आजमगढ़: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में संगठित अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत निजामाबाद थाना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की गई है। आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी देकर सामूहिक दुष्कर्म और अन्य गंभीर वारदातों को अंजाम देने वाले कुख्यात गैंगस्टर एवं भूमाफिया राजकुमार गौड़ की अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को जिला प्रशासन और पुलिस ने कुर्क कर लिया है।
40 लाख रुपये की अचल संपत्ति कुर्क
- संपत्ति का विवरण: ग्राम रेवरा परवेजपुर स्थित आराजी संख्या-377 में 340.2 वर्ग मीटर भूमि को कुर्क किया गया है।
- अनुमानित कीमत: राजस्व विभाग द्वारा मूल्यांकन किए जाने पर इस संपत्ति की बाजार कीमत लगभग ₹40,00,000 (चालीस लाख रुपये) आंकी गई है।
- प्रशासनिक कार्रवाई: जिला मजिस्ट्रेट, आजमगढ़ द्वारा गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत पारित आदेश के अनुपालन में, दिनांक 13 अगस्त 2026 को मौके पर डुगडुगी पिटवाकर उक्त भूमि को प्रशासनिक कब्जे में लिया गया। इस दौरान आरोपी राजकुमार गौड़ अपने घर पर ही मौजूद था।
क्या है पूरा मामला और आपराधिक इतिहास?
पुलिस जांच में सामने आया कि अभियुक्त राजकुमार गौड़ पुत्र छांगुर गौड़ (निवासी- रेवरा परवेजपुर, थाना निजामाबाद) एक आपराधिक गिरोह का सक्रिय सदस्य है। यह गैंग पीड़िताओं का आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी देता था और सामूहिक दुष्कर्म, मारपीट तथा अवैध शस्त्रों से जुड़ी आपराधिक वारदातों को अंजाम देता था।
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि अभियुक्त ने वर्ष 2020 से अपराध के जरिए अवैध धन कमाकर इस संपत्ति को खरीदा था और अपने अवैध साम्राज्य का विस्तार किया था, जिसकी खरीद के लिए कोई वैध आय का स्रोत नहीं पाया गया।
प्रमुख आपराधिक मुकदमे:
- मु0अ0सं0-207/2020 (धारा 308/504/34 भादवि व 3/25(9) आर्म्स एक्ट, थाना निजामाबाद)
- मु0अ0सं0-208/2020 (धारा 3/25(9) आर्म्स एक्ट, थाना निजामाबाद)
- मु0अ0सं0-464/2024 (धारा 70(1)/352/351(3) BNS व 67A IT Act, थाना निजामाबाद)
- मु0अ0सं0-369/2025 (धारा 2(ख)(1)/3(1) यू0पी0 गैंगस्टर एक्ट, थाना निजामाबाद)
पुलिस का कड़ा संदेश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक नगर, क्षेत्राधिकारी नगर, निजामाबाद थाना पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम मौजूद रही। आजमगढ़ पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि संगठित अपराध और अपराधियों की आर्थिक रीढ़ तोड़ने के लिए 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत भविष्य में भी ऐसी कठोर और विधिसम्मत कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।