ को पुलिस ने किया गिरफ्तार। 9 मुकदमों का आरोपी अब सलाखों के पीछे।

आजमगढ़: अगर आप सोचते हैं कि संगठित अपराध केवल बड़ी डकैतियों तक सीमित है, तो आजमगढ़ के इस गैंग की कहानी आपको चौंका देगी। मोबाइल टावरों से कीमती इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चोरी कर टेलीकॉम कंपनियों को करोड़ों का चूना लगाने वाले गिरोह के सक्रिय सदस्य महेश गौड़ को निजामाबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कैसे काम करता था यह गिरोह? महेश गौड़ और उसका गिरोह बेहद शातिर तरीके से सुनसान इलाकों में लगे मोबाइल टावरों को निशाना बनाता था। ये लोग टावर के कीमती रेडियो यूनिट और बैटरी बैंक उड़ा देते थे, जिससे न केवल कंपनियों को आर्थिक नुकसान होता था, बल्कि पूरे इलाके का नेटवर्क भी ठप हो जाता था। गंभीरपुर थाने में इस गिरोह के खिलाफ पिछले साल गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद से ही महेश फरार चल रहा था। 9 मुकदमों का बोझ और एक गलती: महेश गौड़ का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उस पर देवगांव, सरायमीर, निजामाबाद और कंधरापुर जैसे थानों में चोरी और लूट के 9 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। बुधवार को वह मऊ से आजमगढ़ की ओर आ रहा था, तभी थानाध्यक्ष हीरेन्द्र प्रताप सिंह की टीम ने नरौली टैम्पो स्टैंड पर उसे धर दबोचा। पुलिस अब इस गैंग के अन्य सदस्यों और चोरी का माल खरीदने वाले कबाड़ियों के नेटवर्क को खंगाल रही है।
आजमगढ़: अगर आप सोचते हैं कि संगठित अपराध केवल बड़ी डकैतियों तक सीमित है, तो आजमगढ़ के इस गैंग की कहानी आपको चौंका देगी। मोबाइल टावरों से कीमती इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चोरी कर टेलीकॉम कंपनियों को करोड़ों का चूना लगाने वाले गिरोह के सक्रिय सदस्य महेश गौड़ को निजामाबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कैसे काम करता था यह गिरोह? महेश गौड़ और उसका गिरोह बेहद शातिर तरीके से सुनसान इलाकों में लगे मोबाइल टावरों को निशाना बनाता था। ये लोग टावर के कीमती रेडियो यूनिट और बैटरी बैंक उड़ा देते थे, जिससे न केवल कंपनियों को आर्थिक नुकसान होता था, बल्कि पूरे इलाके का नेटवर्क भी ठप हो जाता था। गंभीरपुर थाने में इस गिरोह के खिलाफ पिछले साल गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद से ही महेश फरार चल रहा था। 9 मुकदमों का बोझ और एक गलती: महेश गौड़ का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उस पर देवगांव, सरायमीर, निजामाबाद और कंधरापुर जैसे थानों में चोरी और लूट के 9 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। बुधवार को वह मऊ से आजमगढ़ की ओर आ रहा था, तभी थानाध्यक्ष हीरेन्द्र प्रताप सिंह की टीम ने नरौली टैम्पो स्टैंड पर उसे धर दबोचा। पुलिस अब इस गैंग के अन्य सदस्यों और चोरी का माल खरीदने वाले कबाड़ियों के नेटवर्क को खंगाल रही है।

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