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राजनीति

Azamgarh News: राजपाल यादव के लिए 'सात समंदर पार' से भी उठे मदद के हाथ, भुअर अखाड़ा की पहल के बाद अब कंबोडिया से आए पैसे

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| 📅 11 Feb 2026, 07:00 AM | 👁️ 46

राजपाल यादव की मदद की मुहिम अब विदेशों तक पहुँच गई है। आजमगढ़ के भुअर अखाड़ा की पहल के बाद कंबोडिया में रहने वाले ऋषिकेश यादव ने 21 हजार की मदद भेजी है।

राजपाल यादव की मदद की मुहिम अब विदेशों तक पहुँच गई है। आजमगढ़ के भुअर अखाड़ा की पहल के बाद कंबोडिया में रहने वाले ऋषिकेश यादव ने 21 हजार की मदद भेजी है।

आजमगढ़/नई दिल्ली: जिस कॉमेडियन ने अपनी एक्टिंग से दो दशकों तक पूरे हिंदुस्तान को हंसाया, आज वह पाई-पाई को मोहताज होकर जेल की सलाखों के पीछे है। 5 करोड़ के लोन डिफॉल्ट मामले में तिहाड़ जेल में बंद राजपाल यादव की भावुक अपील ने यादव समाज को झकझोर कर रख दिया है। देश भर से उठ रहे मदद के हाथों के बीच अब आजमगढ़ भी पीछे नहीं है।

जिले के प्रसिद्ध भुअर अखाड़ा (Bhuar Akhara) ने पहलवानी परंपरा और सामाजिक एकजुटता का परिचय देते हुए राजपाल यादव के परिवार को आर्थिक मदद भेजी है।बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव की मुसीबत के समय में यादव समाज ढाल बनकर खड़ा हो गया है। तिहाड़ जेल में बंद राजपाल की मदद के लिए शुरू हुई यह मुहीम अब सिर्फ देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक पहुँच गई है।

​आजमगढ़ के भुअर अखाड़ा (Bhuar Akhara) द्वारा की गई मदद की पहल का असर अब सात समंदर पार भी देखने को मिल रहा है। अखाड़े की अपील के बाद कंबोडिया (Cambodia) में रहने वाले ऋषिकेश यादव ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है।

विदेश से आया मदद का संदेश

​भुअर अखाड़ा की पहल को देखते हुए, कंबोडिया में रह रहे ऋषिकेश यादव ने तुरंत 21,000 रुपये की आर्थिक सहायता राजपाल यादव के परिवार को भेजी है।

उन्होंने संदेश दिया है कि:

"हम भले ही देश से दूर हैं, लेकिन अपने समाज के गौरव के लिए हमारा दिल वहीं धड़कता है। राजपाल भाई अकेले नहीं हैं, पूरा समाज उनके साथ है।"

 

​यह मदद साबित करती है कि सोशल मीडिया और स्थानीय संगठनों की अपील अब ग्लोबल हो चुकी है।

भुअर अखाड़ा ने जगाई अलख

​इससे पहले, आजमगढ़ के ऐतिहासिक भुअर अखाड़ा ने पहलवानी परंपरा निभाते हुए 11,000 रुपये का सहयोग दिया था। अखाड़े के पहलवानों ने साफ कहा था कि सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से कुछ नहीं होगा, असली मदद पैसे भेजकर ही होगी। इसी का नतीजा है कि अब कंबोडिया जैसे देशों से भी लोग जुड़ने लगे हैं।

देश भर से मदद की बाढ़

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक संकट की इस घड़ी में समाज के कई बड़े नाम सामने आए हैं:

  • राव इंद्रजीत सिंह यादव (हरियाणा): 1.11 करोड़ रुपये का बड़ा ऐलान।
  • तेज प्रताप यादव (बिहार): लालू यादव के बेटे ने 11 लाख रुपये दिए।
  • लखन प्रताप सिंह (शाहजहांपुर): सपा नेता ने 51 हजार रुपये भेजे।

क्या है मामला?

​5 करोड़ के लोन डिफॉल्ट मामले में चेक बाउंस होने पर कोर्ट ने राजपाल यादव को 6 महीने की सजा सुनाई है। सरेंडर करते वक्त उनकी आंखों में आंसू थे और जेब खाली थी। लेकिन अब मिल रहे इस भारी समर्थन से उम्मीद है कि उनका कर्जा जल्द चुकता होगा और वे जेल से बाहर आएंगे।

आजमगढ़/नई दिल्ली: जिस कॉमेडियन ने अपनी एक्टिंग से दो दशकों तक पूरे हिंदुस्तान को हंसाया, आज वह पाई-पाई को मोहताज होकर जेल की सलाखों के पीछे है। 5 करोड़ के लोन डिफॉल्ट मामले में तिहाड़ जेल में बंद राजपाल यादव की भावुक अपील ने यादव समाज को झकझोर कर रख दिया है। देश भर से उठ रहे मदद के हाथों के बीच अब आजमगढ़ भी पीछे नहीं है।

जिले के प्रसिद्ध भुअर अखाड़ा (Bhuar Akhara) ने पहलवानी परंपरा और सामाजिक एकजुटता का परिचय देते हुए राजपाल यादव के परिवार को आर्थिक मदद भेजी है।बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव की मुसीबत के समय में यादव समाज ढाल बनकर खड़ा हो गया है। तिहाड़ जेल में बंद राजपाल की मदद के लिए शुरू हुई यह मुहीम अब सिर्फ देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक पहुँच गई है।

​आजमगढ़ के भुअर अखाड़ा (Bhuar Akhara) द्वारा की गई मदद की पहल का असर अब सात समंदर पार भी देखने को मिल रहा है। अखाड़े की अपील के बाद कंबोडिया (Cambodia) में रहने वाले ऋषिकेश यादव ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है।

विदेश से आया मदद का संदेश

​भुअर अखाड़ा की पहल को देखते हुए, कंबोडिया में रह रहे ऋषिकेश यादव ने तुरंत 21,000 रुपये की आर्थिक सहायता राजपाल यादव के परिवार को भेजी है।

उन्होंने संदेश दिया है कि:

"हम भले ही देश से दूर हैं, लेकिन अपने समाज के गौरव के लिए हमारा दिल वहीं धड़कता है। राजपाल भाई अकेले नहीं हैं, पूरा समाज उनके साथ है।"

 

​यह मदद साबित करती है कि सोशल मीडिया और स्थानीय संगठनों की अपील अब ग्लोबल हो चुकी है।

भुअर अखाड़ा ने जगाई अलख

​इससे पहले, आजमगढ़ के ऐतिहासिक भुअर अखाड़ा ने पहलवानी परंपरा निभाते हुए 11,000 रुपये का सहयोग दिया था। अखाड़े के पहलवानों ने साफ कहा था कि सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से कुछ नहीं होगा, असली मदद पैसे भेजकर ही होगी। इसी का नतीजा है कि अब कंबोडिया जैसे देशों से भी लोग जुड़ने लगे हैं।

देश भर से मदद की बाढ़

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक संकट की इस घड़ी में समाज के कई बड़े नाम सामने आए हैं:

  • राव इंद्रजीत सिंह यादव (हरियाणा): 1.11 करोड़ रुपये का बड़ा ऐलान।
  • तेज प्रताप यादव (बिहार): लालू यादव के बेटे ने 11 लाख रुपये दिए।
  • लखन प्रताप सिंह (शाहजहांपुर): सपा नेता ने 51 हजार रुपये भेजे।

क्या है मामला?

​5 करोड़ के लोन डिफॉल्ट मामले में चेक बाउंस होने पर कोर्ट ने राजपाल यादव को 6 महीने की सजा सुनाई है। सरेंडर करते वक्त उनकी आंखों में आंसू थे और जेब खाली थी। लेकिन अब मिल रहे इस भारी समर्थन से उम्मीद है कि उनका कर्जा जल्द चुकता होगा और वे जेल से बाहर आएंगे।

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