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Breaking: Cleanliness on paper, dirt on the ground! Serious allegations of negligence on the sweeper in Baidra...
विकास

कागज़ों में सफाई, ज़मीन पर गंदगी! बैदरा गांव में सफाईकर्मी पर लापरवाही के गंभीर आरोप, ग्रामीण बोले– "आज तक नहीं देखा काम करते"

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| | 👁️ 110 | 📍 सगड़ी
आजमगढ़। स्वच्छ भारत मिशन के दावों के बीच महाराजगंज विकासखंड की ग्राम पंचायत गोसाईपुर के बैदरा गांव से सामने आई तस्वीरें सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं। गांव में तैनात सफाईकर्मी चैतू यादव पर ग्रामीणों ने ड्यूटी से लगातार गायब रहने और वर्षों से सफाई कार्य न करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि गांव की सफाई व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे है, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में नियमित सफाई दिखाई जा रही है। ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद जब मीडिया टीम बैदरा गांव पहुंची तो मौके पर हालात बेहद चिंताजनक मिले। गांव की नालियां गंदगी से पटी हुई थीं, कई स्थानों पर जलनिकासी पूरी तरह बाधित थी और गलियों में गंदा पानी जमा था। सार्वजनिक स्थलों पर भी गंदगी का अंबार दिखाई दिया। स्थानीय लोगों को मजबूरन इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों ने कैमरे के सामने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की। एक ग्रामीण ने कहा, "हमारे गांव में सफाईकर्मी तैनात है, इसकी जानकारी भी हमें नहीं थी। आज तक उसे गांव में झाड़ू लगाते या नाली साफ करते नहीं देखा।" ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में नियमित सफाई नहीं होने से बरसात के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। एक अन्य ग्रामीण ने आरोप लगाया कि संबंधित सफाईकर्मी नशे का सेवन करता है। उनका कहना है कि वह गांजा पीकर एक दुकान पर बैठा या सोया रहता है और बिना गांव में कोई सफाई कार्य किए ही वापस चला जाता है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले को लेकर जब सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि बैदरा गांव में सफाईकर्मी के रूप में चैतू यादव की तैनाती है। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीणों की ओर से शिकायत प्राप्त होती है तो मामले की जांच कराई जाएगी और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित सफाईकर्मी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अब सवाल यह है कि यदि गांव में नियमित रूप से सफाईकर्मी की तैनाती है, तो फिर गांव की नालियां जाम क्यों हैं? गलियों में जलभराव क्यों है? और आखिर ग्रामीणों को गंदगी के बीच जीवन जीने के लिए क्यों मजबूर होना पड़ रहा है? इन सवालों का जवाब अब प्रशासनिक जांच के बाद ही सामने आएगा। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, सफाई व्यवस्था तत्काल दुरुस्त कराई जाए और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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