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Photo: Sonam Wangchuk's condition worsens, wife warns hospital; Demand not to treat without consent 🔴 BREAKING
राष्ट्रीय

सोनम वांगचुक की हालत बिगड़ी, पत्नी ने अस्पताल को दी चेतावनी; बिना सहमति इलाज न करने की मांग

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| 📅 18 Jul 2026, 11:05 AM | 👁️ 69 | 📍 उत्तर प्रदेश

21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। इस बीच उनकी पत्नी ने बिना सहमति कोई इलाज न करने की मांग कर नया विवाद खड़ा कर दिया।

नई दिल्ली। 21 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल पहुंचने के साथ ही उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो के बयान ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से स्पष्ट कहा कि उनकी अनुमति के बिना सोनम वांगचुक को किसी भी प्रकार का उपचार, दवा या मेडिकल प्रक्रिया न दी जाए। जानकारी के अनुसार, लगातार उपवास के कारण वांगचुक की शारीरिक स्थिति कमजोर होती जा रही थी। डॉक्टरों की सलाह के बाद पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल लेकर पहुंची। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने उनकी जांच शुरू की और स्वास्थ्य पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इधर, अस्पताल पहुंचीं उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने कहा कि सोनम वांगचुक पूरी तरह सचेत हैं और अपनी इच्छा से आंदोलन कर रहे हैं। ऐसे में उनकी स्पष्ट सहमति के बिना किसी प्रकार का इलाज या चिकित्सकीय हस्तक्षेप नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से मरीज के अधिकारों का सम्मान करने की अपील की। वांगचुक पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। उनके समर्थन में बड़ी संख्या में लोग लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। समर्थकों का आरोप है कि आंदोलन को कमजोर करने के उद्देश्य से उन्हें अचानक अस्पताल ले जाया गया, जबकि पुलिस का कहना है कि यह कदम केवल उनकी बिगड़ती सेहत और सुरक्षा को देखते हुए उठाया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, सोनम वांगचुक की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन लंबे उपवास के कारण चिकित्सक उन्हें लगातार निगरानी में रखे हुए हैं। आवश्यकता पड़ने पर आगे की चिकित्सा प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी बहस तेज कर दी है। एक ओर समर्थक आंदोलन जारी रखने की बात कर रहे हैं, तो दूसरी ओर डॉक्टरों का मानना है कि लंबे समय तक भूख हड़ताल स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। फिलहाल सभी की निगाहें सोनम वांगचुक की सेहत और आगे की रणनीति पर टिकी हुई हैं।

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