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) CM योगी के लिए इस्तीफा देने वाले अफसर का यू-टर्न! ज्वाइन करते ही भाई को बताया मुख्तार अंसारी का गुर्गा, खोल दी पोल
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CM योगी के लिए इस्तीफा देने वाले अफसर का यू-टर्न! ज्वाइन करते ही भाई को बताया मुख्तार अंसारी का गुर्गा, खोल दी पोल

📅 31 Jan 2026, 15:14 👁️ 1 व्यूज
अयोध्या सीएम योगी आदित्यनाथ के समर्थन में अपनी कुर्सी दांव पर लगाने वाले अयोध्या के जीएसटी डिप्टी कमिश्नर (उपायुक्त) प्रशांत कुमार सिंह ने बड़ा 'यू-टर्न' लिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा वापस लेते हुए फिर से नौकरी ज्वाइन कर ली है। लेकिन वापसी के साथ ही उन्होंने अपने सगे भाई पर जो आरोप लगाए हैं, उससे हड़कंप मच गया है। 'बिना किसी दबाव के वापस लिया इस्तीफा' शुक्रवार को अपने कार्यालय में कार्यभार संभालते हुए प्रशांत कुमार ने मीडिया से कहा, "मैंने अपना त्यागपत्र स्वेच्छा से वापस लिया है। मुझ पर शासन या प्रशासन का कोई दबाव नहीं है। आज मैं अपने कार्यालय में हूं और अपना काम कर रहा हूं।" आपको बता दें कि प्रशांत कुमार ने 27 जनवरी को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा पीएम मोदी और सीएम योगी पर की गई कथित अभद्र टिप्पणी से आहत होकर इस्तीफा दे दिया था। भाई को बताया मुख्तार गैंग का 'फाइनेंसर' नौकरी पर लौटते ही प्रशांत कुमार ने अपने भाई विश्वजीत सिंह पर सनसनीखेज आरोप लगाए। उन्होंने कहा, "मेरा भाई विश्वजीत सिंह माफिया मुख्तार अंसारी की 'मऊ गैंग' का सक्रिय सदस्य है और उनका आर्थिक सलाहकार (Financial Advisor) रहा है।" प्रशांत कुमार ने आगे कहा कि उनका भाई एक आपराधिक प्रवृति का व्यक्ति है। उस पर माता-पिता से मारपीट करने, जियो (Jio) के ब्रांच मैनेजर को जान से मारने की धमकी देने और जबरन वसूली करने जैसे कई मुकदमे दर्ज हैं। उनका काम सिर्फ पैसों के लिए दबाव बनाना है। फर्जी सर्टिफिकेट विवाद पर तोड़ी चुप्पी भाई द्वारा लगाए गए 'फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट' के आरोपों पर प्रशांत कुमार ने सबूतों के साथ जवाब दिया। उन्होंने कहा, "2021 में मेरे भाई ने मऊ सीएमओ को शिकायत दी थी कि मेरा सर्टिफिकेट फर्जी है। लेकिन सीएमओ मऊ और सीएमओ अयोध्या ने जांच में मेरे सर्टिफिकेट को बिल्कुल सही पाया है। इसके बावजूद मुझे बार-बार परेशान किया जा रहा है।"

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