अपराध
ऑपरेशन CyVazra: आजमगढ़ पुलिस का सबसे बड़ा साइबर एक्शन, 11 ठग गिरफ्तार, 684 शिकायतों का खुलासा
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📅 12 Jul 2026, 12:59 PM
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📍 Azamgarh
ऑपरेशन CyVazra के तहत आजमगढ़ पुलिस ने देशभर में साइबर ठगी करने वाले बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई में 684 शिकायतों का खुलासा, ₹10.46 लाख फ्रीज, लग्जरी वाहन, आईफोन, फर्जी दस्तावेज और एटीएम कार्ड समेत कई सामान बरामद किए गए।
ऑपरेशन CyVazra के तहत आजमगढ़ पुलिस ने देशभर में साइबर ठगी करने वाले बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई में 684 शिकायतों का खुलासा, ₹10.46 लाख फ्रीज, लग्जरी वाहन, आईफोन, फर्जी दस्तावेज और एटीएम कार्ड समेत कई सामान बरामद किए गए।
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष अभियान "ऑपरेशन CyVazra" के तहत आजमगढ़ पुलिस ने देशभर में सक्रिय साइबर ठगी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान 684 से अधिक राष्ट्रीय साइबर शिकायतों (NCRP) का विश्लेषण किया गया और 13 मुकदमे दर्ज किए गए।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 10.46 लाख रुपये की ठगी की रकम विभिन्न बैंक खातों में फ्रीज कराई। साथ ही एक महिंद्रा थार, दो मोटरसाइकिलें, 13 हाई-एंड मोबाइल फोन, विदेशी सिम कार्ड, फर्जी आधार-पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, ब्लैंक चेकबुक, नकदी और कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए।
जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह फर्जी कंपनियां बनाकर म्यूल बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी की रकम का लेन-देन करता था। इसके अलावा फर्जी विदेशी वर्क परमिट बनाकर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी, टेलीग्राम पर गेमिंग और लॉटरी फ्रॉड, तथा अश्लील सामग्री बेचकर ब्लैकमेलिंग जैसे संगठित साइबर अपराधों को अंजाम दिया जा रहा था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि साइबर अपराधियों के पूरे नेटवर्क की तकनीकी जांच जारी है और इनके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष अभियान "ऑपरेशन CyVazra" के तहत आजमगढ़ पुलिस ने देशभर में सक्रिय साइबर ठगी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान 684 से अधिक राष्ट्रीय साइबर शिकायतों (NCRP) का विश्लेषण किया गया और 13 मुकदमे दर्ज किए गए।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 10.46 लाख रुपये की ठगी की रकम विभिन्न बैंक खातों में फ्रीज कराई। साथ ही एक महिंद्रा थार, दो मोटरसाइकिलें, 13 हाई-एंड मोबाइल फोन, विदेशी सिम कार्ड, फर्जी आधार-पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, ब्लैंक चेकबुक, नकदी और कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए।
जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह फर्जी कंपनियां बनाकर म्यूल बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी की रकम का लेन-देन करता था। इसके अलावा फर्जी विदेशी वर्क परमिट बनाकर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी, टेलीग्राम पर गेमिंग और लॉटरी फ्रॉड, तथा अश्लील सामग्री बेचकर ब्लैकमेलिंग जैसे संगठित साइबर अपराधों को अंजाम दिया जा रहा था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि साइबर अपराधियों के पूरे नेटवर्क की तकनीकी जांच जारी है और इनके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।