अपराध
फर्जी खतौनी से खड़ा किया 10 करोड़ का साम्राज्य, गैंगस्टर के.सी. राय की आलीशान इमारत होगी कुर्क
👤 jitendra yadav
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📅 11 Jul 2026, 08:33 AM
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📍 उत्तर प्रदेश , Azamgarh
आजमगढ़। संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में आजमगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर कुख्यात गैंगस्टर, भूमाफिया और हिस्ट्रीशीटर कृष्णचंद्र राय उर्फ के.सी. राय की लगभग 10 करोड़ रुपये मूल्य की गगनचुंबी इमारत को धारा 107 बीएनएसएस के तहत कुर्क किए जाने का आदेश जारी किया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने फर्जी खतौनी तैयार कर जमीन के नाम पर लोगों से ठगी की और उसी अवैध कमाई से वर्ष 2012 से लगातार जमीन खरीदकर पांच गाटा संख्या में फैला आलीशान भवन तैयार किया। समय-समय पर इस इमारत का विस्तार और नवीनीकरण भी अपराध से अर्जित धन से किया गया।
जांच एजेंसियों ने यह भी पाया कि भवन का उपयोग गैंग के सदस्यों के जमावड़े और आपराधिक गतिविधियों की योजना बनाने के लिए किया जाता था। राजस्व विभाग और लोक निर्माण विभाग के मूल्यांकन में इसकी बाजार कीमत करीब 10 करोड़ रुपये आंकी गई।
न्यायालय ने अपने आदेश में माना कि आरोपी के पास भवन निर्माण या बैंक ऋण की किस्तें चुकाने के लिए कोई वैध आय का स्रोत नहीं था। इसी आधार पर संपत्ति की कुर्की का आदेश पारित किया गया और तहसीलदार को उसका प्रशासक नियुक्त किया गया।
वर्तमान में के.सी. राय जेल में निरुद्ध है और उसे प्रशासनिक आधार पर अंबेडकरनगर कारागार स्थानांतरित किया जा चुका है। आजमगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराध से अर्जित संपत्तियों पर कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी और संगठित अपराधियों के आर्थिक नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने फर्जी खतौनी तैयार कर जमीन के नाम पर लोगों से ठगी की और उसी अवैध कमाई से वर्ष 2012 से लगातार जमीन खरीदकर पांच गाटा संख्या में फैला आलीशान भवन तैयार किया। समय-समय पर इस इमारत का विस्तार और नवीनीकरण भी अपराध से अर्जित धन से किया गया।
जांच एजेंसियों ने यह भी पाया कि भवन का उपयोग गैंग के सदस्यों के जमावड़े और आपराधिक गतिविधियों की योजना बनाने के लिए किया जाता था। राजस्व विभाग और लोक निर्माण विभाग के मूल्यांकन में इसकी बाजार कीमत करीब 10 करोड़ रुपये आंकी गई।
न्यायालय ने अपने आदेश में माना कि आरोपी के पास भवन निर्माण या बैंक ऋण की किस्तें चुकाने के लिए कोई वैध आय का स्रोत नहीं था। इसी आधार पर संपत्ति की कुर्की का आदेश पारित किया गया और तहसीलदार को उसका प्रशासक नियुक्त किया गया।
वर्तमान में के.सी. राय जेल में निरुद्ध है और उसे प्रशासनिक आधार पर अंबेडकरनगर कारागार स्थानांतरित किया जा चुका है। आजमगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराध से अर्जित संपत्तियों पर कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी और संगठित अपराधियों के आर्थिक नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा।
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