अपराध
आजमगढ़ साइबर पुलिस का बड़ा खुलासा: 84 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से जुड़े तीन आरोपी गिरफ्तार
jitendra yadav
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📅 16 Jul 2026, 10:13 PM
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📍
Azamgarh
jitendra yadav
📍 उत्तर प्रदेश
आजमगढ़ साइबर क्राइम पुलिस ने करीब 84 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ट्रेडिंग और डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी से जुड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों पर कमीशन के बदले बैंक खाते उपलब्ध कराने का आरोप है। पुलिस ने उनके पास से 5 मोबाइल, 2 एटीएम कार्ड और 3,860 रुपये नकद बरामद किए हैं।
आजमगढ़। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ऑनलाइन ट्रेडिंग और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर देशभर में साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के बैंक खाते से जुड़े मामलों में करीब 83.94 करोड़ रुपये (लगभग 84 करोड़ रुपये) की साइबर ठगी सामने आई है। आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन, दो एटीएम कार्ड और 3,860 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में हुई कार्रवाई के दौरान प्रतिबिंब पोर्टल पर संदिग्ध बैंक खाते की जांच की गई। जांच में पता चला कि NIHASA MANPOWER SERVICES PVT LTD के खाते पर देश के 20 राज्यों से 73 साइबर शिकायतें दर्ज थीं। इन शिकायतों में ऑनलाइन ट्रेडिंग और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों से ठगी की गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि उक्त खाते में करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ था।
विवेचना के दौरान पुलिस ने आनंद रॉव, सुनील और प्रशांत सिंह उर्फ लकी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने कमीशन के लालच में अपनी फर्म का बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था। खाते की जानकारी अन्य गिरोह के सदस्यों तक पहुंचाई गई, जिसके जरिए साइबर अपराध से प्राप्त धनराशि का लेनदेन किया जाता था। केवल 14 से 18 नवंबर 2025 के बीच इस खाते में 4.85 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ था।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय भेज दिया है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश और साइबर ठगी के नेटवर्क की जांच जारी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में हुई कार्रवाई के दौरान प्रतिबिंब पोर्टल पर संदिग्ध बैंक खाते की जांच की गई। जांच में पता चला कि NIHASA MANPOWER SERVICES PVT LTD के खाते पर देश के 20 राज्यों से 73 साइबर शिकायतें दर्ज थीं। इन शिकायतों में ऑनलाइन ट्रेडिंग और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों से ठगी की गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि उक्त खाते में करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ था।
विवेचना के दौरान पुलिस ने आनंद रॉव, सुनील और प्रशांत सिंह उर्फ लकी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने कमीशन के लालच में अपनी फर्म का बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था। खाते की जानकारी अन्य गिरोह के सदस्यों तक पहुंचाई गई, जिसके जरिए साइबर अपराध से प्राप्त धनराशि का लेनदेन किया जाता था। केवल 14 से 18 नवंबर 2025 के बीच इस खाते में 4.85 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ था।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय भेज दिया है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश और साइबर ठगी के नेटवर्क की जांच जारी है।
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