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) आजमगढ़: मुबारकपुर के चर्चित अली अकबर हत्याकांड में 27 साल बाद आया फैसला, 12 आरोपी दोषी करार; 17 फरवरी को होगा सजा का एलान
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आजमगढ़: मुबारकपुर के चर्चित अली अकबर हत्याकांड में 27 साल बाद आया फैसला, 12 आरोपी दोषी करार; 17 फरवरी को होगा सजा का एलान

📅 13 Feb 2026, 19:33 👁️ 1 व्यूज

आजमगढ़ (द पब्लिक एक्सप्रेस): जनपद के मुबारकपुर थाना क्षेत्र में करीब 27 साल पहले हुए बहुचर्चित अली अकबर हत्याकांड में शुक्रवार को अदालत ने अपना बड़ा फैसला सुना दिया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय प्रकाश पांडेय की अदालत ने इस मामले में सुनवाई पूरी करते हुए 12 आरोपियों को हत्या का कसूरवार ठहराया है। अदालत अब 17 फरवरी को सजा के बिंदु पर फैसला सुनाएगी।

क्या था पूरा मामला?

यह खौफनाक वारदात 27 अप्रैल 1999 की है। पूरा ख्वाजा निवासी अली अकबर मोहर्रम के जुलूस से लौटते वक्त लापता हो गए थे। परिजनों ने काफी तलाश की और 28 अप्रैल को थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। लेकिन 30 अप्रैल 1999 को राजा भाट के पोखरे से अली अकबर की सिर कटी लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। वादी नासिर हुसैन की तहरीर पर पुलिस ने मामले की गहन तफ्तीश शुरू की थी।

विवाद और चार्जशीट

पुलिस की विवेचना में यह बात सामने आई कि यह हत्या शिया-सुन्नी विवाद के चलते अंजाम दी गई थी। पुलिस ने जांच के बाद हुसैन अहमद, मोहम्मद अयूब फैजी, फहीम अख्तर, असरार अहमद समेत कई लोगों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। मामले की सुनवाई के दौरान कुल नौ गवाह पेश किए गए। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बीच चार आरोपियों (हाजी मोहम्मद सुलेमान, नजीबुल्लाह, हमीदुल्लाह और हाजी अब्दुल खालिक) की मृत्यु भी हो गई।

अदालत का फैसला

डीजीसी फौजदारी और एडीजीसी द्वारा पेश किए गए ठोस गवाहों और सबूतों के आधार पर अदालत ने 12 जीवित आरोपियों को दोषी करार दिया। दोषियों में हुसैन अहमद, मोहम्मद अयूब फैजी, फहीम अख्तर, असरार अहमद, मोहम्मद याकूब, अली जहीर, इरशाद, मोहम्मद असहद, अफजल, अलाउद्दीन, दिलशाद और वसीम शामिल हैं।

17 फरवरी पर टिकी निगाहें

दोषी करार दिए जाने के बाद अब पूरे जिले की निगाहें 17 फरवरी पर टिकी हैं, जब अदालत यह तय करेगी कि इन दोषियों को उम्रकैद मिलेगी या कोई और कड़ी सजा। इस फैसले ने एक बार फिर साबित किया है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं और देर से ही सही, इंसाफ जरूर मिलता है।

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