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राजनीति
डिजिटल डकैती का 'इंटरनेशनल हेडक्वार्टर': आजमगढ़ पुलिस ने ध्वस्त किया 110 करोड़ का 'चीनी-दुबई' सिंडिकेट, 17 खूंखार ठगों पर गैंगस्टर!
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📅 17 Mar 2026, 05:14 AM
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आजमगढ़ पुलिस का बड़ा एक्शन! 110 करोड़ रुपये की अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी करने वाले गिरोह के 17 सदस्यों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई। चीन और दुबई तक जुड़े हैं तार।
आजमगढ़ पुलिस का बड़ा एक्शन! 110 करोड़ रुपये की अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी करने वाले गिरोह के 17 सदस्यों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई। चीन और दुबई तक जुड़े हैं तार।
आजमगढ़: जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में आजमगढ़ पुलिस ने एक अंतरराज्यीय संगठित साइबर ठग गिरोह की कमर तोड़ दी है। 110 करोड़ रुपये के अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड को अंजाम देने वाले इस गैंग के लीडर सुल्तान अंसारी सहित 17 शातिर अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई की गई है।
चीन और दुबई से संचालित हो रहा था नेटवर्क
विवेचना के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस गिरोह के तार केवल भारत के अलग-अलग राज्यों तक ही सीमित नहीं थे, बल्कि इनके हैंडलर चीन, दुबई और अन्य खाड़ी देशों में बैठकर ठगी का ताना-बाना बुन रहे थे। यह गैंग एक संगठित सिंडिकेट की तरह काम कर रहा था, जिसका मुख्य मकसद भोले-भाले लोगों की मेहनत की कमाई को डिजिटल तरीके से लूटना था।
'PM KISAN YOJANA' के नाम पर मोबाइल हैकिंग
यह गिरोह ठगी के लिए बेहद आधुनिक और खतरनाक तरीका अपनाता था। गिरोह के सदस्य पीड़ितों को "PM KISAN YOJANA (.APK)" का फर्जी लिंक भेजते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति इस ऐप को इंस्टॉल करता, उसका पूरा मोबाइल फोन हैक हो जाता था। इसके बाद अपराधी ओटीपी (OTP), पासवर्ड और बैंक विवरण हासिल कर खातों से मोटी रकम साफ कर देते थे। बिन्द्रा बाज़ार के एक पीड़ित करन गुप्ता से इसी तरह 7.77 लाख रुपये की ठगी की गई थी।
बरामदगी और बैंक खाते फ्रीज
पुलिस ने इस गिरोह के पास से अब तक भारी मात्रा में उपकरण बरामद किए हैं:
उपकरण: 26 मोबाइल फोन, 15 सिम कार्ड, 14 एटीएम कार्ड।
वाहन: घटना में प्रयुक्त 02 लग्जरी कारें।
नगदी: 26,500 रुपये नगद और भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स।
बैंक बैलेंस: पुलिस ने गिरोह के विभिन्न खातों में जमा लगभग 17,50,000 रुपये की राशि को फ्रीज करा दिया है।
जिलाधिकारी ने दी गैंगचार्ट को मंजूरी
एसएसपी डॉ. अनिल कुमार की संस्तुति पर जिलाधिकारी आजमगढ़ ने गैंगचार्ट पर अनुमोदन प्रदान किया, जिसके बाद थाना साइबर क्राइम पर मु0अ0सं0 13/2026 धारा 3(1) उ0प्र0 गिरोह बन्द अधिनियम (गैंगस्टर एक्ट) के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
इन 17 अपराधियों पर लगा गैंगस्टर एक्ट
गैंग लीडर सुल्तान अंसारी (झारखंड) के साथ परवेज अंसारी (देवरिया/लखनऊ), मो. कलीम (लखनऊ), इमरान अली (रामपुर), अंकित कुमार (दिल्ली), सरफराज (छत्तीसगढ़), आदेश सिंह (कानपुर), अमन प्रताप निषाद (सोनभद्र), अमित सिंह (गाजीपुर), अतुल सिंह चौहान (शाहजहांपुर), विनायक मालवीय (सोनभद्र), अर्जुन सिंह (सोनभद्र), अतुल आनंद (चंदौली), पंकज पाण्डेय (चंदौली), अभिनव चौरसिया (गोरखपुर), चंद्रभूषण सिंह (गाजीपुर) और बृजेश कुमार (बिहार) के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
एसएसपी की अपील: "अनजान APK फाइल से रहें सावधान"
एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने जनता को आगाह किया है कि किसी भी अज्ञात नंबर से भेजी गई APK फाइल या संदिग्ध लिंक को डाउनलोड न करें। इसमें मालवेयर हो सकता है जो आपके फोन को हैक कर बैंक खाता खाली कर सकता है।
आजमगढ़: जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में आजमगढ़ पुलिस ने एक अंतरराज्यीय संगठित साइबर ठग गिरोह की कमर तोड़ दी है। 110 करोड़ रुपये के अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड को अंजाम देने वाले इस गैंग के लीडर सुल्तान अंसारी सहित 17 शातिर अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई की गई है।
चीन और दुबई से संचालित हो रहा था नेटवर्क
विवेचना के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस गिरोह के तार केवल भारत के अलग-अलग राज्यों तक ही सीमित नहीं थे, बल्कि इनके हैंडलर चीन, दुबई और अन्य खाड़ी देशों में बैठकर ठगी का ताना-बाना बुन रहे थे। यह गैंग एक संगठित सिंडिकेट की तरह काम कर रहा था, जिसका मुख्य मकसद भोले-भाले लोगों की मेहनत की कमाई को डिजिटल तरीके से लूटना था।
'PM KISAN YOJANA' के नाम पर मोबाइल हैकिंग
यह गिरोह ठगी के लिए बेहद आधुनिक और खतरनाक तरीका अपनाता था। गिरोह के सदस्य पीड़ितों को "PM KISAN YOJANA (.APK)" का फर्जी लिंक भेजते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति इस ऐप को इंस्टॉल करता, उसका पूरा मोबाइल फोन हैक हो जाता था। इसके बाद अपराधी ओटीपी (OTP), पासवर्ड और बैंक विवरण हासिल कर खातों से मोटी रकम साफ कर देते थे। बिन्द्रा बाज़ार के एक पीड़ित करन गुप्ता से इसी तरह 7.77 लाख रुपये की ठगी की गई थी।
बरामदगी और बैंक खाते फ्रीज
पुलिस ने इस गिरोह के पास से अब तक भारी मात्रा में उपकरण बरामद किए हैं:
उपकरण: 26 मोबाइल फोन, 15 सिम कार्ड, 14 एटीएम कार्ड।
वाहन: घटना में प्रयुक्त 02 लग्जरी कारें।
नगदी: 26,500 रुपये नगद और भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स।
बैंक बैलेंस: पुलिस ने गिरोह के विभिन्न खातों में जमा लगभग 17,50,000 रुपये की राशि को फ्रीज करा दिया है।
जिलाधिकारी ने दी गैंगचार्ट को मंजूरी
एसएसपी डॉ. अनिल कुमार की संस्तुति पर जिलाधिकारी आजमगढ़ ने गैंगचार्ट पर अनुमोदन प्रदान किया, जिसके बाद थाना साइबर क्राइम पर मु0अ0सं0 13/2026 धारा 3(1) उ0प्र0 गिरोह बन्द अधिनियम (गैंगस्टर एक्ट) के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
इन 17 अपराधियों पर लगा गैंगस्टर एक्ट
गैंग लीडर सुल्तान अंसारी (झारखंड) के साथ परवेज अंसारी (देवरिया/लखनऊ), मो. कलीम (लखनऊ), इमरान अली (रामपुर), अंकित कुमार (दिल्ली), सरफराज (छत्तीसगढ़), आदेश सिंह (कानपुर), अमन प्रताप निषाद (सोनभद्र), अमित सिंह (गाजीपुर), अतुल सिंह चौहान (शाहजहांपुर), विनायक मालवीय (सोनभद्र), अर्जुन सिंह (सोनभद्र), अतुल आनंद (चंदौली), पंकज पाण्डेय (चंदौली), अभिनव चौरसिया (गोरखपुर), चंद्रभूषण सिंह (गाजीपुर) और बृजेश कुमार (बिहार) के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
एसएसपी की अपील: "अनजान APK फाइल से रहें सावधान"
एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने जनता को आगाह किया है कि किसी भी अज्ञात नंबर से भेजी गई APK फाइल या संदिग्ध लिंक को डाउनलोड न करें। इसमें मालवेयर हो सकता है जो आपके फोन को हैक कर बैंक खाता खाली कर सकता है।