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Breaking: Mastermind of investment fraud of Rs 3.14 crore caught, had hatched a conspiracy worth crores by pos...
अपराध

3.14 करोड़ की निवेश ठगी का मास्टरमाइंड दबोचा, फर्जी 'कस्टम अफसर' बनकर रची थी करोड़ों की साजिश

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| 📅 18 Jul 2026, 05:20 PM | 👁️ 257 | 📍 Azamgarh

आजमगढ़ पुलिस ने 3.14 करोड़ रुपये की निवेश ठगी मामले में फर्जी कस्टम अधिकारी बनकर लोगों को झांसा देने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

आजमगढ़ पुलिस ने 3.14 करोड़ रुपये की निवेश ठगी मामले में फर्जी कस्टम अधिकारी बनकर लोगों को झांसा देने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

आजमगढ़। आजमगढ़ पुलिस ने करोड़ों रुपये की निवेश ठगी के बहुचर्चित मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए फर्जी कस्टम अधिकारी बनकर लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने ऊंचे मुनाफे का लालच देकर 3.14 करोड़ रुपये का निवेश कराया और बाद में करोड़ों रुपये हड़प लिए। रुपये वापस मांगने पर पीड़ितों को जान से मारने की धमकी भी दी गई। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने खुद को कस्टम विभाग का अधिकारी बताते हुए फर्जी पहचान पत्र और कूटरचित दस्तावेज दिखाकर लोगों का विश्वास जीता। उन्होंने दिल्ली में कस्टम कमिश्नर से संबंध होने का दावा करते हुए तांबा, सोना, कपड़ा और मोबाइल कारोबार में निवेश पर 50 से 90 प्रतिशत तक मुनाफा दिलाने का झांसा दिया। शुरुआत में कुछ रकम लौटाकर भरोसा कायम किया गया, जिसके बाद पीड़ितों ने करोड़ों रुपये निवेश कर दिए। जांच में सामने आया कि पीड़ितों से कुल 3 करोड़ 14 लाख रुपये लिए गए, लेकिन केवल 51 लाख रुपये लौटाए गए। शेष 2 करोड़ 63 लाख रुपये हड़प लिए गए। रकम वापस मांगने पर आरोपियों ने धमकियां देना शुरू कर दिया, जिसके बाद मामला थाना कोतवाली में दर्ज कराया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए गए अभियान के तहत पुलिस ने शनिवार को कंधरापुर बाजार से विकास राय और विशाल राय को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और ठगी में इस्तेमाल किए गए नेटवर्क तथा संपत्तियों की भी जांच कर रही है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल करें। सरकारी अधिकारी बनकर अधिक मुनाफे का लालच देने वाले लोगों से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
आजमगढ़। आजमगढ़ पुलिस ने करोड़ों रुपये की निवेश ठगी के बहुचर्चित मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए फर्जी कस्टम अधिकारी बनकर लोगों से करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने ऊंचे मुनाफे का लालच देकर 3.14 करोड़ रुपये का निवेश कराया और बाद में करोड़ों रुपये हड़प लिए। रुपये वापस मांगने पर पीड़ितों को जान से मारने की धमकी भी दी गई। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने खुद को कस्टम विभाग का अधिकारी बताते हुए फर्जी पहचान पत्र और कूटरचित दस्तावेज दिखाकर लोगों का विश्वास जीता। उन्होंने दिल्ली में कस्टम कमिश्नर से संबंध होने का दावा करते हुए तांबा, सोना, कपड़ा और मोबाइल कारोबार में निवेश पर 50 से 90 प्रतिशत तक मुनाफा दिलाने का झांसा दिया। शुरुआत में कुछ रकम लौटाकर भरोसा कायम किया गया, जिसके बाद पीड़ितों ने करोड़ों रुपये निवेश कर दिए। जांच में सामने आया कि पीड़ितों से कुल 3 करोड़ 14 लाख रुपये लिए गए, लेकिन केवल 51 लाख रुपये लौटाए गए। शेष 2 करोड़ 63 लाख रुपये हड़प लिए गए। रकम वापस मांगने पर आरोपियों ने धमकियां देना शुरू कर दिया, जिसके बाद मामला थाना कोतवाली में दर्ज कराया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए गए अभियान के तहत पुलिस ने शनिवार को कंधरापुर बाजार से विकास राय और विशाल राय को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और ठगी में इस्तेमाल किए गए नेटवर्क तथा संपत्तियों की भी जांच कर रही है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल करें। सरकारी अधिकारी बनकर अधिक मुनाफे का लालच देने वाले लोगों से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

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